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Highlights of the press briefing along with youtube link of Shri Kapil Sibal, MP 5-05-2017


https://www.youtube.com/watch?v=smtFrjqu-b0&feature=youtu.be

श्री कपिल सिब्बल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि 16 दिसंबर 2012 को एक Physiotherapist महिला जिसकी उम्र 23 वर्ष थी उसका 6 लोगों द्वारा बर्बर बलात्कार किया गया दिल्ली में। उसके साथ एक लड़के को बस से बाहर फेंका गया। हादसे की शिकार उस महिला को सिंगापुर भी भेजा गया इलाज के लिए किंतु 29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर में उसकी मृत्यु हो गई।

Shri Sibal said this was a most brutal murder and it agitated all of us. The society could not accept the fact that she had been attacked in such an inhuman brutal fashion.

उसके बाद ट्रायल हुआ। 6 लोगों में एक जुवेनाईल था। ट्रायल होने के बाद 5 लोगों की conviction हो गई, जो छठा था जुवेनाईल, उसकी भी conviction हो गई। उसे जुवेनाईल होम में भेजा गया। 2014 में केस हाईकोर्ट में आया। हाईकोर्ट ने conviction को बरकरार रखा।

And then the matter went to Hon'ble Supreme Court and today the Hon'ble Supreme Court has affirmed the death sentence qua four accused.

इस दौरान एक आरोपी रामसिंह ने आत्महत्या कर ली जेल में। तो 4 आरोपी बचे- विनय शर्मा, पवन, मुकेश और अक्षय ठाकुर। चारों को आज SC ने सजाए मौत का ऐलान किया है और जो हाईकोर्ट का ऑर्डर था, उसको बरकरार रखा।

Shri Sibal said this was considered to be a case where the crime was so inhuman that it came within the definition of rarest of rare cases. Therefore, the death sentence was awarded and it was upheld. The Hon'ble Supreme Court calls it rarest incident, a crime of a different world and it said that the offence created a 'tsunami of storm'. I am only quoting the Hon'ble Supreme Court and they said that mitigating circumstances were outweighed by the aggravating factors which were placed before the Court and the Hon'ble Supreme Court said that Nirbhaya was only used as an object. It created a fear psychosis in the minds of the people especially women. The brutality, the cruelty and the perverse nature of the crime makes it a rarest of rare cases.

Rule of law has brought the culprits to book. SC के फैसले से आज उस परिवार को कुछ तो सुकून मिला होगा, कुछ तो शांति मिली होगी।

लेकिन आज के दिन हमारे शहरों की स्थिति क्या है? जो आंकड़े मैं आपको बताउंगा ऐसा लगता है कि कई निर्भया हादसे होते हैं और अखबारों में शायद उनकी खबर भी नहीं छपती, जिनके बारे में पता भी नहीं चलता। 

Shri Sibal added in the over-all crime against women, Delhi is Number One.

Per lakh population 184 women are attacked in Delhi. Out of every one lakh women in Delhi, 184 women are subjected to some kind of attack. Number Two comes the State of Assam – 148 for One lakh women, Telengana 83 such incidents, then Odisha 812 for one lakh population and Rajasthan again 81 per One lakh population, Haryana 75 for one lakh population, West Bengal 73 for one lakh population, Tripura 68 and Madhya Pradesh 65 per lakh population. These are the top States in terms of crime against women.

As far as rapes are concerned, highest number of women are raped for one lakh population in Delhi, at number two comes Chhatisgarh at 12.2. Delhi has twice as the Number two State, Madhya Pradesh 11, Odisha 10, Rajasthan 10, Maharashtra 07 and Uttar Pradesh 03.

Assault on women in States – again Delhi is Number 1 – 28 women are assaulted per lakh population. Gwalior 17, Bhopal 17, Nagpur 15, Jodhpur 38 - maximum is Jodhpur - and Durg Bhilai 16.

