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Highlights of the press briefing along with youtube link of Shri Randeep Singh Surjewala 4-5-2017

https://www.youtube.com/watch?v=C7gjn7NEQWo

श्री रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि  कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी जी और कांग्रेस उपाध्यक्ष श्री राहुल गाँधी जी ने दूसरे चरण का पुर्नगठन मंजूर कर लिया है। पहले चरण में गुजरात, गोवा और कर्नाटक तीन राज्यों के लिए नई टीम का गठन कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष द्वारा किया गया। आज राजस्थान कांग्रेस प्रदेश कमेटी के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में एक नई टीम का गठन किया गया है।

कांग्रेस उपाध्यक्ष द्वारा श्रीमान अविनाश पांडे को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का महासचिव और राजस्थान का प्रभारी नियुक्त किया गया है। राजस्थान में आगामी चुनाव को देखते हुए एक नई युवा सचिवों की टीम को राजस्थान में नियुक्त किया गया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के नए सचिव जो राजस्थान के प्रभारी होंगे वो इस प्रकार हैं-

श्री विवेक बंसल, श्री काज़ी मोहम्मद निज़ामुद्दीन, श्री देवेन्द्र यादव व श्री तरुण कुमार। विवेक

बंसल जी उत्तर प्रदेश से हैं। काज़ी मोहम्मद निज़ामुद्दीन उत्तराखंड के युवा साथी हैं। देवेन्द्र यादव जी व तरुण कुमार दिल्ली प्रदेश से हैं।

इसके अतिरिक्त कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गाँधी जी और कांग्रेस उपाध्यक्ष श्री राहुल गाँधी जी ने पंजाब में कैप्टन अमरिन्द्र सिंह जी, जो पंजाब प्रदेश का नेतृत्व बतौर मुख्यमंत्री के तौर पर कर रहे हैं, उनके स्थान पर पूर्व मंत्री श्री सुनिल जाखड़ जी को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी में भी हमारे एक औऱ काबिल साथी किशोर उपाध्याय जी ने लंबे समय तक पार्टी को अपनी सेवाएं दी। चुनाव सम्पन होने के बाद अब एक नई कमेटी का गठन करना पार्टी ने आवश्यक समझा। कांग्रेस अध्यक्ष जी और कांग्रेस उपाध्यक्ष जी ने उत्तराखंड में श्री प्रीतम सिंह जी जो पूर्व मंत्री हैं, विधायक रहे हैं 4 बार, उनको उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है।

वर्तमान में मध्यप्रदेश से सांसद और मशहूर वकील श्री विवेक तन्खा जी को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की लीगल और ह्यूमन राईट्स डिपार्टमेंट का चैयरमैन नियुक्त किया गया है। माननीय मिर्ज़ा इरशाद बेग जो हमारे वरिष्ठ साथी हैं और इससे पहले राजस्थान के प्रभारी थे, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष श्री राहुल गाँधी जी ने राजस्थान में और राष्ट्र में दी गई पार्टी के लिए उनकी सेवाओं को सराहा है और वो अब राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रभारी नहीं रहेंगें।

इस प्रकार राहुल गाँधी जी और श्रीमती सोनिया गाँधी जी के द्वारा गुजरात, गोवा, कर्नाटक और राजस्थान इन 4 प्रांतो के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के लिए नई टीम का गठन सम्पूर्ण कर लिया गया है। 2 प्रदेश कांग्रेस कमेटीयों के नए अध्यक्षों की नियुक्ति भी कर दी है जिनका नाम मैंने आपको पढ़कर बताया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के भिन्न-भिन्न विभागों के पुर्नगठन की प्रक्रिया भी शुरु कर दी गई है लीगल और ह्यूमन राईट्स डिपार्टमेंट के गठन के साथ।

पिछले एक पखवाड़े में इन दो चरणों के पुर्नगठन की प्रक्रिया में 17 नए पदाधिकारी कांग्रेस अध्यक्ष जी और उपाध्यक्ष जी द्वारा नियुक्त किए गए। मुझे ये बताते हुए और आपके संज्ञान में लाते हुए खुशी है कि इनमें से 10 पदाधिकारी 50 वर्ष से कम की आयु के हैं। माणिक टैगोर, पी.सी विष्णु नाथ, अमित देशमुख, राजीव सातव, हर्षवर्धन सपकाल, वर्षा गायकवाड़, जीतू पटवारी, काजी मोहम्मद निज़ामुद्दीन, देवेन्र्त यादव और तरुण कुमार समाज के सब वर्गों और तजुर्बे का प्रतिनिधित्व करते हैं। पिछड़े वर्गों और अति पिछड़े वर्गों के ओबीसी के इन 17 में से 7 पदाधिकारी हैं।

