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Highlights of the sound byte of Shri Randeep Singh Surjewala, I/c Communication Deptt. AICC 1-5-2017

Created on Monday, May 01, 2017 12:00 AM

 https://www.youtube.com/watch?v=Qa_eVKZr7gs&feature=youtu.be

श्री रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि  आज पहले जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के द्वारा एक कातिलाना हमला कर हमारे दो फौजी जवानों को शहीद किया गया और उसके बाद कुलगाम (जम्मू-कश्मीर) में एक और गंभीर और कुख्यात हमले में 5 सिपाहियों और 2 बैंक के अधिकारियों की उग्रवादियों के द्वारा दिन-दहाड़े हत्या कर दी गई। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से हम हमारे वीर जवानों, जम्मू-कश्मीर पुलिस के सिपाहियों और बैंक के अधिकारियों के प्रति अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त करते हैं और उनकी शहादत को सलाम भी करते हैं। सैनिकों की हत्या कर पाकिस्तान द्वारा उनके शवों को क्षत-विक्षत करना एक कायर और विकृत मानसिकता को उजागर करता है। यह दर्शाता है कि एक पड़ोसी देश मानवता की हदों को छोड़ कहाँ तक गिर सकता है। हम इस कायरतापूर्ण और विकृत मानसिकता के इस हमले की निंदा करते हैं, भर्त्सना करते हैं।

एक तरफ पाकिस्तान आए दिन एक षडयंत्र के तहत हमारे सैनिकों पर कातिलाना हमला करता है और दूसरी तरफ आए दिन पाकिस्तान - निर्यातित उग्रवादी हमारे सैन्य संस्थाओं और दूसरे संस्थानों पर हमला कर पुलिस और आमजनमानस की आए दिन हत्या कर रहे हैं। केवल जम्मू-कश्मीर में पिछले 3 साल में 200 से अधिक सैनिक वीरगति को प्राप्त हो चुके हैं। 91 सामान्य नागरिकों की जान चली गई और इतना ही नहीं पूरे देश में अगर आप उग्रवाद पाकिस्तान निर्यातित उग्रवादियों, नक्सलवादियों और पाकिस्तान द्वारा हमले जो हुए हैं, अगर आप उनका आंकडा देखें तो चौंकाने वाला है। 575 जवान पिछले 3 साल में वीरगति को प्राप्त हुए हैं। 877 नागरिकों ने उग्रवाद और पाकिस्तान से आने वाली गोलियों से लड़ते हुए देश के लिए कुर्बानी दी। 1343 बार पाकिस्तान ने जम्मू और कश्मीर में सीमा रेखा का उल्लंघन किया। 12 से अधिक बड़े उग्रवादी हमले पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर और पंजाब में कर गया। चाहे वो जुलाई 2015 का गुरदासपुर हमला हो, अगस्त 2015 का उधमपुर उग्रवादी हमला हो, जनवरी 2016 का पठानकोट हमला हो, फरवरी 2016 और जून 2016 का पंपोर उग्रवादी हमला हो, सितंबर 2016 का दिल दहलाने वाला उरी में हमारे सैन्य संस्थान पर हमला हो और चाहे हाल में ही अप्रैल 26, 2017 को कुपवाड़ा का हमला हो, जहाँ हमारे सैनिक और जवान वीरगति को प्राप्त हुए और चाहे वो 1 मई 2017 का पुंछ का हमला हो और कुलगाम का हमला हो, जहाँ हमारे सिपाही और सेना के जवान और 2 बैंक के अधिकारी वीरगति को प्राप्त हुए।

सच यह है कि इस प्रकार के व्यापक उग्रवादी हमले, इस प्रकार आए दिन पाकिस्तान के द्वारा हमारी सेना पर किए जाने वाले हमले, इस देश में राजनीतिक नेतृत्व की कमी को दर्शाता है। इस देश में नीति और नियत के अभाव को दर्शाता है और सबसे अधिक राष्ट्रीय सुरक्षा में हो रही भारी चूक और भूल को दर्शाता है। सच यही है कि 125 करोड़ की आजादी वाला ये देश मौजूदा सरकार से जवाब मांग रहा है। हम पाकिस्तान को 56 ईंच का सीना कब दिखाएंगे? हम पाकिस्तान से लाल आँख करके कब बात कर पाएंगे? कितने माँ और बहनों को अपने पति, भाईयों और बेटों की कुर्बानी देनी होगी, जब पाकिस्तान से आने वाली गोलियां और उग्रवाद रुक पाएगा ? कब तक हम कूटनीति और सामरिक दृष्टि से शून्य में खड़े आएंगे और कब जागेगी भारतीय जनता पार्टी, प्रश्न ये है? इसका जवाब ये देश मांग रहा है, क्योंकि अब बातें नहीं, अब एक ठोस नीति और ठोस कार्यप्रणाली की आवश्यकता है।

Shri Surjewala said two army men made the supreme sacrifice in Poonch in J&K today. Not only that, about 1-1/2 hour ago, in a brutal terrorist attack, five policemen and two bank officers have lost their lives. On one side, Pakistan attacks our borders men on a daily basis in a completely unprovoked fashion and on the other side, Pakistan exports terror attacks on our military and civilian installations leading to casualties of our army men as well as our civilians.

