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Highlights of the press briefing of Shri Anand Sharma, MP and Spokesperson, AICC 25-5-2017

श्री आनंद शर्मा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि आज शाम से अगले कुछ सप्ताह तक एक प्रचंड प्रचार होगा। सरकारी खजाना लुटाया जाएगा, केन्द्रीय सरकार का लगभग 1500 करोड़, पीएसयूस का सैंकड़ो करोड़ और बीजेपी की राज्य सरकारों का सैंकड़ो करोड़। कई हजार करोड़ लोगों को भ्रमित करने के लिए, एक मिथ्या प्रचार के लिए और ऐसे दावों के लिए, जो खोखले हैं, निराधार हैं।

भारतीय जनता पार्टी और एनडीए की सरकार ने जश्न का ऐलान किया है। ये जश्न का नहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की जवाबदेही का समय है। 3 साल की वायदाखिलाफी का जवाब देने का समय है। बेरोजगारी बढ़ाने का, देश के अर्थतंत्र को तोड़ने का और हर एक मानक बदल कर एक नकली तस्वीर जनता के सामने पेश करने का प्रयास किया गया। चिंता का विषय है कि निरंतर 3 साल में देश ने केवल प्रचार सुना है और ये प्रचार एक ऐसा है जहाँ एक तरफी बात है, एक ऐसा शासक है देश के अंदर, सबसे बड़े प्रजातंत्रिय देश की प्रणाली को आघात पहुंचा रहा है, व्यक्ति वाद को बढ़ावा देता है, व्यक्ति पूजा को भारतीय जनता पार्टी अधिकारिक ओहदा दे रही है। ये प्रजातंत्र के लिए घातक है। ये अधिनायकवादी सरकार है जहाँ सत्ता, शासन, शक्ति का और हर निर्णय का केन्द्रीयकरण कर लिया गया है। कोई छोटा फैसला भी ऐसा नहीं है सरकार में, जो केवल प्रधानमंत्री जी और उनके कार्यालय से ना लिया जाता हो। उनके कैबिनेट के मंत्री परेशान है, मजबूर हैं और वो प्रचार में केवल प्रशंसक मंडल के रुप में शामिल हैं। जो इन पर सवाल कर सकते थे वो, मार्गदर्शक मंडल में भेजे जाते हैं। ये आज की सरकार की, सत्ताधारी दल की वास्तविकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और उनकी सरकार शासन का, सत्ता का और सरकारी ऐजेसिंयो का दुरुपयोग करती है। देश में भय का वातावरण बन रहा है, सामाजिक तानाबाना टूट गया है।

बुनियादी सवाल है आज सबसे पहला सवाल है, हमारा देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की सुरक्षा दें इस सरकार की नीति पूर्णत: विफल है। 538 जवान मरे हैं, 200 से ऊपर कश्मीर में मरे हैं 2 वर्ष में। सेना के बड़े अधिकारी मारे जा रहे हैं, सीमा पार से निरंतर हमले हो रहे हैं और सरकार की तरफ से हर कुछ महीने के बाद एक वीडियो जारी करके लोगों को गुमराह किया जा रहा है, लोगों का ध्यान बंटाया जा रहा है। एक युद्ध का उन्माद पिछले कुछ दिनों से पैदा किया जा रहा है भारत और पाकिस्तान के बीच, ताकि जो सवाल करने चाहिए वो सवाल ना किए जाएं और पूरा ध्यान इस युद्ध के उन्माद में चला जाए। हम सरकार को चेताना चाहते हैं कि वो कोई गैर-जिम्मेवाराना बात करने से पहले पूरे विपक्ष को, जो आज तक इन्होंने कभी विश्वास में नहीं लिया, विश्वास में लें।

