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Highlights of the Press Briefing of Shri Randeep Singh Surjewala 11.03.2017

Created on Saturday, March 11, 2017 12:00 AM

श्री सुरजेवाला ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्षा और उपाध्यक्ष दोनों ने सुकमा, छत्तीसगढ में हुई बहुत बड़ी त्रास्दी, जहाँ हमारे 12 जवानों ने वीरगती प्राप्त की - 12 जवानों ने देश के लिए कुर्बानी दी, उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है और इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मोदी जी ने कहा था कि नोटबंदी के बाद आतंकवाद और नक्सलवाद खत्म हो जाएगा परंतु दिन-दहाड़े 12 जवानों की हत्या ये दर्शाती है कि वो नक्सलवादी और उनकी आतंकवादी गतिविधियाँ अभी देश से खत्म नहीं हुई है। हमें उम्मीद है कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार और देश की भाजपा सरकार नक्सलवादियों के हमारी फौज के ऊपर होते हुए हमलों का संज्ञान लेगी और इन आतंकवादी ताकतों का सिर कुचलने के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी। 

 एक प्रश्न पर कि आपने कहा कि यूपी में हार के कारणों का मंथन करेंगे, दूसरा अमित शाह के बयान पर क्या कहेंगे, श्री सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस ने खुले हृदय से आदरणीय मोदी जी, अमित शाह जी और भारतीय जनता को उनकी जीत के लिए बधाई दी है। एक जिम्मेवार विपक्षी दल के नेता सुश्री मायावती जी ने गंभीर प्रश्न उत्तर प्रदेश के चुनाव के निष्पक्षता को लेकर खड़े किए हैं। जब एक जिम्मेवार विपक्षी दल की नेता चुनाव की ईमानदारी, चुनाव की निष्पक्षता और चुनावी प्रक्रिया के बारे में इतने गंभीर सवाल खड़ा करती है, तो स्वाभिक तौर से चुनाव आयोग की जिम्मेवारी है कि वो ऐसे सब शक और संदेह का निवारण करे ताकि सार्वजनिक तौर से मालूम चले कि वो शक और संदेह सही हैं या गलत? ये चुनावी प्रक्रिया पर लोगों के विश्वास के लिए अनिवार्य है। हमें विश्वास है कि चुनाव आयोग सुश्री मायावती जी द्वारा खड़े किए गए बिंदुओं को, शक और संदेहों का निवारण जल्दी से जल्दी सार्वजनिक स्तर पर करेंगे ताकि लोगों को देश के प्रजातंत्र में विश्वास हमेशा के लिए बना रहे।

 दूसरा प्रश्न कि भाजपा के सम्मानित अध्यक्ष अमित शाह जी ने प्रधानमंत्री जी के बारे में विशेष टिप्पणी की है ये उनका विशेषाधिकार हो सकता है, लेकिन एक अंग्रेजी की कहावत है कि कोई भी इतना बड़ा नहीं जो प्रजातंत्र से बड़ा हो जाए। जब व्यक्ति विशेष अपने आपको प्रजातंत्र और देश से बड़ा मानने लगते हैं तो फिर गलतियाँ करना और रास्ते से भटकना स्वभाविक हो जाता है। हमें उम्मीद है यूपी और उत्तराखंड दो राज्यों की जीत और साथ-साथ 3 प्रांतो की हार से भी सबक लेंगे और किसी व्यक्ति विशेष को इतना बड़ा नहीं दिखाएंगे कि वो देश और प्रजातंत्र से बड़ा हो जाए, हमारा इतना ही कहना है।


एक अन्य प्रश्न पर कि पूरे चुनाव में नोटबंदी एक बड़ा मुद्दा था, क्या उत्तर प्रदेश की हार के बाद आप इस पर सवाल उठाना बंद कर देंगे, श्री सुरजेवाला ने कहा कि अगर नोटबंदी पर ये जनमत संग्रह था तो भारतीय जनता पार्टी 2 लाख के अंतर से अमृतसर लोकसभा का चुनाव क्यों हार गई? अगर ये 5 राज्यों का चुनाव नोटबंदी पर जनमत संग्रह था तो भारतीय जनता पार्टी इनते बुरे तौर से पंजाब में अकाली भाजपा की सरकार क्यों हार गई, जहाँ भाजपा तो शायद 2 या 3 सीटों तक सिमट गई। अगर नोटबंदी पर ये 5 राज्यों का चुनाव जनमत संग्रह था तो फिर लक्ष्मीकांत पारसेकर जी भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री और उनकी पूरी सरकार गोवा में क्यों हार गई? अगर ये जमनत संग्रह था तो भाजपा मणिपुर में बहुमत क्यों नहीं लेकर आई? सच्चाई ये है कि देश और विदेश के अर्थशास्त्री और अर्थव्यवस्था को समझने वाले हर व्यक्ति ने ये कहा कि नोटबंदी एक सबसे बड़ा घोटाला भी था और अर्थव्यवस्था पर प्रहार भी था। ठीक है आप थोड़े समय में दो राज्यों में एक माहौल खड़ा करके जीत गए हैं उसके लिए हमने खुलेमन से बधाई दी है परंतु आप 3 प्रांतो में हारे भी हैं, उसको आपको भूलना नहीं चाहिए।

