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Highlights of the press briefing, attachments and youtube link of Shri Randeep Singh Surjewala, I/c Communication Deptt. AICC 21-4-2017

Created on Friday, April 21, 2017 12:00 AM Highlights of the press briefing, attachments and youtube link of Shri Randeep Singh Surjewala, I/c Communication Deptt. AICC 21-4-2017
श्री रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कि अब से कुछ मिनटों के बाद म्यूनसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली, तीनों कॉरपोरेशन चुनावों की प्रक्रिया शुरु हो जाएगी और 23 अप्रैल को दिल्ली के लोग दिल्ली की सरकार को चुनेंगे। हमें उम्मीद है कि 10 साल के भारतीय जनता पार्टी के कु:प्रशासन और भ्रष्टाचार का खात्मा दिल्ली के लोग MCD में भाजपा और आम आदमी पार्टी को हरा और कांग्रेस को जीता कर करने वाले हैं। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष और भाजपा के संगठन ने पिछली बार चुनाव लड़े और भाजपा के सभी सीटिंग कॉरपोरेटर के टिकट काट लिए और उन टिकट काटने का आधार था- व्यापक भ्रष्टाचार।

परंतु दिल्ली के लोग जानना चाहते हैं कि क्या टिकट काट देने से MCD में 10 साल में हुई लूट, जनता के साथ खसूट और भ्रष्टाचार की सजा काफी? क्या वो लोग जिन्होंने दिल्ली के लोगों का पैसा लूटा और दिल्ली की मौजूदा स्थिति को नरकीय बनाने में योगदान दिया, क्या उन पर FIR दर्ज और कार्यवाही नहीं होनी चाहिए थी? अगर भाजपा का स्वयं का मानना है कि MCD में 10 साल तक भ्रष्टाचार रहा है।

सच ये भी है कि म्यूनसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली, तीनों कॉरपोरेशन में स्वच्छ भारत अभियान का सबसे क्रूर मजाक देश की राजधानी में हुआ है। जब एक साल में 5-5 बार दिल्ली के गरीब और मेहनतकश सफाई कर्मचारियों को कूड़ा इक्कट्ठा ना करके, तनख्वाह ना मिलने पर आंदोलनरत होना पड़ा।

हमारा जो अंदरुनी सर्वे है, कांग्रेस पार्टी का, जिसका सैंपल साईज 52 हजार है और जो 13 हजार बूथ पर किया गया है, वो ये दिखा रहा है कि दिल्ली में कांग्रेस 272 में से 208 से अधिक सीटों पर विजयी होने वाली है। जैसा कहते हैं च्वायस जो है वो बहुत साधारण है- 'भाजपा और आप की सिर्फ फुटव्वल और केवल कांग्रेस के साथ भविष्य उज्जवल', "कांग्रेस करे समस्याओं का समाधान और भाजपा व आप मात्र करे घमासान”  तो समाधान और घमासान के बीच की लड़ाई 23 तारीख को सम्पन्न होगी और दिल्ली की सरकार में कांग्रेस पार्टी को विजयश्री मिलेगी, ऐसी हमें अपेक्षा है।

हम आपके समक्ष भारतीय जनता पार्टी की कन्द्रीय सरकार में भ्रष्टाचार और घोटाले का एक सनसनीखेज मामला लेकर पेश हुए हैं। भ्रष्टाचार और घोटाले के इल्जाम चौंकाने वाली बात यह है कि किसी विपक्षी दल के साथी ने नहीं लगाए, लिखित तौर पर 8-8 भाजपा सांसदों और एक भाजपा के कन्द्रीय मंत्री द्वारा लगाए गए हैं। उन आठों लिखित पत्रों की लिपि में आपको जारी करने वाला हूं।

