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Highlights of the sound bite of Shri Randeep Singh Surjewala 7-3-2017

Created on Tuesday, March 07, 2017 12:00 AM
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि सबसे पहले तो आज दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस उपाध्यक्ष श्री राहुल गाँधी 4:30 बजे पूरी दिल्ली के कार्यकर्ताओं के समागम को संबोधित करेंगे और कई महत्वपूर्ण बातें देश और दिल्ली के बारे में कहेंगे। आप सबको एक बार फिर हम सादर आमंत्रित करते हैं। 

Shri Surjewala said we come to you today with an extremely important issue that affects every ordinary citizen. Modi Government has sanctioned Rs. 26,000 Crore worth of organized fleecing and legalized pilferage from ordinary Indian in the name of Digital India. The mask of Digital India is off and the truth is out for everybody to see. Bank cash registers would be ringing with Rs. 26,000 Crores to be taken, to be recovered from the pockets of every ordinary Indian doing bank or ATM or online transactions. Modi Government would smugly watch banks including Private and Government Banks getting enriched at the cost of the common man. 

First was the unwitting and the devastating decision of demonetization. Prior to demonetization, 90% of consumer transactions in India were in cash and 10% consumer transactions were in electronic form. Post demonetization in the year 2017, Modi Government has kept a target of 30% digital transactions and 70% cash consumer transactions. This target in 2020 would go up to 50% digital and 50% cash transaction. 

The figures are startling. In the year 2017, it is expected that India's ordinary consumers will spend Rs. 170 Lakh Crores – 30% of those will be digital that means 51 lakh Crores worth of transactions would be digital. Even if you accept 0.05% charge which is the minimum, the charge that would go to Government and Banks would be Rs. 26,000 Crore annually and in next three years, when number of transactions go up, then this charge would go up to Rs. 60,000 Crore. This is the true mask of digital India that is coming off with Government not intervening. The truth is that 5 kind of banking charges are now being imposed- 

Firstly - Merchant Discount Rate that is imposed when any ordinary Indian makes any purchase through Credit or Debit Card. 

Secondly - over the counter transaction charge 

Thirdly - charges on ATM transactions after a fixed number of three or four ATM transactions that are free 

Fourthly - charges for not maintaining a minimum balance account in the banks 

Fifthly, charges on online transactions as Modi Government is charging a service tax on the same. 

Now banks charge up to Rs. 150 for over the counter transactions and the SBI, HDFC Bank, ICICI Bank and Axis Bank have already started levying these charges. Not only this, ATM transactions now are subject to similar charges. Merchant Discount Rate for shopping or for affecting purchases through credit or debit cards currently is 0.25% for a debit card if the transaction is up to Rs. 1,000, 0.5% if the transaction is up to Rs. 1000– 2,000 and 1% if the transaction is more than Rs. 1,000/-. So, presuming that everybody conducts a minimum transaction of Rs. 1,000-2,000, you still pay 0.5% of the transaction value. As the media reports are reflecting, from 1.4.2017, as the results for five election going states will come out, Modi Ji wants to further enhance the charge. 

We want to tell Modi Government to stop fleecing ordinary Indians of Rs. 26,000 Crores that it proposes to fleece and pilliarize by way of these multiple transaction fees in the name of Digital India. Digital India means felicitation of transaction and ease of transaction. It does not mean ringing bank registers and Government register as Modi Government watches smugly and ordinary Indian like you and me and everyone hearing this, is fleeced. That is our demand. 

Not only this, we have the festival of Holi – the festival of colours – which is coming shortly. In this festival of Holi, Modi Government is making the taste of people bitter by withdrawing the subsidy on the sugar that is sold through Public Distribution System or Ration Shops. Currently Central Government pays a subsidy of Rs. 18.30 for every Kg. of sugar sold through Ration Shops. Modi Ji, from 1st of April 2017, has withdrawn this subsidy of Rs. 4,500 Crore. The Consumer Affairs Minister Shri Ram Vilas Paswan wrote to Modi Ji and Finance Minister but that letter has also been thrown in the dust bin. 