आदरणीय अशोक गहलोत जी, माननीय टेगौर जी, मनु याक्षी गौड़ जी, राजीव सातव जी, डॉ. चेल्ला कुमार जी, जीतू पटवारी जी, देवेन्द्र यादव जी, नए नौजवानों को एक नए नेतृत्व के पदार्पण करने का प्रयास कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष जी ने किया है। इसके अलावा ये प्रयास भी किया गया कि वो लोग जो लंबे राजनीतिक तजुर्बे, प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों से निकल कर आए हैं और आज भी जिनमे से अधिकतर सांसद या विधायकों के पदों पर अपने-अपने क्षेत्रों में नेता हैं, जाने पहचानें हैं, उनको मौका दिया गया है।

कांग्रेस का फीडर काडर कांग्रेस के अग्रिम संगठन, कांग्रेस के चारों अग्रिम संगठनों में काम करते हुए 17 में से 10 पदाधिकारी ऐसे हैं जिन्होंने छात्र संगठन या महिला कांग्रेस में काम किया है। आपके संज्ञान में लाना चाहूंगा और हमें इस बात का फख्र है, सबसे वरिष्ठ जो मुख्यमंत्री रहे और केन्द्रीय मंत्री रहे लेकिन उन्होंने अपनी जिंदगी का कार्यकाल छात्र संघ और युवा कांग्रेस से शुरु किया वो अशोक गहलोत साहब जी हैं। वो शीर्षत्तम उँचाईंयों तक देश के नेता रहे। इसके साथ-साथ के.सी वेणुगोपाल जो महासचिव प्रभारी हैं कर्नाटक के, वो केरल में छात्र संघ के अध्यक्ष रहे, केरल में युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे, आज सांसद हैं, पूर्व केन्द्रीय मंत्री रहे। माणिक टैगोर जी जो अध्यक्ष रहे आल इंडिया NSUI के, उन्होंने महासचिव, अखिल भारतीय युवा कांग्रेस के तौर पर काम किया और सांसद भी रहे। पी.सी विष्णु नाथ जी केरल स्टूडेंस और प्रदेश कांग्रेस कमेटी दोनों में लंबे अर्से तक काम किया। अमित देशमुख जी जिन्होंने प्रदेश युवा कांग्रेस के जनरल सेक्रेट्री, वाईस प्रेसिडेंड, विधायक और पीसीसी के महासचिव के तौर पर काम किया। राजीव सातव जी जो युवा कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। हर्षवर्धन सपकाल जी को IYC के एक्जेक्टिव काउंसिल के सदस्य हैं। जीतू पटवारी जी जो मध्यप्रदेश के पूर्व युवा कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। देवेन्द्र यादव जी जो युवा कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय सचिव हैं। तरुण कुमार जी जो NSUI के पूर्व राष्ट्रीय सचिव और डूसू के पूर्व सेक्रेट्री हैं,

ये एक अनूठा मिश्रण है तरुणाई और तजुर्बे का। हमें उम्मीद है सारे प्रांतो में जहाँ 2019 से पहले चुनाव होने वाले हैं। इन नई टीम के गठन के साथ एक नई ताकत और नई स्फूर्ति और नया जोश, ये हमारे सब काबिल साथी, वहाँ के संगठन में और वहाँ के साथियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कर पाएंगे।


Wherever necessary, as you have noted, an extremely seasoned person has been made In-charge General Secretary of the State and a young youthful team has been appointed with them to support and carry forward the organizational and electoral responsibility.

May I recall for you and some of my very senior colleagues amongst the Journalist sitting here would vouch safe that Shri Ashok Gehlot Ji was appointed as PCC President by late Shri Rajiv Gandhi Ji at the age of 33-1/2 years and when he became the PCC President of Rajasthan at 33-1/2 years, there was somebody who yielded for him. So, generational hand holding and generational continuation of a mixture of young and old has been an ideal mix presented by the Congress Party from time to time.

And May I also remind you that even prior to independence, be it Pt. Motilal Nehru Ji or Pt. Jawaharlal Nehru Ji or Shri Subhash Chandra Bose Ji or many other who became Presidents of the Indian National Congress, each one of them became President at a young age and so this has been developmental of new leadership, respect for a senior leadership, utilization of experience of the seniors, giving youthful energy and role and responsibilities to the young, is part of Congress Party's evolutionary process. We do not reject people with credibility and experience and send them to 'Kop-Bhawan' or as "Markdarshak Mandal'.

So many people who have risen from the grassroots whether they are Members of NSUI or Youth Congress or Mahila Congress, of Seva Dal, they have been given new positions and roles and responsibilities in the Congress Party.