संक्षिप्त में देश में सरकार और सरकारी उपक्रमों की खरीद 'डॉयरेक्टर जनरल सप्लाई डिसपोजल' के माध्यम से की जाती है और भारत में ये सालाना खरीद की राशी 2 लाख करोड़ है। 2 लाख करोड़ अपने आप में पूरे भारत सरकार की और सरकारी उपक्रमों की सालाना खरीद है। एक भाजपा के केन्द्रीय मंत्री, जिनका पत्र में आपको दिखाउंगा और 8 भाजपा सांसदों ने भारत सरकार की वाणिज्य मंत्री को पत्र लिखकर बकायदा व्यापक घोटाले, लूटपाट और भ्रष्टाचार की शिकायत की है। मैं उनके नाम पहले बताना चाहता हूं-

केन्द्रीय मंत्री हैं- श्री फरगन सिंह कुलस्ते, जो भारत सरकार के स्वास्थ्य और फैमिली वेलफेयर मंत्री हैं, दूसरे भाजपा सांसद हैं- अशोक नेटे, ये बीजेपी के सांसद हैं गढ़ चिरोली से, तीसरे भाजपा सांसद हैं- कौशल किशोर- मोहन लाल गंज से, चौथे सांसद हैं – आलोक संजर, भोपाल से, पांचवें भाजपा सांसद- हनीश द्वेदी- बस्ती से, छठे भाजपा सांसद- राजेश शुरगमा, सीतापुर, उत्तर प्रदेश से और आठवें भाजपा सांसद हैं- अर्जुन लाल मीना, उदयपुर, राजस्थान से। एक गैर-भाजपा सांसद भी हैं, जिनका नाम है- बिसवास साह, जो कबीरगंज से सांसद हैं। 6 बातें इन सबने रखी हैं और उनके पत्र देखें तो उनके पत्र की 4 लाईनें में पढूंगा और क्या विषय रखा है वो आपके समक्ष रखूंगा। अजय निशाद जी का जो पत्र है उसमें जो उन्होंने लिखा है, वो मैं पढ़ रहा हूं-

Shri Surjewala read few lines from the letter of Shri Ajay Nishad. This letter was addressed to Ms. Nirmala Seetharaman which said "GEM has much inheritance, technical and procedural issues that have made existing GEM portal a hub of corrupt practices for several sellers and buyers due to which there are huge financial losses to buyers of Government of India, Ministries and Departments. There have been many cases of irregularities wherein officials have taken advantage of technical and procedural gaps of GEM.

The current issue being splitting demand and multiple orders to avoid bidding and reverse auction by Odisha Government - HP Laptop is quoted in GEM at INR One. Though it was removed later, potential fake products like printer cartridges getting uploaded by unauthorized sellers. From above facts it is clear that certain individual in DGS&D are trying their level best to escape with liabilities causing corruption and huge loss to the exchequer.

With the existing loopholes in the GEM portal, no accountability of DGS&D officials for misuse of GEM process by sellers and buyers and absence of process to determine reasonable prices of products, the magnitude of corruption could be hundreds of Crores in coming weeks and months”.

4 बातें इन सारे मित्रों ने कही। पहले रेट कॉन्ट्रेक्ट के आधार पर सारी प्रोडेक्टस की खरीद-बेच की जाती थी। प्रक्रिया को बहुत पारदर्शी बनाने की दुहाई दे और हमें उसमें कोई ऐतराज नहीं कि प्रक्रिया पारदर्शी हो। 'गवर्मेंट ई मार्किट प्लेस पोर्टल' का गठन किया गया। कई प्रांतीय सरकारों ने इस प्रकार के ई-मार्किट पोर्टल का गठन किया है। इसकी शुरुआत मुझे ये कहने में हिचकचाहट नहीं जब मैं हरियाणा सरकार में था तो कांग्रेस की सरकार ने भी की थी। परंतु भारत सरकार की 2 लाख पोर्ट की खरीद जिसमें भ्रष्टाचार बताया जा रहा है, कन्द्रीय मंत्री और सांसदों ने जो गड़बडियाँ बताई हैं वो 5 हैं।  

पहली- इस पोर्टल में टेक्निकल और प्रक्रियागत खामियाँ हैं, जिससे भ्रष्टाचार उत्पन्न हो रहा है।

दूसरी- डिफोल्टर के विरुद्ध कोई कार्यवाही करने का पोर्टल के अंदर कोई प्रावधान नहीं।