एक अन्य प्रश्न पर कि जब भी चुनाव में हार होती है तो राहुल गाँधी जी पर सवाल उठाया जाता है, क्या कहेंगे, श्री सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी 5 में से 3 राज्यों में चुनाव जीती भी है। एक राज्य में हमारी सरकार बन जाएगी। 2 राज्यों में इस समय बनने के नजदीक है। वो तीनों चुनाव भी आदरणीय कांग्रेस उपाध्यक्ष श्री राहुल गाँधी जी के नेतृत्व में लड़े गए थे। कांग्रेस उपाध्यक्ष श्री राहुल गाँधी जी अपने सरल व्यक्तित्व और साफ बोली के लिए मशहूर हैं। जब 10 साल के केंद्रीय सरकार में शासन के बाद कांग्रेस 2014 का चुनाव हारी तो श्री राहुल गाँधी जी सरकार में 10 वर्ष मंत्री भी नहीं थे परंतु उन्होंने आगे बढ़ कर उस जवाबदेही और जिम्मेवारी को अपने कंधों पर ली है। यही उनका चरित्र भी है और तरीका भी। इन तीनों प्रांतो में भी राहुल गाँधी जी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और तीनों प्रांतो के लोगों को जीत का सेहरा बाँधा है और ये कहा है कि जिन दो प्रांतो में हम चुनाव नहीं जीत पाए या जहाँ कमी हुई है उसकी जिम्मेवारी कांग्रेस नेतृत्व भी लेगा और खुद आगे बढ़कर उसकी कमान भी संभालेंगे और दुरुस्ती के कदम भी उठाएंगे। यही कांग्रेस का तरीका है और रास्ता भी है। कांग्रेस नेतृत्व कभी जिम्मेवारी से ना पीठ दिखाता है ना पीछे मुड़ता है। कांग्रेस जब जीतती है तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं और लोगों की जीत, जब हम नहीं जीत पाते तो कमियों की दुरुस्ती की जिम्मेवारी कांग्रेस मानता है।

बीजेपी ने कहा है कि वो गोवा व मणिपुर में सरकार बनाएगी, क्या कहेंगे श्री सुरजेवाला ने कहा कि अगर आप सबसे ताजा आंकडे चुनाव आयोग के देखें तो कांग्रेस 17 सीट के करीब गोवा में ले चुकी है और कई दूसरे जो साथी हैं उन्होंने आगे बढ़कर कांग्रेस को समर्थन देने का निर्णय दिया है। हमारे पास वहाँ बहुमत है और लगभग यही स्थिति मणिपुर में भी है। 27 सीट से ज्यादा हम जीत चुके हैं। कई दूसरे दल और साथी हैं अगले 24 घंटे में आपको मालूम चल जाएगा उन्होंने आगे बढ़कर हमें समर्थन दिया है। ऐसे में स्पष्ट बहुमत कांग्रेस के पास है। तीनों प्रांतो गोवा, मणिपुर और पंजाब में कांग्रेस का परचम लहराएगा, ऐसा हमें विश्वास है। मोदी जी और अमित शाह जी अब प्रजातंत्र का अपमान करने का दु:साहस नहीं करेंगे और जो घातक भी होगा प्रजातंत्र के लिए ऐसा कोई कुत्सित प्रयास उनकी तरफ से नहीं होगा। वरना देश के लोग और प्रजातंत्र की कसौटी भाजपा को कभी माफ नहीं करेगी।

उमर अब्दुल्ला के बयान पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में श्री सुरजेवाला ने कहा कि आदरमीय उमर अब्दुल्ला जी हमारे मित्र भी हैं और सम्मान भी करते हैं। उनको थोड़ा सा ध्यान नेशनल कॉन्फ्रेस और जम्मू कश्मीर के कार्यों की ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। जिस तरह से नेशनल कॉन्फ्रेस पीडीपी से हारी थी, आज तक दुबारा अपनी जड़ नहीं बना पा रही है। इसमें कांग्रेस भी मदद करेगी। हमने इक्कठ्ठे सरकार भी चलाई है, अच्छा होगा हम पूरे देश की राजनीति पर टिप्पणी करने की बजाए वो अपने प्रदेश में मेहनत करें और प्रदेश के लोगों की नब्ज पहचानें और पकड़े। ट्विटर की बजाए थोड़ा सा ध्यान जनता के साथ जड़ों में बैठकर उनकी मुश्किल समझने की तरफ भी करें तो बहुत अच्छा उनके लिए भी होगा और बहुत सुखद अनुभव आने वाले चुनाव में होगा।   