In J&K alone in the last three years, 200 jawans have made the supreme sacrifice, 91 civilians have lost their lives and if we look at the All-India figure, they are indeed shocking - 575 jawans of para-military forces, police and army have lost their lives. 877 civilians have died in J&K alone. Pakistan has committed ceasefire violations 1343 times. There have been 12 major terrorist attacks in Punjab and J&K in last 1-1/2 year alone. Why is this Government doing? Does it not show lack of a credible political leadership in the country? Does it not show absence of a policy or direction to either tackle Pakistan or to deal with terrorism in India? What it really shows a serious lapse in national security on part of the present BJP Government.

On behalf of 125 crore Indians, we want to ask the relevant questions – when will Government of India and the current BJP Government show the 56” chest to Pakistan. When will we speak to Pakistan in the language of red eyes that BJP used to speak about and its leadership used to swear by? How many more brothers, sisters and husbands would be lost before we can have a credible and a decisive policy to tackle Pakistan and to deal with terrorism? For how long will we have a complete vacuum in our diplomatic as also the strategic policy of dealing with Pakistan in terrorism and when will BJP Government wake up from its slumber. We have seen enough rhetoric and we have seen a lot of words. It is high time for a decisive policy and a decisive line to tackle terrorism, as also to tackle Pakistan which continues to kill our soldiers, mutilate their bodies in a complete act of cowardice day after day and that is the relevant questions that people of India want to know.   

एक प्रश्न पर कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ बाजवा के सीमा पर दौरे के तुरंत बाद ये हमला हुआ है, क्या कहेंगे, श्री सुरजेवाला ने कहा कि पाकिस्तान आए दिन इस देश के जवानों की षडयंत्र कर बगैर कारण के हत्या कर रहा है। एक विकृत और कायर पाकिस्तान हमारे जवानों के शव क्षत-विक्षत करने का दु:साहस कर रहा है। पाकिस्तान निर्यातित उग्रवादी आए दिन हमारे सैन्य संस्थानों और नागरिक संस्थानों में दिन दहाड़े घुस कर दु:साहस कर हमारे सैनिकों, हमारे सिपाहियों और हमारे नागरिकों की हत्या कर रहे हैं। सवाल ये नहीं कि पाकिस्तान की फौज का अध्यक्ष कौन है, या नेतृत्व कैसा है, सवाल ये है कि पाकिस्तान की नीति और मंशा क्या है और सवाल ये भी है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के पास क्या जवाब है, इस दु:साहस और कायरता पूर्ण कार्य से निपटने के लिए और एक दूरगामी उग्रवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा की नीति के बारे में राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर ये सरकार बिल्कुल चिंतित नहीं है। राष्ट्रीय सुरक्षा में भारी चूक है, भारी भूल है। ये नेतृत्व की कमी, नीति और नियत के अभाव को दर्शाता है।

अगर मौजूदा सरकार सेना की स्वायतता में और स्ट्रेटेजिक मुद्दों पर उन्हें निर्णय लेने की आजादी देगी तो इस देश की सेना और इस देश की पैरामिलिट्री वो चाहे सीआरपीएफ हो, आईटीबीपी या अन्य संस्थाएं हों वो सक्षम हैं, ना केवल देश की सुरक्षा करने में परंतु एक मुंहतोड़ जवाब देने में भी। परंतु अगर आप सैनिकों की कुर्बानी का राजनीतिकरण करेंगे जैसा केवल मात्र इस सरकार का लक्ष्य रहा है तो फिर उससे सेना के मनोबल में कमी आती है। यह एक महत्वपूर्ण बात है जो सरकार को समझने की आवश्यकता है। सामरिक नीति और कूटनीति नीति सरकार बनाए और सेना को और पैरामिलिट्री फोर्सिस को इस बात की आजादी दें कि वो कब, कहाँ और कैसे जवाब देंगे, उनके बलिदान का राजनीतिकरण न करें।

स्मृति ईरानी के बयान पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में श्री सुरजेवाला ने कहा कि मैं आपको ये भी याद दिलाऊँ कि विपक्ष की एक सम्मानित नेता जो आज की सरकार में एक सम्मानित मंत्री हैं, जब यूपीए की सरकार में उग्रवाद के द्वारा या पाकिस्तान के द्वारा हमला होता था, वो कहा करती थी कि मन करता है कि वो सरकार को चूडियाँ देकर आएं। आज हम जानना चाहेंगे कि आज उनकी मंशा इस बारे में मौजूदा सरकार के साथ क्या है, क्योंकि केवल बातों से काम नहीं चलेगा। बड़ी-बड़ी बातें और बड़े-बड़े जुमले हमने बहुत देख लिए। आज पूरा देश राष्ट्र की सुरक्षा को लेकर चिंतित है और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए उठाए गए हर कदम में हम देश की सेना के साथ हैं। 125 करोड़ नागरिक देश की सेना के साथ हैं, देश की सेना का सब सम्मान करते हैं। सरकार देश की सुरक्षा में जो कदम उठाएगी, हम सहयोग करेंगे। लेकिन जुमले कसने वाले लोगों को भी अपने अंतर्मन में झांक कर देखने की आवश्यकता है कि 56 ईंच का सीना कहाँ गया और आँखे लाल करके पाकिस्तान से बात कब की जाएगी?


 
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