तीसरी- चंद मुठ्ठी भर लोग इस पोर्टल का प्रयोग पैसा बनाने के लिए कर रहे हैं या कर सकते हैं।

चौथा- भारत सरकार हो या राज्य सरकार रेट कॉन्ट्रेक्ट से ज्यादा पैसों पर कोई प्रोडक्ट नहीं खरीदा जा सकता, ये पूरा देश जानता है। इस पोर्टल के द्वारा खरीदी गई चीजों के दाम कॉन्ट्रेक्ट से ज्यादा है, जो चौंकाने वाली बाता है और उसके लिए उन्होंने बकायदा उदाहऱण दिए, जिसकी मैं चर्चा करुंगा।

पहला भाजपा के सांसद ने बताया कि इलेक्ट्रोनिक ऐनर्जी मीटर खरीदे गए इस पोर्टल के माध्यम से और 6 मॉडल ऐसे हैं जिनके दाम रेट कॉन्ट्रेक्ट से ज्यादा हैं। अगर नोर्मल DGS & D का प्रोसेस हो तो ये रिजेक्ट हो जाते हैं, तो इससे सरकार को चूना लगा है।

Electronic digital postal franking machine उसके 4 मॉडल में इसी प्रकार से रेट कॉन्ट्रेक्ट से ज्यादातर खरीदे गए। Small office shredder इस उदाहरण के तौर पर स्नेपडील से हमने तुलना की, वहाँ दाम है 5695 रुपए और भारत सरकार ने उसे खरीदा 7638 रुपए में। तो जो चीज स्नेपडील पर 2000 सस्ती है, भारत सरकार उसे 2000 रुपए ज्यादा देकर किसे मुनाफा दे रही है? जैसे- Del 3568 लेपटॉप इसका स्नेपडील पर दाम है 30 हजार 980 और भारत सरकार ने GM पोर्टल से खरीदा 35 हजार 399, यानि कि 5000 रुपए का प्रति लोपटॉप का सीधा गड़बड़झाला। Del 3468 नोटबुक जिसका स्नेपडील पर दाम है 29 हजार 990 या 30 हजार रुपए और भारत सरकार ने अपने पोर्टल पर उस खरीदा 44 हजार 887 रुपया, 45 हजार में, यानि हर नोटबुक में 15 हजार करोड़ का गड़बड़झाला। Toner Cartridges इत्यादि स्नेपडील पर उसका दाम थे 2 हजार 199 रुपए, वहाँ पर खरीदा गया 3 हजार 142 रुपए में, Microsoft Home and Businesses स्नेपडील पर 15 हजार 699 रुपए, भारत सरकार के पोर्टल पर खरीदा 19 हजार 99 रुपए में। 32 ईंच की सोनी टीवी, एमेजोन पर दाम है 23 हजार रुपए, भारत सरकार के पोर्टल पर खरीदी गई 30 हजार 500 रुपए में। लेपटॉप HP,240 G5 एमेजोन पर दाम है 32 हजार 999 रुपए, भारत सरकार के पोर्टल पर खरीदी गई 40 हजार 500 रुपए में। वल्ड कूल 245 ड़बल डोर रेफ्रिजेरेटर फ्लिपकार्ड पर दाम – 18 हजार 950 रुपए, भारत सरकार के पोर्टल पर खरीदी गई 22 हजार 500 रुपए और ये हम नहीं कह रहे हैं ये भाजपा सरकार के मंत्रियों और सांसदों द्वारा दिए गए उदाहरण हैं।

इतना ही नहीं भारत सरकार में सिस्टम है और ज्यादातर राज्यों में, उसे रिवर्स बिडिंग कहते हैं। एक बार डिटर्मेंट हो गया फिर वो 7 दिन तक खुला रहेगा और कोई भी कंपनी आकर उसे कम रेट पर उस सामान की बीड दे सकती है ताकि सरकार को देश की जनता को देश की गाढ़ी कमाई के पैसे को कोई नुकसान ना हो। उसमें भी कई ऐसे केस निकले जहाँ 24 घंटे के अंदर रिवर्स बिडिंग बंद कर दी गई। 2 उदाहरण मैं दे रहा हूं- अगस्त सितंबर 2016 में 1 दर्जन ऐसे केस थे जहाँ रिवर्स बिंडिंग 7 दिन से पहले भारत सरकार के नियमों के विरुद्ध बंद कर दी गई। 13 सितंबर 2016 में 360 किस्म की दवाईयाँ खरीदी गई, 24 घंटों में उसे बंद कर दिया गया।