इस सरकार की कश्मीर की नीति विफल रही है। पाकिस्तान के बारे में नरेन्द्र मोदी जी की नीति या कूटनीति धराशायी हुई है। प्रधानमंत्री जी ने एक बार भी विनम्रता से खेद नहीं व्यक्त किया कि उन्होंने बड़ी भूल की थी। वही बीजेपी कि पाकिस्तान के उस समय के प्रधानमंत्री अजमेर शरीफ जा रहे थे और भारत के विदेश मंत्री ने उनको जयपुर में खाना दिया था, तो वो चुनाव का मुद्दा बना दिया था, उसको बिरयानी डिप्लोमेसी कहा गया। वो तो खुद ही खाने चले गए थे रायविंड में, 25 दिसंबर 2015, आज तक देश को नहीं पता कि क्या बात हुई, उसके बाद का घटनाक्रम देश को पता है कि पठान कोट से लेकर हमारे कई जो सेना के बड़े-बड़े ठिकाने हैं, जिन पर हमले हुए हैं और 3 बार भारत के जवानों के सर कटे, सरहद के पार से आतंकवादी या पाकिस्तान की सेना द्वारा, देश को अपमानित बार-बार होना पड़ा। लेकिन सबसे बड़ा अपमान उस दिन हुआ जब ये बिना कूटनीति समझे लाहौर उतर गए थे। एक छोटे से छोटे देश का भी प्रधानमंत्री अगर हमारे देश में आते हैं या किसी दूसरे देश में जाते हैं तो उनका स्वागत होता है, उनको सलामी मिलती है। हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री लाहौर में उतरे और वहाँ की थल सेना, वायु सेना और जल सेना के मुखियाओं ने उन्हें सलामी नहीं दी। अगर आज सवाल इनसे किया जाए तो वो जो सवाल करता है या जो आलोचना करता है तो वो राष्ट्रविरोधी हो जाता है। राष्ट्रभक्ति नरेन्द्र मोदी जी की, इनके चाटुकार मंत्रियों की, भारतीय जनता पार्टी की और इनके संगठन की धरोहर नहीं है। राष्ट्रभक्ति हर भारतवासी के दिल में है और ये उसका सर्टिफिकेट भारत के लोगों को देना बंद करें, बेहतर होगा।

Shri Sharma said about internal security, we have serious concerns. This Government is embarking on a new propaganda blitz, publicity blitz and that has been the hallmark of Narendra Modi's Government. Distraction, propaganda, falsification of facts, intolerance, insulting political opponents, insulting all predecessors, questioning the wisdom of intellectuals. Hundreds of crores of money they are taking out of the vaults of treasury just to build a personality cult around one person. The BJP has called it 'Modi Fest'.

The poor of India, the unemployed youth of India, the farmers of India and the vulnerable minorities are in a pensive mood, then what is this festival all about. In a democracy, the Governments are held to account for performance or non-performance. These three years are three years of false claims, of betrayal, of boasts and the unmaking of the promises that Prime Minister Narendra Modi and BJP had made three years ago.

I will give you some facts on economy. I will give you facts on internal security which will expose the falsity of what the BJP and the Government propaganda will be all about for the next two weeks. India is more vulnerable now than before. Our security is under a grave threat. We have lost more soldiers, more officers of the Armed Forces in the last three years. We have not, unlike them, politicized the issues. But we have been telling Prime Minister Narendra Modi that he should have a clear road map of India with the neighbourhood especially Pakistan, his Pakistan policy has been diplomatic disaster to say the least. There is no road map. Diplomacy requires gravitas and a sound comprehension. For the Prime Minister, it is a photo opportunity and that is what he has believed in and that is exactly what he did when he landed at Lahore and he became the first Prime Minister of a great Nation who was not given a Guard of Honour, not saluted by the three Service Chiefs when he landed there. The reason is very clear because he is carried away by the propaganda of his party, his Government machinery and the Ministers most of whom are rubber-stamps and have nothing much to do except to sing paeans of praise for a non-performing Prime Minister, who is used to making boastful claims on every issue.