स्मृति ईरानी जी के पति पर जमीन हड़पने का मामला सामने आया है क्या कहेंगे, श्री सुरजेवाला ने कहा कि हमें उम्मीद है कि आदरणीय स्मृति ईरानी जी ने कुछ पाठ तो जरुर सीखा होगा। कभी प्रधानमंत्री जी की वेबसाईट पर उनकी डिटेलस को लेकर विवाद रहता है। उनकी संपत्ति के डिस्कलोजर को लेकर, कौन उसमें शामिल है, किसने किससे लोन लिया है? कभी उनकी योग्यता को लेकर उनके झूठ पकड़े जाते हैं। भिन्न-भिन्न एफिडेविट उन्होंने दिए हैं, अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि देश की पूर्व शिक्षा मंत्री की शिक्षा क्या है। अब एक खबर आई है मध्यप्रदेश से कि उनके आदरणीय पति के बारे में लिखा गया है कि उन्होंने वहाँ सत्ताधारी पार्टी के रहमो करम पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने का आरोप है। हमारा ये मानना है कि अगर ये खबर सही है तो ये दुर्भाग्यपूर्ण भी है और मध्यप्रदेश सरकार को इसकी जांच करानी चाहिए और इसकी तह तक जाना चाहिए। अगर ये सही है कि स्मृति ईरानी जी के पति ने किसी सरकारी जमीन पर कब्जा किया है तो उसको छुड़ाने के लिए उचित कार्यवाही होनी चाहिए और जो उचित कार्यवाही फौजदारी कानून में बनती है वो भी उनपर होना चाहिए। हमें उम्मीद है कि मध्यप्रदेश की सरकार राजधर्म निभाएगी और आदरणीय स्मृति ईरानी जी और उनके पति भी राजधर्म के अनुपालना में सहयोग करेंगे।
 
कर्नाटक में गौ-रक्षकों की खबर पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में श्री सुरजेवाला ने कहा कि एक विशेष समाचार पत्र समूह ने इस पूरी खबर को तोड़-मरोड़ कर और झूठे तरीके से पेश करने का प्रयास किया है। मुझे यह कहने में कोई गुरेज नहीं है। शायद उन्हें 2 तथ्यों की जानकारी नहीं है। पहला, कर्नाटक में गौ-रक्षा कानून और सब प्रांतो में ये 50-60 के दशक में पारित किया गया था। आज भाजपा का मानना है कि शायद देश का इतिहास 26 मई 2014 से शुरु होता है परंतु वाकई में ये देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ है। ये कानून 1964 में वहाँ की विधानसभा द्वारा पारित किया गया। अगर उस कानून की धारा 15 को देखें तो उसकी धारा 15 में जो सरकारी अधिकारी, मैं फिर दोहरा रहा हूं 'जो सरकारी अधिकारी' जिनकी जिम्मेदारी है उस कानून को लागू करने की, उनको प्रोटेक्शन है कि उनके खिलाफ झूठा मुकदमा चलेगा तो उनको प्रोटेक्शन मिलेगी, अपना काम करने से। उसका किसी व्य़क्ति विशेष। या समूह से जो निजि क्षेत्र में है, कोई लेना-देना नहीं है। दुर्भाग्य से भाजपा के लोग आए दिन गऊ माता की रक्षा के नाम पर जैसा मोदी जी कहते हैं गुंडई करते हैं, उनको सरकारें संरक्षण देती हैं। वो इस पूरे मामले को एक झूठे, षडयंत्रकारी और बेबुनियाद तरीके से तोड़-मरोड़ कर पेश करने का प्रयास कर रहे हैं। 1964 से 2017 तक कानून स्पष्ट है और कानून 1964 में कर्नाटक की विधानसभा द्वारा बनाया गया था। अगर कोई अधिकारी उस कानून की अनुपालना में कोई कार्यवाही करेगा धारा 15 के तहत तो उसके खिलाफ कोई झूठा मुकदमा नहीं चल सकता, ये धारा 15 लिखा है। उसका किसी गऊ रक्षक या व्यक्ति विशेष समूहों से लेना-देना नहीं है।    

On the question of news item on 'Gau Rakshaks', people play 'Gundai', Shri Surjewala said it has become fashionable for certain section of Media to twist the truth and to compromise on the truth guided by certain vested interests in the ruling dispensation. Cow protection Laws in this country were passed in 90% of the States in 1950s and 1960s. While BJP may believe that India got independence on 26th of May 2014, the stark reality is that India got independence after a long struggle on 15th August 1947 and Constitution on 26 Jan. 1950. 1964 is the year when the Law was passed and Section 15 of that Act gives protection to Government officials assigned with the responsibility of undertaking and implementing the concern over the Cow Protection Act 1964 from fictitious litigation.  

The protection is not given to any individual, group of individuals or private persons, but like in all Legislations and I have also practiced law for a certain number of years, when Government officials perform their duties and obligations, statutes, Central or States, carry a provision which provide protection to those carrying on duty under the Act from vexatious and unnecessary or unwarranted litigation.