प्रश्न ये है कि प्रधानमंत्री जी कहते हैं – 'ना खाऊंगा ना खाने दूंगा', प्रश्न केवल ये है कि 2 लाख करोड़ की खरीद में कितने सैंकड़ो या हजारों करोड़ का घोटाला हुआ? प्रश्न केवल ये है  कि इस घोटाले, गोलमाल और गड़बड़झाले के अंदर कौन अधिकारी या राजनीतिज्ञ लोग संलिप्त है? प्रश्न केवल ये है कि जब पूरी पारदर्शीता आपकी खरीद की प्रक्रिया में नहीं थी तो आप इस प्रकार के गड़बड़झाले से खरीद क्यों कर रहे थे? प्रश्न केवल ये है कि 8-8 सांसद और एक केन्द्रीय मंत्री वो भी भाजपा के जब वाणिज्य मंत्री को इस प्रकार का पत्र लिख देते हैं तो उसके बाद भी ना उनको जवाब दिया जाता है, ना जवाबदेही निश्चित की जाती है, इसका क्या कारण है, क्या इस पूरे मामले में से भ्रष्टाचार की बू साफ नहीं आती है, अगर आती है तो क्या प्रधानमंत्री जी इस पूरे मामले की जांच करवाएँगे? अपने ही सांसदों द्वारा लिखी और अपने ही मंत्रियों द्वारा लिखे एक नहीं, 2 नहीं,3 नहीं 8-8 पत्रों की जांच करेंगे? क्या उनके सांसद किसी गड़बडझाले की वजह से बोले हैं या उनके मंत्री का महकमा गड़बड़झाला कर रहा है? आज तक प्रधानमंत्री मोदी जी ने किसी भ्रष्टाचार घोटाले की जांच नहीं करवाई, क्योंकि भाजपा ये मानती है कि भ्रष्टाचार घोटाले की जांच करवाना उनके चाल, चेहरे और चरित्र का हिस्सा नहीं है। इसलिए चिट्ठी से लेकर, महाराष्र्  में चीक्की कॉन्रेकीक्ट स्कैम से लेकर, व्यापम और ललित गेट से लेकर किसी घोटाले की आज तक जांच नहीं हुई। हमें उम्मीद है अबकी बार ये इल्जाम कांग्रेस ने नहीं लगाए आदरणीय प्रधानमंत्री जी, ये इल्जाम 8-8 सांसदों जिनमें से 7 भाजपा के और एक सहयोगी मंत्री ने लगाए हैं, क्या अब आप जांच करवाएंगे, ये इम्तिहान का विषय है?

एक प्रश्न पर कि क्या कमलनाथ जी बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं, दूसरा कांग्रेस के नेता क्या नाराज चल रहे हैं, जो पार्टी छोड़ कर जा रहे हैं, श्री सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा  कमलनाथ जी जैसे 100 प्रतिशत कांग्रेस के रंग में ढले और देश में सबसे वरिष्ठतम सांसदों में से एक और वरिष्ठतम नेताओं में से एक उनके बारे में एक झूठा, बेबूनियाद और षड़यंत्रकारी जो प्रचार चला रही है, हम उसको सिरे से खारीज करते हैं। आदरणीय कमलनाथ जी कांग्रेस के बुरे से बुर वक्त में आगे बढ़कर उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ता के तौर पर काम किया है, चाहे 1977 का समय था, चाहे 1989 से और 2004 तक का कार्यकाल था। ये भाजपा का चाल, चेहरा और चरित्र है। अगर भाजपा इस तरह के झूठा, बेबूनियाद और षड़यंत्रकारी प्रचार चलाने की बजाए अगर MCD में अपने भ्रष्टाचार की व्याख्या करते तो बेहतर होता।