We ask Shri Narendra Modi, you speak about the poor but only benefit the rich. You are charging Rs. 26,000 Crores annually in the name of Digital India, you are withdrawing even Rs.4,500 subsidy from Ration Shops, is this the commitment of this Government to the poor. 

श्री सुरजेवाला ने पुन: कहा कि आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी का डिजिटल इंडिया का मुखौटा उतर चुका है। 26 हजार करोड़ रुपए की संगठीत वसूली और कानूनी लूट-खुसोट को बैंकिग ट्राँजेक्शन के माध्यम से मोदी सरकार ने एक नया अमलीजामा पहनाकर ईजाज़त दी है। हमारे देश में नोटबंदी से पहले 90 प्रतिशत ट्राँजेक्शन जो उपभोक्ता के द्वारा खरीद-फरोख्त है वो कैश में होता थी। 10 प्रतिशत डिजिटल ट्राँजेक्शन थी। मोदी जी के मुताबिक नोटबंदी के बाद 2017 में उन्होंने 30 प्रतिशत डिजिटल ट्राँजेक्शन का टॉरगेट रखा है। यानि कि 70 प्रतिशत उपभोक्ता ट्राँजेक्शन कैश में और 30 प्रतिशत डिजिटल में। 

वर्ष 2017 के अनुमान दर्शाते हैं कि 125 करोड़ देशवासी 170 लाख करोड़ की खरीद-फरोख्त करेंगे। अगर ये सही है तो इसका 30 प्रतिशत 51 लाख करोड़ बनता है। उस पर 0.5 प्रतिशत आप टैक्स लगाएं, जो मोदी जी लगा रहे हैं बैंकों के माध्यम से तो ये 26 हजार करोड़ की राशी बनती है। 3 साल में जब डिजिटल ट्राँजेक्शन 50 प्रतिशत पर हो जाऐगी तो ये टैक्स बढ़कर सालाना लगभग 60 हजार करोड़ रुपए हो जाएगा। मोदी जी आप डिजिटल इंडिया के मुखौटे को पहनकर इस देश के साधारण जनता से, जो आए दिन खरीद – फरोख्त के लिए बाजार पर निर्भर है, उससे 26 हजार करोड़ की संगठीत वसूली और कानूनी लूट-खसूट क्यों कर रहे हैं, इसका जवाब देशवासी मांग रहे हैं। अब जब 8 तारीख को अभी से 24 घंटे के बाद उत्तर प्रदेश के लोग आखिरी चरण के चुनाव में जाने वाले हैं तो आप गरीब के नाम का लाबादा ओढ़ कर प्रचार कर रहे हैं। 

5 प्रकार के चार्जिज या टैक्स मोदी सरकार लगा रही है। 



पहला मोदी शुल्क है - मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानि जब आप क्रेडिट या डेबिट कार्ड से खरीद-फरोख्त करते हैं, जो उस पर चार्ज लगता है। 

दूसरा है – Over the Counter ट्राँजेक्शन चार्ज, जो बैंक लेता है। 

तीसरा है - एटीएम, अगर आप ट्राँजेक्शन करते हैं तो 3 ट्राँजेक्शन के बाद अब सभी बैंके उस पर एक एक्सट्रा चार्ज लगाएंगे, मोदी शुल्क लगाया करेंगे। 

चौथा मोदी शुल्क है - अगर आप खाते में मिनिमम पैसा नहीं रखेंगे तो बैंके उस पर भी उपभोक्ता से पैसा लिया करेंगे। 

पाँचवा मोदी शुल्क है - जो ऑनलाईन ट्राँजेक्शन कोई करेगा तो उसे सर्विस टैक्स के माध्यम से मोदी सरकार वसूल रही है। 

एक तरफ तो आप 26 हजार करोड़ रुपया इस देश के साधारण जनमानस से वसूल कर आप उसको प्रताड़ित कर रहे हैं और दूसरी तरफ आप गरीब की बात करते हैं। 