आपको याद होगा 3 वर्ष पहले भारत के प्रधानमंत्री जी ने क्या कहा था कि रुपया डॉलर के मुकाबले वो 40 रुपए पर होगा, 3 साल पहले 59 रुपए 39 पैसे में एक डॉलर मिलता था, इनके शासन काल में 68 रुपए तक पहुंच गया था और कल 65 रुपए पर था, लगभग 25 रुपए का फर्क है। पैट्रोल जो अंतर्राष्ट्रीय मूल्य था, मई 2014 में वो 106.85 डॉलर पर बेरल।

Shri Sharma said in May 2014 in the international market, the price of a barrel of crude oil was US$ 106.85 and the retail price of petrol in Delhi was Rs. 71. The average price of crude imports under the BJP-NDA Government has been US $ 43 but going by yesterday's prices, it is US$ 53 that is exactly the half of what it was in May 2014 but what is the retail price? It is Rs. 65.32 per Lt. in Nation's capital. There are many big cities in India where the petrol price per Lt. is Rs. 72-73. And much hyped GST does not include petroleum, does not include alcohol, I have talked about that.

Similarly the Diesel price, it is interesting story – with the same price of crude in the international market, the diesel price three years ago was Rs. 55.49 per Lt. in Nation's capital i.e. Delhi. Today it is Rs. 54.90 per Lt. Is it wrong on our part to ask them a question – any layman will understand, only a student who continuously fails in Mathematics will not understand the numbers which I have given.

You have made a bonanza, you have made huge saving of US$ 100 Billion, where is that money going, no relief is being given to the consumers and you are saying that you are presiding over a great economy. All these claims about a galloping economy are false. It is a struggling and a gasping economy.

क्या मापदंड होते हैं एक अच्छी इक्नोमी के? पहला तो GDP का नंबर, जो पहले मानक थे वो बदल दिए उससे 2 प्रतिशत फर्क पड़ गया, अभी कल ही आया है कि 2016-17 का GDP। वास्तविक जो ग्रोथ है, अभी 31 मई को पता चल जाएगा, Q4 के नंबर आएंगे। तो 6.6, पुरानी अगर मैथोडोलोजी पर जाएं तो 4.6, तो 4.6 और 5 के बीच में है।

Shri Sharma also added that there is no economic growth. It is a flat growth to say the least and when I say flat growth I am being generous. Therefore, my demand and this is Congress Party's demand and the challenge to Prime Minister Narendra Modi, Finance Minister Arun Jaitley and the Government of the day is, as you celebrate looting the treasury to build a personality cult around one man, publish tomorrow, we know the numbers are ready, ten years' GDP Numbers as per the old methodology and your new methodology. The truth will be out. Let this Government. We dare this Government to come out with the old series GDP Numbers for ten years, and the fresh Numbers, then all of you will see that what they are saying is false?

Another issue – is about Investments, Savings, Gross Capital Formation, Capacity Utilization and Job Creation – when you look at the macro-economic fundamentals of any economy, what is the Indian story.

हम निवेश की दर छोड़ कर गए थे 34.8 पर 3 साल पहले और आज निवेश का दर है मात्र 26.9।

Shri Sharma said there is a fall in almost 8%age points in National Investment Rate, how can an economy grow? The Bank Saving Rate despite the tall claims of financial inclusion, Jan-Dhan Yojana, Savings Rate has fallen by 2%age points in three years.

हमारा सबसे ज्यादा बचत का दर था हिंदुस्तान का और चीन का। इन प्रश्नों का उत्तर कौन देगा? झूठे प्रचार और झूठे इश्तिहार से सच्चाई को नहीं नकारा जा सकता।

 Shri Sharma said Bank credit off-take is in the negative. It has continuously been declining. It has fallen by 7%age points. Gross Capital Formation i.e. creation of New Industrial Units - that has come down – first time below Zero and it was last year (-) 3%. Existing Capital Utilization for the Indian Industry which was 100% in 2014, 1/3rd of it has come down, its one third is unutilized.