दूसरा जिनको कांग्रेस पार्टी की नीति और रास्ते पर विश्वास नहीं था और जो अपने आपको 10 साल के MCD के भ्रष्टाचार से जोड़ना चाहते थे वो पार्टी छोड़ कर चले गए। जब भी कोई कांग्रेस का छोटे से छोटा कार्यकर्ता जाता है तो ये सही है कि हमें उस बात का दुख तो होता है लेकिन एक बात का सुखद एहसास भी है कि जो मुसिबत की घड़ी में चुनौतिपूर्ण समय में चला जाए सबकुछ सत्ता के समय को पाकर, तो ये उसका चाल, चेहरा और चरित्र भी जाहिर करता है, ऐसे व्यक्ति भाजपा को मुबारक।

अरविंद केजरीवाल जी के बयान पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में श्री सुरजेवाला ने कहा कि अरविंद केजरीवाल जी का बयान एक हारे हुए पार्टी के हताश मुख्यमंत्री का बयान है, जिन्होंने चुनाव सम्पन्न होने से पहले हार स्वीकार कर ली। इसलिए मैंने कहा कि एक तरफ भाजपा और आप का घमासान है और दूसरी तरफ कांग्रेस द्वारा दिल्ली की समस्याओं को समाधान है। घमासान नहीं समाधान चाहिए। सिर्फ फुटव्वल नही उज्जवल भविष्य चाहिए। ये केवल कांग्रेस के पास है।

राम माधव जी ने CNNIBN7 पर बयान दिया है, उस पर क्या कहेंगे, श्री सुरजेवाला ने कहा कि कश्मीर की मौजूदा हालात के लिए सबसे अधिक जिम्मेवार है भारतीय जनता पार्टी, उनके नेतृत्व समेत श्री राम माधव जी हैं। सबसे पहले एक सत्ता लोलुप, सिद्धांत विहिन गठबंधन का गठन किया गया। पहली बैठक में ही पाकिस्तान और उग्रवादियों का इस भाजपा- पीडीपी गठबंधन के द्वारा धन्यवाद किया गया और फिर एक के बाद एक नीतिगत तौर से कश्मीर जनता का और बीजेपी और पीडीपी बाहर से सिर्फ फुटव्वल जनता के देखने के लिए और अंदर से सत्ता की लालसा में एक होकर इस धारणा के कुनबे को चला रहे हैं। प्रश्न सीधा है 10 साल के कांग्रेस और यूपी की सरकार हो वो चाहे पत्थरबाज हो या उग्रवादी हों, उनको करारा जवाब दिया है। हमारी बहादुर सेना के माध्यम से पाकिस्तान से आने वाले उग्रवाद को रोका गया। जबसे मौजूदा भाजपा सरकार बनी है 1000 से अधिक बॉर्डर सीजफायर वॉयलेशन जम्मू-कश्मीर में हुआ है। सैंकड़ों सैनिकों ने वीरगति दी है। जम्मू-कश्मीर में भटके वो लोग जो राष्रीमीय विचारधारा में लौट कर आए और जिन्होंने सही मायने में भारत माता की विजयगाथा गाई उन सबको एक बार फिर मौजूदा सरकार के निक्कमेपन ने, पीडीपी और भाजपा के नकारापन्न ने सत्ता में अंधे हो कश्मीर को एक ऐसी राह पर लाकर खड़ा कर दिया है जहाँ पाकिस्तान द्वारा निर्यातित उग्रवाद की आग से झुलस रहे हैं और सामना कर रहे हैं हमारे फौजी सैनिक और बयानबाजी कर रहे हैं भाजपा-पीडीपी के लोग। अब जब राम माधव जी एक बात कहते हैं और भाजपा की केन्रीहेय कार्यसमीति के एक सम्मानित सदस्य राम माधव जी और डोवल जी को दोषी ठहरातें हैं, तो ये दिखाता है कि भाजपा के अंदर कितना विरोधाभास है। एक तरफ आलोचना करते हैं और दूसरी तरफ पाकिस्तान की तारीफ करते हैं। एक तरफ राष्ट्रीयता की बात करते हैं, दूसरी बात आतंकवादियों के संरक्षण आईएसआई को भारत बुलाते हैं तफ्तीश के लिए। एक तरफ एक-दूसरे की आलोचना होती है और दूसरी तरफ 2-2 उग्रवादी मारे जाते हैं, उनके परिवार को मुआवजा ये सरकार देती है। इस सरकार की नीति, दिशा और दशा क्या है इसकी व्याख्या व्यक्तियों को नहीं प्रधानमंत्री जी को करने की आवश्यकता है। जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, आप उसको जलता नहीं छोड़ सकते। आपको जो लोग राष्ट्रीय विचारधारा से बाहर हैं उन्हें तर्कसंगत और संविधान के अंदर वापस लेकर आना है और भारतमाता और देश का झंडा बुलंद रखना है, उग्रवाद से लड़ना है और भटके हुए सब साथियों को राष्ट्र की मुख्यधारा में लाना है। ये भारत सरकार की और राज्य सरकार की जिम्मेवारी है। क्या वो अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन करने में सक्षम हैं, या विफल हो गए हैं, ये उनके बयान से जाहिर है।     