केवल इतना ही नहीं Over the Counter यानि अगर आप खाते से लेन-देन करेंगे तो अगर आप 3-4 ट्राँजेक्शन के बाद लेन-देन करेंगे तो 150 रुपया बैंके उपभोक्ताओं के खाते से लेगा। एटीएम के 3 ट्राँजेक्शन के बाद इसी तरह से पैसा वसूला जाएगा। 

अब एक नई सनसनीखेज बात आज ही बाजार में आई है मीडिया के माध्यम से कि 1 अप्रैल 2017 से इस चार्ज को भी मोदी जी बढ़ा कर दुगुना करने वाले हैं। यानि 26 हजार का भी शायद 52 हजार करोड़ हो जाए तो कोई अचंभा मत मानिएगा। 

मोदी जी गरीब की दुहाई देते हैं, गरीब के नाम का लबादा ओढ़ते हैं पूरे उत्तर प्रदेश में। कल उत्तर प्रदेश में 8 वें चरण का चुनाव है तो लोग पूछना चाहते हैं कि गरीब के साथ इस तरह से संगठीत वसूली और कानूनी लूट-खसूट क्यों कर रहे हैं?

केवल इतना ही नहीं जैसे ही चुनाव खत्म होंगे होली के रंगों का त्यौहार आएगा। इस रंगों के त्यौहार के होली को गरीब की होली को कड़वा करने का मोदी जी ने एक नया रास्ता और चुन लिया है। राशन की दुकान में बिकने वाली चीनी में भारत की सरकार सब्सिडी देती आई है, कांग्रेस ने ये शुरु किया था। प्रति किलो पर 18 रुपया 30 पैसे किलो की ये सब्सिडी है, तभी आमजनमास को राशन की दुकान से सस्ती चीनी मिल पाती है प्रदेश के माध्यम से। मोदी जी ने राशन की दुकान पर मिलने वाली सब्सिडी का 4500 करोड़ रुपया एक अप्रैस 2017 से खत्म कर दी है। मोदी जी आप देश के गरीब की होली कड़वी क्यों कर रहे हैं? देश के गरीब के साथ इतना घीनौना अत्याचार क्यों कर रहे हैं कि अब वो राशन की दुकान से 5 किलो चीनी लेने जाता था अब वो नहीं ले पाएगा। इसका जवाब आदरणीय मोदी जी और उनकी सरकार को देश को देना पड़ेगा। जो बात गरीब की बात करते हैं आखिर वो सबसे ज्यादा वसूली साधारण जनमानस से वसूली कर रहे हैं। 

श्री कार्तिक चिदम्बरम के बयान पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में श्री सुरजेवाला ने कहा कि मैंने श्री कार्तिक चिदम्बरम के किसी ऐसे बयान को पढ़ा नहीं। मैं अवश्य उसका अवलोकन करके टिप्पणी करुंगा। लेकिन एक बात स्पष्ट है कि मैंने जब आखिरी बार चैक किया तो कार्तिक चिदम्बरम जी भी अपने पिता की सीट पर संसद का चुनाव लड़े थे कांग्रेस की सीट पर। कांग्रेस का इतिहास और मौजूदा भविष्य वो हमेशा आंतरीक प्रजातंत्र, बलिदान की संस्कृति और देशभक्ति के उपर टिका है। कांग्रेस में साधारण से साधारण कार्यकर्ता को देश के सबसे बड़े पद पर जाने का मौका मिला है और हाथ कंगन को आरसी क्या, मैं आपको याद दिलाउं और हर उस व्यक्ति को जिसके मन में संशय हो कि गुलजारी लाल नंदा जी से लेकर लाल बहादुर शास्त्री तक आदरणीय नरसिम्हा राव जी से लेकर डॉ. मनमोहन सिंह जी तक इस देश के कांग्रेस के प्रधानमंत्री रहे हैं। सबसे ताजा उदाहरण तो डॉ. मनमोहन सिंह जी का है जो एक बेहतरीन अर्थशास्त्री, एक बेहतरीन शिक्षाविद और जिस दिन से उन्होंने बतौर वित्त मंत्री और कांग्रेस के कार्यकर्ता के तौर पर जिम्मेवारी संभाली और फिर 10 साल से इस देश का बेहतरीन नेतृत्व किया ये अपने आप में इस बात का सुबूत है और इससे ज्यादा कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है। 