शून्य से नीचे है 1.5 और 63 साल में सबसे नीचे गिर गया है बैंक का कर्जा जो उद्योगों को दिया जाता है। एक तिहाई उद्योग की कैपेसिटी इस्तेमाल के अंदर नहीं। 2 करोड़ रोजगार का वायदा हुआ था, 6 करोड़ रोजगार होने चाहिएं थे। हमारी दूसरी चुनौती है कि वो 6 करोड़ रोजगार के बारे में नरेन्द्र मोदी जी जवाब दें और देश के नौजवानों से क्षमा याचना करें और जितने रोजगार दिए हैं या स्कीलिंग किया है, उनकी सूची जारी करें, मुश्किल काम नहीं है। ये तो डिजिटिलाईजेशन की बात करते हैं, कैशलैस इक्नोमी की बात करते हैं तो मुश्किल तो नहीं है कि इन्होंने जो काम किया है उसका भी एक इश्तिहार छाप दें और एक कागज जारी कर दें कि इस राज्य में, इतने लोगों को इतने जिलों में रोजगार मिला है, वास्तविकता तो ये है कि पिछले साल मुश्किल से डेढ़ लाख रोजगार पैदा हुआ है। तो 6 करोड़ रोजगार की बात छोड़ो 10 लाख रोजगार भी नहीं हैं।

नोटबंदी के बाद जो इनफॉर्मल सेक्टर हैं उसमें कम से कम, 4-6 महिनों में टूटा 2 करोड़ 70 लाख रोजगार टूटा है, आप इसकी मालूमात कर सकते हैं। RBI गवर्नर ने भी कहा है कि अभी उस समय के 8 नंवबर के बाद के आंकड़े नहीं आए हैं, इनफॉर्मल सेक्टर कैप्चर नहीं हुआ है।

Shri Sharma also said that when those numbers will come out, real story will also be there. But this Government does not want the real story to come out.  

Shri Sharma said we demand that the Government comes out with a white-paper on the state of Indian economy. We demand, as I have said earlier on the GDP, old series and the new series, ten years numbers, we also demand the Government to make public the names, addresses and locations of Indian who have been provided jobs in three years of Narendra Modi's Government.

 Manufacturing of Numbers; falsification of facts and polishing or vanishing numbers are not printed, truth cannot be altered, truth will triumph.       

एक और चिंता का विषय है भारत की छवि के बारे में। वो कहते हैं कि पहले भारत की छवि धूमिल थी अब इन्होंने अच्छी की है। कोई ऐसा विनम्र प्रधानमंत्री नहीं देखा जो अपने से पहले प्रधानमंत्रियों को निरंतर अपमानित करते रहें। ये निरंतर करते हैं, ये आदतन मजबूर हैं। लेकिन क्या है आज भारत की छवि? मैंने सुरक्षा के बारे मे बताया, दुनिया के लोग प्रचार से प्रभावित नहीं हुए, तथ्य बोलते हैं आप कहाँ खड़े हैं लेकिन उसके साथ 21 वीं सदी में एक संवैधानिक प्रजातंत्र की वो तस्वीर जहाँ रोज lynching होती है, राष्ट्र की राजधानी के बाहर लोग मारे जाते हैं, जहाँ कानून पर आघात होता है, जहाँ पर ऐसे संगठन पनप रहे हैं जो अपने आपको कानून के दायरे से बाहर मानते हैं। दुनिया के सामने तस्वीरे हैं, पहलू खान की है, झारखंड की लिंचिग की, तमाम तस्वीरें हैं- एंटी रोमियो स्कावड की, vigilantism की है, ये तस्वीरें हैं 21 वें सदी के हिंदुस्तान के लिए जहाँ बाहुल्य युवा पीढ़ी का है, एक अच्छी तस्वीर नहीं है। एक ऐसा हिंदुस्तान बनाने का प्रयास हो रहा है जो हमारे बुनियादी उसूलों के खिलाफ हैं। मूलभूत परिवर्तन देश की उन नीतियों से किया जा रहा है जिसमें देश की हमेशा आम सहमति थी, जिसमें विदेश और सुरक्षा नीति शामिल है।

