मुख्य लेख

असत्य बात बोलने वाला

September, 2016

प्रवक्ताः आनन्द शर्माः उन्होंने कहा कि देष के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी ने एक चैंकाने वाला वक्तव्य दिया कि भारतीय जनता पाट को भारत की आजादी के बाद इतनी मुष्किलात और तकलीफ झेलनी पड़ी, जो कांग्रेस पाट और स्वतंत्रता सेनानियों को अंग्रेजी शासन के दौरान भी नहीं झेलनी पड़ी थी। ये एक ऐतिहासिक झूठ है। प्रधानमंत्री जी को अपने पद की गरिमा बनाए रखते हुए जिम्मेवारी से, सच्चाई से अपनी बात कहनी चाहिए। अगर देष के प्रधानमंत्री जी स्वयं असत्य बात करें, इतिहास को तोड़-मरोड़ कर देष की जनता के सामने रखें और एक और ऐसी सहानुभूति प्राप्त करने की चेष्ठा करें जो न्योयोचित नहीं है और ना ही बीजेपी आर.एस.एस उस सहानुभूति के काबिल है।

संपादकीय

सरोगेसी बिल

September, 2016

प्रवक्ताः डा. अभिषेक मनु सिंघवीः उन्होंने कहा कि नई सरोगेसी बिल जिसे संभवतः कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है वह आदिम सोच का नमूना लगती है। ऐसा प्रतीत होता है कि इसमें हर तरह की उदारता का विरोधी, रूख को अपनाया गया है, उसमें हम जिस समाज में रह रहे हैं उसकी जरूरतों के बिल्कुल और वर्ष 2016 के प्रतिकूल, अवैज्ञानिक, अप्रगतिषील रवैया अपनाया गया है। इसमें हर तरहह के मूल्य आधारित अभिभावकत्व के फैसले को जोड़ा गया है। मैं आपको इससे संबंद्ध कुछ उदाहरण देता हूं।

स्काॅरपेन डाटा लीक का मामला

September, 2016

प्रवक्ताः श्री मनीष तिवारीः उन्होंने कहा कि आज हम एक बहुत मौलिक सवाल पूछना चाहते हैं कि स्काॅरपेन डाटा लीक के मामले में भारत के विदेष मंत्री चुप क्यूं हैं? सरकार इस बात का टालमटोल भरा जवाब क्यूं दे रही है कि पानी के अंदर के रास्ते के मामले में गोपनीयता भंग हुई है और इस पर कोई समझौता नहीं हुआ है।

संपादकीय

August, 2016

भारत ने 15 अगस्त, 2016 को 70वां स्वाधीनता दिवस मनाया। भारत इसी तारीख को 1947 में ब्रिटिश औपनिवेशिक सत्ता से आजाद होकर एक सार्वभौम जनतांत्रिक गणतंत्र बना था। 15 अगस्त, 1947 की पूर्व संध्या पर प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लाल किला, नई दिल्ली, के प्राचीर से गर्व के साथ तिरंगा फहराया था। नेहरू का ‘‘ट्रिस्ट विद डेस्टिनी’’ (ज्तलेज पूंजी क्मेजपदल) का कथन सारे भारतीयों के लिए गौरव का क्षण था जो स्वतंत्र भारत के इतिहास के पन्नों में अंकित है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने विपरीत परिस्थितियों में भी स्वाधीनता आंदोलन के दौरान एवं बाद में सही मेंमें एकीकरण की शक्ति के रूप में काम किया था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत के राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान एक ऐसी शक्ति के रूप म काम किया था जिसने तत्कालीन राजनीतिक ढांचे को सही जनतांत्रिक ढांचे में परिवर्तित कर दिया था। इस संघर्ष में राज्य की शक्ति खूनी क्रांति से नहीं, बल्कि लंबी अवधि के जन संघर्षों से निकल कर आई थी। यह जन आंदोलन बहुस्तरीय राजनीतिक-सैद्धान्तिक स्तर पर दिल से निर्मित हुआ था, ताकि ब्रिटिश राज की दादागीरी के खिलाफ भावना उभर सके। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अति व्यापक आंदोलन का नेतृत्व किया था ताकि नागरिकों की आजादी और गांधीवादी अहिंसा, शांति एवं सत्यता के सिद्धांतों के आधार पर आर्थिक विकास के लिए शौर्यपूर्वक लड़ा जा सके।