एक अन्य प्रश्न पर कि तेज बहादुर को सस्पेंड कर दिया गया है क्या कहेंगे, श्री सुरजेवाला ने कहा कि झूठे राष्र्पवाद की आए दिन दुहाई देने वाली सरकार ने 29वीं सीमा सुरक्षाबल की जम्मू-कश्मीर की बीएसएफ की बटालियन के जवान तेज बहादुर यादव की नौकरी परसों शाम को खारीज कर दी। आज पूरा देश ये सवाल पूछ रहा है कि तेज बहादुर यादव का कसूर क्या है?  क्या इस देश के सैनिकों की दशा और दुर्दशा बताना इस देश में राष्र्व विरोधी अपराध है। आए दिन सैनिकों के साथ दिवाली मनाकर फोटो खिंचवाने का क्या मतलब है अगर आप सैनिकों को 2 वक्त की अच्छी रोटी और दाल मुहैया नहीं करवा सकते? आप रोज कहते हैं फीडबेक दीजिए और अगर देश का एक सैनिक देश की सीमा पर लड़ने वाले पाकिस्तान और चीन की सीमा पर 24 घंटे की ड्यूटी देने वाले सैनिक की दुर्दशा और जानवर भी ना खाएं ऐसी दुहाई देता है तो उसकी नौकरी बर्खास्त कर देते हैं। ये दिखाता है देश की सरकार का सैनिकों के प्रति कितना सम्मान है। हम केवल तीन बातें रखना चाहते हैं- अगर इस देश के सैनिकों को 2 वक्त की अच्छी रोटी और कपड़े के लिए सरकार के दरवाजे खटखटाकर बर्खास्त होना पड़ेगा तो इस देश की अगली पीढ़ी जो देश की सुरक्षा के लिए लड़ने जाना चाहती है, आप उन्हें कैसे प्रोत्साहित करेंगे प्रधानमंत्री जी?

दूसरा सवाल क्या देश की आर्म फोर्सेस और देश की पैरामिलिट्री फौर्सेस न्यूट्रीशन एक्सपर्टस के साथ मिलकर फौजी सैनिकों को मिलने वाले भोजन और कपड़े के बारे में गंभीर मापदंड नए सीरे से तय करेंगे और क्या देश का गृहमंत्रालय व डिफेंस मंत्रालय इस पूरे मामले को लेकर संज्ञान लेकर कार्यवाही करेगा? ताकि 2 वक्त की अच्छी रोटी की मांग करने वाले जवानों का हाल और अन्याय इस प्रकार ना हो जैसे तेज बहादुर यादव के साथ किया गया है और कमाल की बात ये है कि तेज बहादुर यादव उसी प्रांत से आता है जहाँ पर प्रधानमंत्री जी ने सैनिकों के सम्मान की रक्षा का वचन लिया है, रेवाड़ी हरियाणा से।