बीजेपी को ये याद रखना चाहिए कि चुनाव की जीत से उन्हें ऐसा कोई अधिकार नहीं मिलता कि बड़ा परिवर्तन राष्ट्रीय सुरक्षा और नीति में करें। इस आधार पर वोट नहीं दिया था, वोट तो दूसरी बातों को लेकर दिया था। उसके साथ एक और बात है कि 31 प्रतिशत वोट इन्हें मिला था, ये जीत कर आए, बहुमत 2014 में मिला। 65 प्रतिशत भारत के नागरिकों ने मतदान किया। वास्तविक रुप में 22 प्रतिशत से कम भारतवासियों का समर्थन इनको है, ये एक वास्तविकता है।

  Shri Sharma said mandate to change the basic structure has never been given by the people of India to the BJP or Shri Narendra Modi and his Government and that is what that these are fundamental questions that we are asking. Since he is never tired of making tall claims and also about he is the first one who got recognition for India. You all know about it, so I do not have to tell you, just to remind about Mr. I, Me, Myself – the Prime Minister of India that is what he is all about.

एक प्रश्न पर कि अमित शाह जी ने कहा है कि पहली बार भारत को एक बोलने वाला प्रधानमंत्री मिला है, क्या आपको लगता है कि इसमें भी कोई घोटाला है, श्री शर्मा ने कहा कि जहाँ तक अमित शाह जी का बात है कि ना तो अमित शाह जी और ना ही नरेन्द्र मोदी जी गणित के विद्धवान हैं और ना अर्थशास्त्री हैं, बड़े सम्मान के साथ कहूंगा। अमित शाह जी तो वही कहेंगे जिससे नरेन्द्र मोदी जी का कद दुगना दिखे और मोदी जी वो कहेंगे जिससे अमित शाह जी कमजोर ना दिखे। तो इस बात में हमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन एक बात कहनी है कि जहाँ तक वास्तविकता की बात है, विकास की बात है मैंने आपको आंकड़े दिए है इसलिए हमने श्वेत पत्र की मांग की है तीन चीजों पर, वो सरकार जारी कर दे तो अमित शाह जी के ज्ञान में भी वृद्दि हो जाएगी और बाकी शंकाओं का भी निवारण हो जाएगा और ये भी साबित हो जाएगा कि कौन सच बोल रहा है और कौन गलत।  

महिला सुरक्षा पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में श्री शर्मा ने कहा कि भारत के अंदर असुरक्षा बढ़ी है, महिलाएं सुरक्षित नहीं है, बच्चियाँ सुरक्षित नहीं है। ये दुखदायी बात है। कौन सा सुधार हुआ है 3 साल के अंदर? केवल नारे देने से सुरक्षा नहीं होती है। 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' कितना पैसा लगाया है भारत सरकार ने, कितना बजटरी एलोकेशन किया उसके लिए। किसान की बात करते हैं बजटरी एलोकेशन कितना है किसानों के लिए? बहुत से विषय हैं जिन पर बातें आएंगीं। तो ये दिखाना कि इन्होंने कोई बड़ा काम किया है, सच्चाई इसको नकारती है और जमीनी हकीकत उसके विपरीत है। रोज भाजपा शासित प्रदेशों में हरियाणा में, रोहतक में, यूपी में, कल जेवर में महिलाओं की असुरक्षा, घिनौनी वारदातें हो रही हैं, बीजेपी सरकारें असमर्थ हैं।

एक अन्य प्रश्न पर कि मोदी सरकार में नतीजों में शिक्षा नीति में बदलाव की वजह से देरी हो रही है, क्या कहेंगे, श्री शर्मा ने कहा कि छात्र तो प्रभावित हो रहे हैं। इससे आगे बढ़कर वो विश्वविद्यालय हैं, कैंपेस हैं उनमें तनाव है और काफी लोग अपने आपको असुरक्षित महसूस करते हैं कि ये वातावरण क्यों खराब हुआ, ये सर्वविदित है। ऐसा वातावरण देश में नहीं बनना चाहिए और इन विषयों को लेकर जो समस्याएँ हैं खासतौर से परीक्षा से संबंधित और मार्कशिट से संबंधित नंबर देने की, उसका जल्द से जल्द समाधान होना चाहिए। लंबे मुकदमे और सुनवाईयों से नहीं। सरकार को इसपर अदालत को अपनी नीति बताकर तुरंत इस पर फैसला करना चाहिए ताकि छात्र इससे प्रभावित ना हों। प्रधानमंत्री जी को भी एक सलाह है कि वो भी जिस तरह से अगर शिक्षा में 3rd डिविजन आई हो, उसको 1st डिविजन ना बताएं। फेल हो गए हैं तो बता दें कि फेल हो गए। मार्कशीट बदलवा कर क्यों अपने आपको पास बता रहे हैं।   