उत्तर प्रदेश भारी उम्मीदों एवं आशा के साथ कांग्रेस पार्टी की ओर मुखातिब है। उत्तर प्रदेश कुशासन एवं कुव्यवस्था के दौर से गुजर रहा है। कांग्रेस पार्टी ने ‘‘27 साल, उत्तर प्रदेश बेहाल’’ का सटीक नारा दिया है। वास्तव में यह नारा उत्तर प्रदेश के लोगों की दयनीय एवं अति निराषाजनक स्थिति को दर्शाता है।

August, 2016

राज्य के लोग व्यापक भ्रष्टाचार, गंभीर अपराध, भाई-भतीजावाद, पक्षपात, सांप्रदायिकता एवं नाते-रिष्तेदारों की राजनीति, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार, दलितों एवं अति महत्वपूर्ण विकास के अभाव की स्थिति से जूझ रहे हैं।

श्रीमती सोनिया गांधी का वाराणसी रोड-शो

August, 2016

कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने 2 अगस्त, 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में विशाल जन-प्रदर्शन का नेतृत्व किया। कार्यक्रम रोड शो एवं राज्य में पार्टी उपाध्यक्ष श्री राहुल गांधी की रैली के साथ सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम 2017 में प्रस्तावित विधान सभा चुनाव के लिए पार्टी के चुनाव अभियान की शरूुआत है। पिछले एक दशक के दौरान पहली बार श्रीमती गांधी का वाराणसी में कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस बीच सोषल मीडिया ‘‘दर्द-ए-बनारस’’ नामक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है ताकि मोदी शासन के दो साल की विभिन्न समस्याओं को उजागर किया जा सके जिनका वहां के विभिन्न समुदाय सामना कर रहे हैं। इसे उत्तर प्रदेश के चुनाव के मद्देनजर भाजपा की असली छवि को जनता के सामने उजागर करने के प्रयास के रूप में भी देखा जा रहा है, जिसने अभी तक किसी को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित नहीं किया है।

हमारी पार्टी, उत्तर प्रदेश के सत्ताइस सालों के शोषण और यहां की जनता के दुखद हालातों को सुधारने के लिए चुनाव लड़ेगीः सोनिया गांधी

August, 2016

नई दिल्लीः अस्वस्थ होने के कारण कांग्रेस अध्यक्ष, श्रीमती सोनिया गांधी के वाराणसी दौरे का आखिरी चरण संपूर्ण नहीं हो पाया। श्रीमती सोनिया गांधी को 2 अगस्त की देर रात स्वास्थ्य लाभ हेतु दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती किया गया।

70वां स्वाधीनता दिवस

August, 2016

हर साल 15 अगस्त को स्वाधीनता दिवस मनाया जाता है। भारत ने अपना 70वां स्वाधीनता दिवस 15 अगस्त को मनाया। भारत की आजादी के लिए स्वाधीनता आंदोलन 1857 केा शुरू हुआ था तथा बाद में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस एवं दूसरे राजनीतिक संगठनों ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वाधीनता आंदोलन शुरू किया जिसकी परिणति 15 अगस्त, 1947 को ब्रिटिश शासकों द्वारा सत्ता हस्तांक्षरण के रूप में हुई।

स्वतंत्रता दिवस की 70वीं वर्षगांठ पर कांग्रेस अध्यक्ष का बयान

August, 2016

स्वतंत्रता दिवस की 70वीं वर्षगांठ पर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने देशवासियों को बधाई दी है।

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