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Shri Shakti Sinh Gohil, Spokesperson, AICC addressed the media


https://www.youtube.com/watch?v=mbNb3UE_ihU

श्री शक्ति सिंह गोहिल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि गोवा में मोदी जी ने कहा था, सिर्फ 50 दिन दे दो मित्रों मुझे और 50 दिन के बाद अगर कोई कमजोरी रहे, कोई गलती रहे तो आप जिस चौराहे पर बुलाएंगे, उस चौराहे पर आउंगा और देश जो सजा तय करेगा, वो सजा उठाउंगा। आप सभी के पास वो वीडियो क्लिप होगी जो बार-बार इलेक्ट्रोनिक मीडिया में चलती रही।

देश ने 50 दिन दिए, 8 तारीख के बाद, 9 तारीख को कांग्रेस पार्टी ने बड़ी जिम्मेवारी के साथ कहा कि अगर राष्ट्र हित में कालेधन के खिलाफ आपकी मुहिम है तो हम आपका समर्थन करते हैं, लेकिन जिनका कालाधन नहीं है, जो देश का आम आदमी है, उनको मुश्किल ना हो। आज हम सब जानते हैं कि गाँव का किसान, जिन्होंने अपना प्रोडेक्ट बेचा है, उनको बीज लेना है, मजदूरों को देना है, खाद लेनी है। उस किसान के पास कालाधन नहीं है। अपना खुद का मेहनत का पैसा बैंक में पड़ा है और किसान पैसा नहीं निकाल सकता है।

छोटे व्यापारी जिनका काम रुका पड़ा है और ये जो अवाम की वेदना है, एक जिम्मेवार विपक्ष पार्टी के नाते, अवाम की इस वेदना को आवाज देने के लिए 'जन – वेदना सम्मेलन' कल सुबह 10 बजे तालकटोरा स्टेडियम में होगा। राहुल गाँधी जी, कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष इस सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे। सुबह 10 बजे से लेकर शाम के 4 बजे तक इसके उपर चर्चाएं होंगी। श्री राहुल गाँधी जी, ड़ॉ. मनमोहन सिंह जी और बाकि सारे नेता अपनी बात रखेंगे, वर्किंग कमेटी के सदस्य वहाँ मौजूद रहेंगे। देश के कोने-कोने से चुनिंदा कांग्रेस कार्यकर्ता इसमें हिस्सा लेंगे। जो देशवासी इस नोटबंदी की वजह से कतारों में खड़े थे और जिनका देहांत हुआ है, उनको श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इंदिरा जी की 100 वीं बर्थ एनिवर्सरी है, उसके लिए रेज्यूल्यूशन पारित किया जाएगा।

दुनिया का कोई भी देश कैशलेस नहीं है। कैशलेस के ब्रांड अम्बेडसर मोदी जी हैं, चाईना के शेयर वाली पेटीएम में, अंबानी जी का जियो, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करेंगे तो हर ट्राँजेक्शन पर प्रतिशत देना पडेगा और दुनिया का कोई देश ऐसा नहीं है जहाँ बिना वजह से, छोटे खरीदारी पर भी कैशलेस ट्राँजेक्शन  जबरदस्ती करें और कमीश्न दें।

जर्मनी में 80 प्रतिशत कैश में काम होता है, आस्ट्रेलिया में 65 प्रतिशत होता है, कनाडा में 52 प्रतिशत काम होता है कैश से, तो दुनिया का कोई देश ऐसा नहीं है। दूसरी बात मोदी जी बार-बार कहते हैं कि कैशलेस करो मित्रों क्योंकि इससे कालाधन और भ्रष्टाचार रुक जाएगा। दुनिया में कम कैश इस्तेमाल करने वाले दो देश हैं- जिम्बाबवे और कीनिया दुनिया के टॉप 10 देशों में हैं जहाँ सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार और कालाधन है, अगर कैशलेस से भ्रष्टाचार खत्म होता तो क्या वहाँ नहीं हो जाता। क्या अमेरिका के पास इतना दिमाग नहीं था कि आतंकवाद खत्म करने के लिए, ओसामा को मारने की भी जरुरत नहीं थी, आतंकवाद खत्म हो जाता। मोदी जी के लॉजिक से देखा जाए, दुनिया में कहीं ऐसा नहीं है और हमने भी देखा कि नोटबंदी के बाद सबसे ज्यादा आतंकवादी हमले हमारे देश के ऊपर हुए हैं।

मेरा तो ये सीधा मानना है। जैसे जादूगर होता है। आपकी जेब से पैसा निकाल लेता है, चालाक होता है और फिर हाथ करता है देखो मैंने पैसे नहीं लिए। उसी तरह से भ्रष्टाचार के जादूगर, वो मोदी जी हैं। वो लाखों-करोंडों खाने के बाद कह सकते हैं कि मैं खाता नहीं मित्रों और खाने देता नहीं।

मोदी जी जवाब दें देश की जनता को कि जब देश की जनता की जेब के पैसे आपने फंसा दिए, जरुरी हो गया है कि कैश नहीं इस्तेमाल कर सकते हैं, एटीएम यूज करो, पेटीएम करो, अम्बानी का जियो मनी इस्तेमाल करें। कहीं ऐसा तो नहीं तो 2019 तक इनका जो भी ज्यादा बिजनेस होगा, उससे भाजपा का तो धन संग्रह नहीं है, इसलिए तो आप ब्राँड़ अम्बेडसर नहीं बने हैं।

87 लाख करोड़ एक साल में, ट्रॉजेक्शन कैश में होता है इस देश में। आप सिर्फ 2 प्रतिशत इस पर लगा लो और हिसाब लगाओ कि कितने लाख करोड़ इस देश की जनता की जेब से जाएगा औऱ वो कहाँ जाएगा।

