|

चर्चा में

1/5/2017 12:00:00 AM

क्या मोदी जी हमें बतायेंगे कि अर्थव्यवस्था में कितना काला धन था?




सभी पुराने 500 और 1000 रुपये के नोटों को जमा करने की अंतिम तिथि 30 दिसंबर, 2016 थी। यह प्रक्रिया 8 नवंबर, 2016 को शुरु हुई थी। उस दिन श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि यह कदम उठाने का कारण काले धन, आतंकवाद और जाली नोटों की आमद को रोकना है। यह भरोसा दिया गया था कि नकदी के रूप में छुपाया हुआ काला धन वापस प्रणाली में नहीं आयेगा।
 
बैंकों में पुराने नोट जमा करने की अंतिम तिथि बीतने के बाद से लगभग एक सप्ताह का समय बीत चुका है और पिछली बार जब भारतीय रिजर्व बैंक ने सार्वजनिक जमा राशि के आंकड़े जारी किये थे तब से लगभग एक महीने का समय बीत चुका है। ऐसे में रिजर्व बैंक और सरकार जनता से ताजा जानकारी क्यों छुपा रही है? मीडिया की खबरों के मुताबिक सच्चाई ये है कि बंद हुए नोटों का लगभग 97 फीसदी पैसा वापस बैंकों में जमा हो चुका है। आयकर बरामदगी से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर कांग्रेस ने शुरू से ही कहा था कि काले धन का एक छोटा सा हिस्सा ही नकदी के रूप में जमा है। और यह नयी रिपोर्ट उस बात की पुष्टि करती है।
 
लगभग 15 लाख रुपये बैंकों के जरिये वापस लौट आये अब यह सवाल पूछने की जरुरत है कि नोटबंदी की असल लागत क्या है? चूंकि 8 नवंबर के बाद से लगभग 120 बेकसूर लोग मारे गए, करोड़ों भारतीयों का रोजगार छिन गया और लाखों कारोबारियों का कारोबार चौपट हो गया। और सरकार चुप्पी साधे बैठी है और इन लोगों के लिये कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही है। सरकार हमें यह बताने में भी सक्षम नहीं है कि निश्चित रूप से कितना पैसा वापस आ चुका है या अर्थव्यवस्था पर इस कदम का अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा या कितना काला धन मिला।
 
देश भर से आ रही समाचार रिपोर्टों पर ही नजर डालने की जरुरत है 8 नवंबर को नोटबंदी के जिन उद्देश्यों को मोदी जी ने अपने भाषण में बताया था वो सारे हासिल करने में वे पूरी तरह से नाकाम रहे। लोग अब पूछ रहे हैं कि मोदी जी क्या भ्रष्टाचार खत्म हो गया? क्या आतंकवाद खत्म हो गया? क्या देश में फर्जी नोट आने बंद हो गये? इन सभी सवालों का जवाब 'नहीं' है।

SHARE
 
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, 24, अकबर रोड, नई दिल्ली - 110011, भारत टेलीफोन: 91-11-23019080 । फैक्स: 91-11-23017047 । ईमेल: connect@inc.in © © 2012-2013 अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी। सर्वाधिकार सुरक्षित। नियम एवं शर्तें | गोपनीयता नीति