एक अन्य प्रश्न पर कि अमित शाह जी ने नेटवर्क-18 को इन्ट्रव्यू दिया है, उस पर आप क्या कहेंगे, श्री सुरजेवाला ने कहा कि आदरणीय अमित शाह जी आए दिन जुमलों की डुगडुगी बजाते हैं और जुमलों की डुगडुगी से देश को बहकाते हैं। लेकिन आदरणीय अमित शाह जी और उनके आदरणीय गुरुजी को हम ये कहेंगे कि ये देश 'इवेंट मैनेजमेंट' से नहीं 'नेशन मैनेजमेंट' से चलेगा। तो आदरणीय अमित शाह जी 7 चरणों के उत्तर प्रदेश के चुनाव ने ये साबित कर दिया कि नफरत हारी और मोहब्बत जीती। इसलिए 7 चरणों में शांतिप्रीय, भाईचारे और सद्भाव तरीके से चुनाव हुआ और 8 वें चरण का भाईचारे, सद्भाव और शांति से होगा। क्योंकि मोहब्बत नफरत से बड़ी है, क्योंकि जुड़ाव बंटवारे से बड़ा है, क्योंकि देश, देश को बांटने वालों से बड़ा है। जिस दिन माननीय अमित शाह जी ये बात समझ पाएंगे उस दिन वो अपनी बेतूकी भाषा पर अपने आप लगाम लगा लेंगें। ईश्वर उन्हें सद्बुद्धि दे।

एक अन्य प्रश्न पर कि गायत्री प्रजापती जी अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं और यूपी की कानूनी व्यवस्था पर क्या कहेंगे, श्री सुरजेवाला ने कहा कि गायत्री प्रजापती के खिलाफ कानून अपना काम कर रहा है और करेगा, हमें सम्पूर्ण विश्वास है। जो दोषि हैं उसे सजा मिलेगी, कानूनी और संवेधानिक जिम्मेवारियों का निर्वहन समाजवादी पार्टी की सरकार और मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव जी करने में सक्षम हैं। परंतु ये सवाल उठाने वाले माननीय अमित शाह जी और आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी थोड़ा-सा अंतरमन में भी झांक कर देख लेते और देश को बता देते कि निहालचंद जो केन्द्रीय मंत्री थे और रेप के आरोपी थे, डेढ़ साल मोदी जी के मंत्रीमंडल में मंत्री बने रहे। राजस्थान की पुलिस एक केन्द्रीय मंत्री को तलाश नहीं पाई, क्या उन्होंने यही मापदंड स्वय़ं के उपर भी लागू किया था। क्या आदरणीय प्रधानमंत्री जी ये याद करेंगे कि जब वो गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो बाबू भाई बोकाड़िया जो एक सजायाफ्ता कैदी था उनके मंत्रीमंडल में मंत्री था, शायद वो भूल गए कि ऐसे मंत्री को बर्खास्त कर देना चाहिए। तो थोड़ा सा भाजपा अपनी कर्मकुण्डली भी खोल लें तो सच्चाई का आईना दिख जाएगा। जहाँ तक कानूनी व्यवस्था की बात है ये स्वाभिक है और केवल उत्तर प्रदेश में नहीं पूरे देश में जब भी कोई किसी प्रकार का क्राईम होता है तो जहाँ-जहाँ नीजि प्राईवेट लोगों ने सीसीटीवी घरों के बाहर लगाए हैं, पुलिस उनकी मदद लेती है ताकि क्राईम का ट्रैक भी हो और प्रिवेंशन भी हो। कांग्रेस पार्टी ने तो आंकड़े देकर आदरणीय मोदी जी और आदरणीय राजनाथ सिंह जी को बताया था कि अगर वो दोनों नेशनल क्राईम ब्यूरो के आंकड़े पढ़ लेते तो पता चल जाता देश में जो हमारी बेटियों और माताओं के खिलाफ बलात्कार की घटनाएं हैं, वो सबसे ज्यादा पहले तीनों पायदान पर बीजेपी शासित प्रदेश हैं। जिस प्रकार से यौन छेड़छाड़ की घटनाएं हैं उनमें में पहले तीनों पायदान पर बीजेपी शासित प्रदेश हैं। उसी तरह से महिलाएं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं है उसमें भी पहले तीनों पायदान पर बीजेपी शासित प्रदेश हैं। तो क्या मोदी जी ने ये नसीहत कभी देवेन्द्र फर्नडविस को महाराष्ट्र में दी? क्या कभी डॉ. रमन सिंह जी को या कभी शिवराज सिंह चौहान जी को मध्यप्रदेश में या वसुंधरा राजे जी को राजस्थान में दी/ गुजरात में जहाँ आए दिन गरीबों, दलितों और महिलाओं पर अत्याचार होता है, अगर वो इस पर ध्यान देंगें तो देश की बेहतरी में फायदा होगा। 