It is this provision which is being wrongly, maliciously and conspiratorially implemented and interpreted to say wheat is being said and we reject it in toto.

On being asked on leakage of data of 'Aadhar Card', Shri Surjewala said you had raised an important and relevant point for people of this country. BJP Government wants to tell everybody particularly the young men or women what they have to wear. BJP Government wants to tell you where to go and where not to go and what time to go? BJP Government wants to regulate what is going to be your culture, your modes, your customs, your food habits, your description and perhaps now BJP Government has gone to the extent of saying that 125 Crore citizens of this country have no right over their bodies or limbs.

It is shocking and unheard of that 12 Crore Aadhar Card holders' information has been blatantly leaked and is now available to anybody to access and to use and misuse in any manner that they want. On one side, we speak about right of privacy, on one side we speak about freedom of expression, on one side we speak about right of life and control over one's body and one's thought and one's food habits and one's clothing and one's customs and one 's culture and on the other side, BJP Government is blatantly defending leakage of such sensitive information as is available to others which is prone to misuse and which can put an ordinary citizen into a lot of difficulties by misuse.

Brazenly they are also saying now people in this country will no longer have any right over their bodies, their limbs, their mind, their thought process and everything else. I think it is a shocking state of governance and this is time for the Hon'ble Supreme Court to take note and we are glad it has taken. It's time for people of India to rise in unison and tell the rulers of the current dispensation that autocracy and obduracy of this nature is unacceptable and anathemic to democracy, as also the Constitution and ethos of the country.

EVM मशीन के बारे में चुनाव आयोग द्वारा बुलाई गई मीटिंग पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में श्री सुरजेवाला ने कहा कि चुनाव आयोग का कर्तव्य निष्पक्ष चुनाव करवाना है। पूरा देश समेत कांग्रेस पार्टी के चुनाव आयोग का सम्मान करता है क्योंकि निष्पक्ष, निर्भिक और सर्वमान्य चुनाव करवाने की प्रक्रिया का संरक्षण चुनाव आयोग की जिम्मेदारी व जवाबदेही है। चुनाव आयोग किसी राजनीतिक दल के खिलाफ हो मैं ऐसा नहीं मानता। चुनाव आयोग का काम दलों को चुनोति देना नहीं, चुनाव आयोग का काम प्रजातंत्र की परिपाटी को मजबूत करना है, चुनाव आयोग का काम तू-तू मैं-मैं में उलझना नहीं, चुनाव आयोग का काम डेमोक्रेटीक प्रोसेस को एक ऐसा आयाम देना है कि वो पूरी तरह से पारदर्शी बने। चुनाव आयोग का काम किसी पार्टी के पक्ष या विपक्ष में निर्णय लेना नहीं है। चुनाव आयोग का काम इस देश के 125 करोड़ लोगों में से अगर एक व्यक्ति भी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर प्रश्न उठाता है तो उसके शक को दूर करना है। हमें उम्मीद है कि चुनाव आयोग इस संवैधानिक और नैतिक परिपाटी का निर्वहन अच्छी तरह से कर पाएगा। जो इंजिनियरस, जो एक्सपर्टस जिन्होंने बार-बार ये कहा है कि अगर वो सूचनाएं उपलब्ध करवाएं तो वो चुनाव आयोग को बता पाएंगे कि किस प्रकार की खामियाँ या कमियां है, अगर ऐसा कुछ पाया गया तो चुनाव आयोग बजाए उसे एक हमले या affront के तौर पर मानने की बजाए उसको निरस्त करने का प्रयास करेंगे, ये अपने कर्तव्य का निर्वहन करने की परिपाटी है, हमें उम्मीद है कि वो ऐसा करेंगे। 

On the question of an All Party meeting by the Election Commission of India, Shri Surjewala said role of the Election Commission is to uphold the majesty of the democratic process. The role of Election Commission is not adversarial. Election Commission is not hostile to a Political Party or group. The sole responsibility and onus of the Election Commission is to uphold the majesty, transparency and accountability of the democratic process.

Election Commission cannot and does not side with one or the other Political Party or dispensation. We, in Congress Party, have faith in the neutrality of the Election Commission of India. Many experts and specialists have come forward to point out deficiencies and defects in the existing mechanism of the EVMs, I am certain that EC will give them full opportunity. If there are any defects found, we expect the Election Commission to correct the EVMs. If no defects are found, at least doubts will be removed. Even if one person in our democracy raises a doubt or a finger or questions the independence of the electoral process, the onus lies at the doorsteps of the Election Commission to remove those doubts for the sanctity of the electoral process. We are certain that that onerous responsibility will be fulfilled by the Election Commission of India.

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