     

Cities

Crime Rate of Rape

Against Women

Crime Rate of Assault

on Women

 

Delhi

11.6

28

 

Gwalior

10.4

17.1

 

Bhopal

7.1

17.1

 

Nagpur

6.6

15.7

 

Jodhpur

13.4

38.7

 

Durg-Bhilai

 

7.9

16.4

 

Crime Against Women: Rape Cases

 

State

Incidents of Rape

Rate: per 1 Lakh female

population

 

Delhi

2199

23.7

 

Chattisgarh (BJP)

1560

12.2

 

Madhya Pradesh (BJP)

4391

11.9

 

Odisha

2251

10.8

 

Rajasthan (BJP)

3644

10.5

 

Maharasthra (BJP)

 

4144

7.3

Uttar Pradesh (BJP)

 

3025

3.0

 

Overall Crime Against Women

Rank

State

Cases

Rate: per 1 Lakh female

population

 

1.

Delhi

17104

184.3

 

2.

Assam

23258

148.2

 

3.

Telangana

15135

83.1

 

4.

Odisha

17144

81.9

 

5.

Rajasthan (BJP)

28165

81.5

 

6.

Haryana (BJP)

9466

75.7

 

7.

West Bengal

33218

73.4

8.

Tripura

1267

68.2

 

9.

Madhya Pradesh (BJP)

24135

65.5

 

तो शहरों को देख लो, राज्यों को देख लो, ऐसा लगता है कि सबसे ज्यादा हादसे होते हैं महिलाओं के साथ, उनमें दिल्ली नंबर वन पर है। कब यहाँ की कानून व्यवस्था सुधरेगी और कौन सुधारेगा, कौन सुरक्षा करेगा महिलाओं की? ये सवाल हम सबसे क्योंकि ये समाज का भी सवाल है, सरकार से पूछते हैं, क्या आश्वासन देगी सरकार और क्या कदम उठाएगी? क्या कदम उठाए इस सरकार ने, जो वायदे किए थे उन्होंने? SC का जो निर्णय आया है हम उसका स्वागत करते हैं। हम सब एक साथ मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाएं कि आने वाले दिनों में ऐसे हादसे ना हों।

 

एक प्रश्न पर कि बिलकिस बानो के मामले पर भी फैसला आया है, श्री सिब्बल ने कहा कि ये भी एक फैसला महाराष्ट्र में हुआ है। उस निर्णय का भी हम स्वागत करते हैं। एक महिला गर्भवती थी और उसकी 3 साल की बच्ची थी, 13 परिवार के लोग थे, सबको मार दिया गया, 2002 में। जब वो पुलिस थाने में गई एफआईआर दर्ज कराने तो वो भी दर्ज नहीं की गई। उसके बाद ह्यूमन राइट्स कमीशन ने 2003 में दखलअंदाजी जी, जब ह्यूमन राइट्स कमीशन ने दखलअदांजी की, जांच हो ही नही रही थी, उसके बाद SC में मामला आया, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये मामला सीबीआई को सौंप दिया जाना चाहिए और कहा गया कि इसका ट्रायल गुजरात में नहीं होगा। उस समय बीजेपी की सरकार थी। निर्णय आया, सब लोग जो आरोपी थे वो कनविक्ट हो गए, लेकिन कुछ पुलिस अधिकारी और डॉक्टर कनविक्ट नहीं हुए, उनको रिहा कर दिया गया। ये जो फैसला हुआ है महाराष्ट्र में, इसमें जो बाकी लोग आरोपी थे, उनकी कनविक्शन बरकरार रही, पुलिस अधिकारी और दोनों डॉक्टरों की भी कनविक्शन हो गई। क्योंकि अदालत ने कहा है कि इन लोगों ने कोशिश की थी सुबूत को छुपाया जाए। उस फैसले का भी हम स्वागत करते हैं। जहाँ-जहाँ महिलाओं के साथ हादसे होते हैं, जांच की जाती है और कोर्ट निर्णय करती है, हम सबको उसका स्वागत करना चाहिए और हमारा विश्वास है कि हमारी सरकार भी इस निर्णय का स्वागत करेगी जैसे हम निर्भया कांड फैसले का स्वागत कर रहे हैं।