एक अन्य प्रश्न पर कि जिस तरह से अमेरिका में 4 भरतीयों पर बड़ा हमला हो चुका है, नरेन्द्र मोदी जी हर बात पर बोलते हैं, लेकिन इस पर क्यों चुप हैं, श्री सुरजेवाला ने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि पूरी दुनिया में आए दिन भारत के नागरिकों पर हमले हो रहे हैं। भारतीय मूल के नागरिकों पर या तो गोलियाँ चलाई जा रही हैं या न्यूजिलैंड से लेकर अमेरिका तक उनको देश निकालने की बात की जा रही है। पर मोदी सरकार जो नॉन रेजिडेंट इंडियनस को इंडिया का एम्बेसडर बताने से चुकती नहीं और वोट बटोरने से चुकती नहीं। अब जब भारतीयों की लाशें वापस आ रही हैं क्योंकि उन पर नस्लवाद और रंगभेद की वजह से हमले हो रहे हैं तो प्रधानमंत्री जी ना ये मामला न्यूजिलैंड की सरकार से उठाया, ना पीछे ऑस्ट्रेलिया की सरकार से उठाया और ना ही अमेरिका की सरकार से उठाया। अगर कहीं कट्टरवाद फैल रहा है तो भारतियों पर हमले और भारतियों को देशनिकाला ये बहुत चिंता का विषय है और अब तो बात यहाँ तक आ पहुंची है कि पड़ोसी देश की जो नौसेना है, वो हमारे मछुआरों को दिन-दहाड़े गोली मार कर चली जाती है और सरकार आज तक उन पर प्रोटेस्ट लाज नहीं कर पाई तो ये चिंता का विषय है। हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री जी चुनावी मोड़ से वापस आकर शासन की ओर भी ध्यान देंगे और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और भारतीय मूल के नागरिकों की सुरक्षा और सम्मान जो बहुत जरुरी है उस पर उचित कार्यवाही करवाएंगे। 

On the question of reaction of the Congress Party on the statement of Shri Kartik Chidambaram, Shri Surjewala said he has not seen the statement Shri Kartik Chidambaram and that he will definitely like to look at it and confer and make a detailed comment there upon.

Shri Surjewala further added, however, last, when I checked, Shri Kartik Chidambaram contested the Parliament seat and succeeded to the Parliament seat of his father. Congress Party has an established track record, from prior to freedom movement, of commitment to the Nation, of sacrifice, of service and internal democracy. That record is unparalleled and unquestioned till today.