एक अन्य प्रश्न पर कि मोदी सरकार सादगी की बात कहती है, आप इसे कितना सही मानते हैं, श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री जी अच्छे कपड़े पहनते हैं, अच्छी बात है देश के लिए, वो सादगी है, महात्मा गाँधी जी की तरह या नहीं ये आप सोच सकते हैं। जो सरकार हजारों करोड़ रुपया सिर्फ व्यक्तिवाद को बढ़ाने के लिए और प्रचंड प्रचारतंत्र को मजबूत करने में लगा दें वो सादगी की सरकार नहीं है। अगर और सादगी देखनी है तो बीजेपी का कार्यालय दिल्ली में बन रहा है और एक झंडेवालान में बन रहा है मदर ऑरगनाईजेशन का, जहाँ तक मेरी जानकारी है हो सकता है गलत हो, 700 करोड़ का, तो कहीं ना कहीं से या कौन से साधू संत का योगदान है, कोई सूची जारी होनी चाहिए कहाँ से कितना चंदा दिया है, जाकर जानकारी लीजिए? हमें भी पता चलेगा। हर जिले में बेतहाशा जमीनें ली जा रही हैं, क्या है उस धन का Source?

एक अन्य प्रश्न पर कि आप बताते हैं कि बीजेपी इन मुद्दों पर असफल रही है, क्या आप बताएंगे कि 3 साल में कांग्रेस किन मोर्चों पर कामयाब रही है, श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सबसे बड़ी कामयाबी ये है कि हमने नरेन्द्र मोदी जी और बीजेपी को ये सिखाया कि विरोध से पहले राष्ट्रहीत है। इसलिए संविधान संशोधन जो बंगलादेश के साथ लैंड बाउंडरी एग्रीमेंट का, जिसको बीजेपी ने बरसों नहीं होने दिया भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने उसको संभव कराया। इंशोरेंस बिल जो 7 साल से टला हुआ था बीजेपी के विरोध के कारण उसको भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने एक रचनात्मक सहयोग देते हुए पास कराया। GST का मुद्दा जिसका विरोधी मोर्चा उस समय के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने निकाला था 7 साल तक उन्होंने कहा कि ये फैडरल स्पीरिट के खिलाफ है, संविधान के खिलाफ है, कल वो उसी GST का ढोल बजाएंगे। वो GST देश को मिली है तो कांग्रेस की वजह से, बिल भी हम लाए थे, याद रखिए, संसद में भी हमने पेश किया था और वो Constitutional Amendment पास हुआ था तो उसका भी श्रेय हमें जाता है। तो हमारी भूमिका नकारात्मक नहीं सकारात्मक रही है और जिन मुद्दों को, गरीब विरोधी, आम आदमी के विरुद्ध इस सरकार ने Back door से push करने की कोशिश की, जैसे Land Acquisition Bill, उसे हम सबने, पूरे विपक्ष ने, नाकामयाब भी किया।   

 On the question of the contribution of the Congress Party as opposition for the last three years, Shri Sharma said I understand very clearly as to where the concerns are coming from. But we also know that the Media has a very-very important role to play. Now this Government has opened the vaults of the Indian treasury for propaganda, there is not even a day that there is no propaganda. I was actually thinking yesterday because in my Parliament office, there is a calendar - the official calendar - where all the twelve months have only one picture and there is a collage. Now somebody should propose to the PM now that they should have a weekly calendar that has 52 photographs. They are spending, the kind of full page advertisement which are seen, and the ads will be there on thousand odd TV channels surely, so it is not level playing field. It is a question and we know that sections of the Media have been neutralized, some have been intimidated and the Government is seeking to compromise them as much as they can.