राम विलास वेदांती के राम मंदिर पर दिए बयान पर क्या कहेंगे, श्री सुरजेवाला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दे दिया है, कानून अपना काम कर रहा है। आप कानून को अपना काम करने के रास्ते में ना आएं तो अच्छा रहेगा। अदालत सच्चाई और झूठ का निर्णय कर लेगी।

एक अन्य प्रश्न पर कि यूपी सरकार के दो वीडियो सामने आए हैं, एक दिव्यांग को लेकर और दूसरा टोल टैक्स के नाम पर मारपीट को लेकर क्या कहेंगे, श्री सुरजेवाला ने कहा कि गुंडागर्दी और जोरजबरदस्ती, धमकाने के तौर तरीके और मारनेपीटने की प्रथा भारतीय जनता पार्टी की सब सरकारों में सैक्शनड़ कानून है। फिर चाहे आप जम्मू-कश्मीर में देश निकाला के पोस्टर लगवा दें, सरकार की सहमति से। फिर चाहे टोल-टैक्स मामले पर भाजपा के सांसद अधिकारियों की पीटाई करें, फिर चाहे वो दिव्यांगों का अपमान करे। फिर चाहे राजस्थान में एक बार फिर जम्मू-कश्मीर के छात्रों को राज्य निकाले या मारपीट की बात हो, फिर चाहे गुजरात में दलितों का अत्याचार हो, फिर चाहे रोहित वेमूला को आत्महत्या के लिए मजबूर करने की बात हो, इस तरह की हजारों घटनाएं हैं। आए दिन जोर-जबरदस्ती, गुंडागर्दी और छीना-झपटी भाजपा का सत्ता के अहंकार में चूर होकर चाल,चरित्र और चेहरा बन गया है। परमात्मा उन्हें सद्बुद्धि दें। वरना देश की जनता सबसे शक्तिशाली है, सर्वशक्तिमान है और जब-जब अहंकार किसी राजनीतिक दल और नेता में हुआ तो उसका मुखर जवाब देश की जनता ने उन्हें दिया है।  

On the question that Congress party leaders are leaving the Party and there is rumour that Shri Kamal Nath may follow suit, Shri Surjewala said two separate questions have been asked - one related to the Hon'ble General Secretary of AICC Shri Kamal Nath and the senior most Parliamentarian, BJP is running a malicious ugly whisper campaign to malign Congress Party's senior most Leaders. Perhaps they forget that Shri Kamal Nath is not only the senior most Parliamentarian and not only one of the most experienced Leaders of the party, but has been the Architect of re-crafting the strategy and narrative of the Congress Party through challenging times.

Be it from 1977 to 1980 or be it post 1989 to 2004, and then as part of the Government, he continues to serve proudly as a worker, Leader and as General Secretary of the Party. We reject completely any such malicious and negative insinuations that the BJP is spreading. Instead of spreading such canards, BJP should answer to the people of Delhi about corruption in the three MCDs over last ten years.

As qua one or two leaders which have come and gone, he only wanted to say that mettle of a leader and mettle of a committed person belonging to a political party is tested not when in power but in challenging times. In today's challenging times, those friends who have left the party can find the best place in BJP for BJP is very prone to attracting defectors now-a-days who are bereft of any ideology, direction or commitment to their own Party which is like the second mother to any political person.

On another question on the possible Presidential candidate in relation to meeting of Shri Nitish Kumar with Congress President, Shri Surjewala said Bihar CM Shri Nitish Kumar met up with Congress Vice President Shri Rahul Gandhi when he visited Bihar and met up with Congress President Smt. Sonia Gandhi when he was in Delhi yesterday. It was a regular courtesy call between two allies. To convert it into any other discussion perhaps would be unwarranted.

Yes, Congress Party will decide upon a Presidential candidate after consulting and taking into confidence all its allies as also all other Opposition Parties. When that stage arrives, we will be very happy to inform the media. So far, that stage has not arisen. So, the question of individual's name does not arise as yet.

He further added that Congress President, Vice President and Working Committee, after consultation with all Leaders of the Opposition Parties, will take a conscious, concerted and balanced call on the issue. As soon as it is decided, we will be very happy to share it with all the Members of the Press for we have nothing to hide from the Press.

 
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