एक अन्य प्रश्न पर कि कांग्रेस पार्टी सत्ता पक्ष के नाम पर मोदी विरोधी काम करती है, क्या कहेंगे, श्री सुरजेवाला ने कहा कि अगर आप पिछले चुनाव से थोड़ा आकलन करके देखें तो भारतीय जनता पार्टी की सरकार गोवा में भी थी और भारतीय जनता पार्टी की सरकार पंजाब में भी थी- भारतीय जनता पार्टी ने ये दोनों सरकारें खो दी। कांग्रेस की सरकार उत्तराखंड में थी हमने वो भाजपा को खो दी। तो अगर आंकड़ा सही मायने में देखें तो हम भाजपा से एक प्रांत हारे और भाजपा हमसे 2 प्रांत हारे। अब ये आपके विवेक पर है कि कौन किसके विजन पर फोकस कर रहा है और किस प्रकार से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश की हार को हमने गंभीरता से लिया है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों ऐसे प्रदेश हैं जहाँ कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन की अपेक्षा कर रही थी। हम जरुर आंकलन करेंगे जनादेश के आगे सिर झुकाकर कि हमसे कहाँ कमी रही और कांग्रेस लोगों के दिल जीतने की लड़ाई इन दो प्रांतो में नहीं जीत पाए। लेकिन कांग्रेस सदैव एक बात में विश्वास रखती है कि जीत का घमंड नहीं जैसे भाजपा करती है और हार की हताशा नहीं जैसा भाजपा विरोधियों को दर्शाने का प्रयास करती है।

एक अन्य प्रश्न कि आपने पंजाब में आम आदमी पार्टी को हराकर एक तरह से दिल्ली की हार का जवाब दिया है, क्या कहेंगे, श्री सुरजेवाला ने कहा कि आम आदमी पार्टी केवल उस प्रांत में जाकर चुनाव लड़ती है जहाँ कांग्रेस औप पंजाब का सीधा मुकाबला है ताकि वो भाजपा की मदद कर सके। आम आदमी पार्टी की भाजपा की B टीम बनकर। परंतु पंजाब और गोवा के लोगों ने दोनों प्रांतो के लोगों के हम शुक्रगुजार है कि जो अपने आपको अनारकिस्ट और 'डिजरपशनिष्ट' कहते थे उनको 'डिजरपशनिष्ट' करके उनको वापस दिल्ली का रास्ता दिखा दिया औऱ दिल्ली के एमसीडी के चुनाव में अब दिल्ली के लोग भी उनको यहाँ से बाहर का रास्ता दिखा देंगे। वो लोग जो कांग्रेस का विकल्प बनने का स्वप्न देखते थे , उनके वो स्वप्न धराशयी हुए और हम कृतज्ञ हैं, हम सिर झुकाते हैं गोवा और पंजाब की जनता के सामने कि उन्होंने आप पार्टी की असलियत पहचान ली और ये जान गए कि नाम से जो आम आदमी हैं वो काम से बहुत खास हैं क्योंकि वो कोई काम करते ही नहीं।
   

On the question of statement of the Shri Arun Jaitley with regard to the statement of the Congress Party going against the demonetization, Shri Surjewala said firstly if demonetization was to be a referendum then why has BJP and Akali Dal lost the only Parliamentary seat of Amritsar which was last time fought by the Finance Minister Shri Arun Jaitley who lost it this time again by a margin of over 2 lakhs. And if demonetization is to be treated as a referendum on demonetization, why has BJP-Akai Dal lost power in Punjab with BJP getting relegated to 2 or 3 seats perhaps? Why has BJP's CM Shri Laxmikant Parsekar lost his own Assembly election in Goa and BJP has lost power in Goa? Why has then BJP not been able to come to power in the State of Manipur? Demonetization was a disaster as admitted by every single Economist worth his/her salt inside and outside the country. It has had had a debilitating effect on India's economy as the growth figures or sluggish growth is also reflecting. So, before proceeding to claim credit, it is time that Shri Arun Jaitley Ji also looked at the defeat of BJP in three out of five States.
 

Shri Surjewala said qua the issue of EVMs, Indian National Congress has with an open heart congratulated Shri Narendra Modi, Shri Amit Shah and BJP for their resounding victory in the States of UP and Uttarakhand. A senior leader of an Opposition political party – Ms. Mayawati Ji – has raised pertinent and serious questions about the integrity of the entire democratic process as also the EVMs used in the State of UP. Whether her doubts are founded or unfounded, is a matter to be addressed by the Election Commission of India in order to erase all doubts about the integrity, honesty and impartiality of the electoral process which is intrinsic to uphold the democratic traditions of our country. We are certain that Election Commission of India will look at any of objections and clarify any doubt in public domain as raised by Ms. Mayawati Ji.

 
On the question of the statement of Shri Amit Shah that BJP will form the Government in Goa and Manipur, Shri Surjewala said it is a question that he should answer to people of both the States of Goa and Manipur. As the numbers are now showing, have given a mandate to the Congress as the largest  Party to form the Government. Is BJP planning to hatch one more conspiracy like done in Uttarakhand and Arunachal Pradesh in the past? To rewrite history by decimating democracy is a question that needs to be addressed by BJP. We sincerely hope that BJP President Shri Amit Shah and Shri Narendra Modi will not enter into such a misadventure to decimate the Will of the people for people have spoken clearly.


 
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