 

एक अन्य प्रश्न पर कि पाकिस्तान की तरफ से लगातार हमले हो रहे हैं, क्या कहेंगे, श्री सिब्बल ने कहा कि रोज घुसपैठिए आकर हमला करते हैं। ये तो बहुत दुखद बात है। हमें याद है अमित शाह जी ने कहा था 'यदि मोदी जी प्रधानमंत्री बने तो पाकिस्तान के घुसपैठिओं की सीमा पार करने की हिम्मत नहीं होगी'। बड़े विश्वास के साथ बोला, अमित शाह जी बताएं हमें कि अब पाकिस्तान की हिम्मत कैसे बढ़ गई है? पहले हमें कहते थे कि हम लव लैटर भेजते हैं। ये लविंग ट्विटस भेजते हैं, क्यों भेज रहे हैं? इतने विश्वास के साथ बात करते थे कि - Terror and dialogue cannot go together, but terror and birthday cake can go together, ये तो वही बता सकेंगे।  इसके बारे में मोदी जी ने क्या कहा वो कैसे मुकरे तो ये मोदी जी ही बता सकते हैं। अगर आपको मौका मिलता है सवाल पूछने का तो आप पूछ सकते हैं, अगर कभी मौका मिले, शायद जवाब मिले।

 

On the situation in Kashmir as far as stone pelting by youth is concerned, Shri Sbal said intelligence gathering should be done. But one thing we are worried about,

 

श्री सिब्बल ने कहा कि जो कश्मीर में हो रहा है, कि स्कूल, कॉलेज के बच्चे सड़क पर आ गए हैं। ऐसा तो कभी नहीं हुआ। ये देश के सामने गंभीर सवाल है कि बच्चे सड़कों पर आ जाएं तो कहीं ना कहीं सरकार को इस बारे में सोचना चाहिए कि ऐसा हुआ क्यों? ऐसा पहले तो नहीं हुआ। अभी ऑपरेशन चल रहा है शोपिया में 4000 सैनिक गाँव में एंटी-टेरर सर्च ऑपरेशन कर रहे हैं। पहले एंटी-टेरर सर्च ऑपरेशन वो 1990 में हुआ था, जो 27 साल पहले हुआ था। तो कहीं ना कहीं सरकार की नीति स्पष्ट नहीं है। क्या नीति है सरकार की। कुछ तय नहीं हो रहा है, कुछ बात नहीं हो रही है। प्रधानमंत्री जी भी चुप हैं। वहाँ पथराव हो रहा है। बैंक रॉबरी हो रही है। मई में 3 हो गई। अक्टूबर से अभी तक 13 बैंक रॉबरी हो चुकी हैं। सैनिक मारे गए, बैंक अधिकारी मारे गए। ये हो क्या रहा है कश्मीर में और प्रधानमंत्री जी कुछ कह नहीं रहे हैं। वो बोलते बहुत हैं, लेकिन दुख हो रहा है कि वो अभी कुछ बोल नहीं रहे हैं।

 

Shri Sibal said you know very well earlier the whole atmosphere in Kashmir was far more peaceful than what it is today. We followed a concerted policy. Dr. Mammohan Singh without going to Pakistan for 10 years, remember this, Dr. Manmohan Singh Ji never visited Pakistan because they said that terror and talks can't go together.

 

लेकिन ये पाकिस्तान भी हो कर आ गए। जन्मदिन भी मना लिया इन्होंने। इनकी तो कोई पॉलिसी है ही नहीं। बात करते हैं कि हम पाकिस्तान से कभी बात नहीं करेंगे।

 

So, this is the problem, they have no policy on Kashmir and no policy on Pakistan. Given the talks between China, Russia and India, China has refused to talk. This is very sad.

 

बड़े दुख की बात है आपने पढ़ा होगा कि चाईना ने इंकार कर दिया है। एक तरफ तो झूला झूल रहे थे और दूसरी तरफ वो आने के लिए तैयार नहीं है। तो झूला क्यों झूल रहे थे। There is a great mismatch, somewhere.


 
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