In Congress Party, every ordinary worker, by the sheer dint of his/her hard work, can reach the highest office and that has been proved adequately by history - from Shri Gulzari Lal Nanda who rose from a small village of Haryana to become Prime Minister of the country to Shri Lal Bahadur Shastri Ji who by sheer dint of his hard work, tenacity and commitment of honesty became the Congress Prime Minister - from Shri P V Narasimha Rao, who came from a small village in Andhra Pradesh and rose to become the Prime Minister of the country in a Congress regime and Dr. Manmohan Singh Ji, the renowned Economist, the renowned Educationist, who became an ordinary Member of the Congress Party and rose to become the Finance Minister of Congress Government and then Prime Minister of the country, ably led the country for ten years, is adequate proof. 

On another question whether the Congress Party will take any action against Shri Karthik Chidambaram, Shri Surjewala said he would request Hon'ble General Secretary of Tamil Nadu AICC Shri Mukul Wasnik to make any further comment. I have already made such a request. He will look at the statement in detail and see what further action, if any, is required. 

On the likely action to be taken against Gayatri Prajapati by Samajwadi Party and Police seeking help from public, Shri Surjewala said he has not seen the statement of any individual Member of Samajwadi Party. One thing is, however, clear. As far as Gayatri Prajapati is concerned – the law is working and law will take its own course. Guilty will be punished. Shri Akhilesh Yadav, the Chief Minister of Uttar Pradesh is competent, is capable and is doing his best to ensure that no guilty including Gayatri Prajapati goes Scot free.

When Shri Narendra Modi Ji and Shri Amit Shah Ji raise such issues, they must introspect and also answer as to how Nihal Chand, who was a rape accused and a former Union Minister in Modi Ji's cabinet absconded for 1-1/2 years from the clutches of Rajasthan Police as he was Minister of State in Modi Government. Did Modi Ji and Shri Amit Shah not apply the law of the land to Nihal Chand at that point of time and perhaps Modi Ji forgets, let me remind him and the BJP, that Babu Bhai Bokadia was a Cabinet Minister with Shri Narendra Modi when he was Gujarat Chief Minister and he was convicted by Court but Modi Ji continued to keep him as a Cabinet Minister. Did Mori Ji forget his duty and obligation to the law and Constitution then?. Maya Behn Kodnani, who was another Minister, is still in Jail but then perhaps Modi Ji has forgotten what happened in Gujarat. The conscience must prick and we are happy that the BJP Chief and the Prime Minister's conscience is pricking but it must also prick when Nihal Chand is not acted against by the Prime Minister himself. 

On the question of continuing violence on Indians in USA, Shri Surjewala said it is a matter of deep and serious concern for every Indian citizen that people of Indian origin or Indian citizens are being attacked on account of colour of their skin and on account of their Indian origins across the world. These are not isolated incidents. May I remind you these started in Australia, similar incident had happened in New zealand when an Indian origin person was asked to leave the country? Four different incidents have happened in last 15 days in America with one Indian being shot dead whose dead body came in tragic circumstances back to the country. Modi Ji who never tires of using NRIs for vote getting exercises and for reflecting his connects to the non-resident Indians and people of Indian origin, is completely mum on the issue. People of Indian origin and Indian citizens are dying and are being threatened and are being told to go back from different countries but Government of the Day is absolutely silent.

Modi Ji - it is time for you to come out of election mode and start the process of governance, since 34 months have already passed. It is your solemn duty, it is your cardinal duty, it is your first duty to protect the honour, the safety and the persons of Indian origin as also Indian citizens across the world.

On the question of One India-One Election, Shri Surjewala said Congress Party, as also many enlightened citizens, have umpteen number of times answered this question. 'Are you going to trample democracy? Are you going to cut short the tenure of Parliament and Assemblies? Is the tenure, which is elected in accordance with Will of the people, not part of an established order and Constitutional practice and basic structure of the Constitution? Also, those who say that they do not want any elections to take place in India or want all elections to be held in one go and no elections for five years, have no faith in the beauty or the democratic process of this country and that democratic process is the essential strength of this country and character'.

 
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