मैं एक दूसरी बात पर आप सभी से बात करना चाहता हूं। दो दिन से मोदी जी गुजरात में हैं। वाईब्रेंट गुजरात मोदी जी ने 2003 में शुरु किया, हर दो साल में होता है।

वाईब्रेंट गुजरात जो मोदी जी ने शुरु किया, उनका एक क्लेम है, 84.55 लाख करोड़ की इन्वेस्टमेंट, इस देश का GDP जितना है, उतना एक राज्य में वाईब्रेंट गुजरात से 84.55 लाख करोड़ का MOU साईन किया है। मैंने जो प्रेस विज्ञप्ती दी है उसमें एक लिंक है, उसको क्लिक करेंगे तो आपको ताज्जुब होगा कि गुजरात सरकार की इन्स्ट्रीज कमीश्नर की वेबसाईट है, उस पर लिखा है। मैंने वो वेबसाईट का लिंक दिया है। कहाँ मोदी जी का क्लेम और कहाँ पर ये सच्चाई। कहाँ पर डेवलपमेंट हो रहा है या नहीं, उसको अगर आप नापना चाहें तो देश के लिए होता है GDP, राज्यों के लिए होता है GSDP, आपको ताज्जुब होगा, कि क्या हालत है। 2010-11 में गुजरात का GSDP करंट प्राईस 20.9 प्रतिशत था। इतना मोदी जी जो कर रहे हैं तो बढ़ना चाहिए। इस साल 2015-16 में वो गिरकर आधा हो गया है, 10 प्रतिशत। आधे से भी कम। मैं सारे सालों का फिगर नहीं बता रहा हूं, आपको ये पूरा चार्ट दिया है। करंट प्राईस पर भी दिया है और दोनों में हर साल गुजरात का GSDP गिरता रहा है। तो ये वाईब्रेंट गुजरात का फायदा किसको मिला?

50 प्रतिशत GSDP में जिसका शेयर है वो है प्राईमेरी सेक्टर, जहाँ मजदूर काम करते हैं, लोग काम करते हैं, वर्किंग क्लास है और दूसरा एग्रीकल्चर। तो 2013-14 में 20.4 प्रतिशत था प्राईमरी सेक्टर में, 2014-15 में गिरकर 19.8 हो गया, देश में एनडीए की सरकार आई, गुजरात का नुकसान देखिए। उसी तरह से एग्रीकल्चर सेक्टर में गिरकर 14.7 हो गया। आज आपमें से कोई भी जाएगा अहमदाबाद, गाँधीनगर में दो दिन में आपको दुनिया भर के विदेशी दिखेंगे। देश का नाम लो और वहाँ पर आपको कोई ना कोई मिल जाएगा, लेकिन वाईब्रेंट गुजरात शुरु होने से पहले गुजरात में कोई भी बीजेपी का नेता या ऑफिसर ढूंढों तो वो दुनिया के किसी ना किसी दूसरे देश में मिलेंगे क्योंकि पब्लिक मनी से वो दुनिया घूमते हैं। विदेश से हमें एफडीआई लेना है, अधिकारी भी ढूंढते हैं और आप देखिए जो FDI है, वो गुजरात का सिर्फ 2 हजार 682 यूएस मिलियन। पूरे देश में उसका प्रतिशत देखो गुजरात का, कुल 5.13 प्रतिशत है और महाराष्ट्र का है 20.16, दिल्ली का है 29.20, कांग्रेस शासित राज्यों का भी गुजरात से कहीं ज्यादा है।

मैंने आपको पहले कहा कि वाईब्रेंट गुजरात सिर्फ करप्शन का एक प्लेटफार्म है, उसके सिर्फ दो उदाहरण मैंने लगाए हैं। एक है कि 144.504 करोड़ की लैंड है, अहमदाबाद के हार्ट में, कोई ऑक्शन नहीं, कोई बिडिंग नहीं। मोदी जी ने कहा कि वाईब्रेंट गुजरात का माहौल है, दे दो। लेकिन मैं उन आईएस अधिकारियों को धन्यवाद देना चाहता हूं उन्होंने कहा हमारी पॉलिसी है कि जो कमेटी है वो उसकी वेल्यू तय करेगी और मैंने आरटीआई में बहुत लड़ने के बाद, वो आपको सेट दिया है, उसके तीसरे पन्ने पर है। रेवेन्यू डिपार्टमेंट और फाईनेंस डिपार्टमेंट ने कहा, ए में देखिए ये पॉलिसी है कि अगर आप किसी को लीज पर देते हैं तो हर साल उसमें 15 प्रतिशत बढ़ाना है जो प्राईस है और वेल्यूएशन करना है, तो वेल्यूएशन कमेटी ने इस केस में मीटिंग की।

अब इसके बाद वाला पन्ना है, वो मोदी जी अध्यक्षता वाली केबिनेट का है। उस केबिनेट ने क्या किया, 144 करोड़ भूल जाओ 1 रुपए में दे दो, केबिनेट रेज्यूलेशन, 37 हजार 388 स्केयर मीटर लैंड।

इसके बाद मैंने RTI लगाया जिसमें 3 करोड़ की लैंड दे दी थी, हम लड़े, सुप्रीम कोर्ट तक आए और सुप्रीम कोर्ट की डिविजन बैंच ने वाईब्रेंट गुजरात में दी हुई लैंड के ऑर्डर को क्लेश किया कि 3 करोड़ लैंड गवर्मेंट की ट्रेजरी में जमा करना पड़ेगा। वाईब्रेंट गुजरात एक बड़ा करप्शन का प्लेटफार्म है।

मैंने annexure भा लगाए हैं। पॉवर सेक्टर में 31 MOU  हुए थे, किसी में कुछ भी नहीं हुआ है।

 
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