Narration must find its balance in a democracy, if that balance is lost in the political  discourse, it can hurt the Indian democracy. We will continue to say and I repeat and I am sure many of you will listen and through you millions.

On the statement of BMS on the failure of the BJP Government, Shri Sharma said the government has to give a honest answer and that is why I have said so that where are the jobs, where is the growth, where is the investment, where is the manufacturing. These are the questions which we are asking and which even their partners, allies are asking. At least answer to them and we will also know.

श्री शर्मा ने कहा कि रोजगार के बारे में, इक्नोमी के बारे में जब इनकी ही संस्थाएं इनके ही Alliance partner इनको चेता रहे हैं, ये तब भी समझने से इंकार करते हैं। अब हमारी बात नहीं सुनते लेकिन अपने लोगों की बात तो सुन लें। उनको तो जवाब दें दें, हम भी सुन लेंगें। हमारी मांग जो है उन पर इनकी क्या प्रतिक्रिया है उसका भी हम इंतजार करेंगे।

 On the question of Digital India, Shri Sharma said when it comes to a great performance, when it comes to demonetization, there is no  hesitation to say that it was an act of state plunder and vandalization, depriving people of their own money, denying access to their own accounts, manufacturing sector has been hurt the most, and tens of Millions of Jobs were lost and that is why people had to run back to the villages and the demand for MNREGA jobs which is a constitutional obligation of the Government rose by almost 60% but I would like to ask the related question – from 1st January 2017 and today is 25th of May 2017, you are talking of digitalization, are we so incompetent that we have not been able to count the currency notes which have come back, to tell the country as to how much money has come back.

श्री शर्मा ने कहा कि सरकार को फायदा हुआ है जनता को तो नहीं हुआ ना। आप लोगों का पैसा छीन लिया और फिर भी आपके बैंक में जमा पैसा कम हो गया। ये तो आंकडे आ रहे हैं। देश को बताएं कि कितना वापस पैसा आ गया है। 6 महीने हो गए हैं, 6 महीनों में नहीं बता पाए। ये तो हकीकत है और ना ही ये बता पाए कि नकली कितना था और काला धन कितना था, कोई जवाब आया, किसी को मिला इसका जवाब?

On the question of video of Army action, Shri Sharma said has Indian relesaed films or videos in the past of the Army action? Secondly, the fact is that there is escalation of attacks from across the Border; the fact is that we are losing more soldiers. Now when questions are being asked, this Government releases its plan as to how it proposes to address this great challenge. Army will continue to do its duty, we have always said and it is not the Government of the Day to which the great Indian Army belongs to, it defends the Republic of India, it defends the territorial integrity of the India, and the Army belongs to the people of India. So, we are proud of that. At the same time, we are holding the Government to account. What is the Government doing? Please let us not make departure in our mind from what this Prime Minister had promised in 2014 and where are we in 2017? Does this Government have a concerted, strategic policy?

That is why the questions will be asked. We do not want the truth to be lost in the release of videos by both the sides. The truth must come out as to what the Government is proposing to do and that is why we have said that there has to be a complete National consensus, how to address this grave challenge for which the PM who talks of 'Sab-Ka-Saath-Sab-Ka-Vikas' should also take principal leaders of the Opposition in confidence. The Government must do that. It is their duty and then only we can move forward. It is opaque. Nobody knows the details of what was discussed there when the Prime Minister went there. We do not know. The truth must not be lost. The truth must come out why we have lost 538 soldiers. The truth must come out how come there have been beheadings. Truth must come out on failures of Modi Government.   

Shri Sharma said we have never questioned the authenticity of the Indian Army action but we are saying is that it is for the PM now to address this issue because it is not the Army but it is Shri Doval who talked to Mr. Janjua. It is based on this understanding that Prime Minister went to Lahore. Those are the questions which we are raising i.e. if there was an understanding reached, assurances were given, why we are in this situation today? If the opposition will not ask this question from the Prime Minister, then the truth will be lost. And the second thing which I am clear that there has to be a coherent policy to resolve the issue, a policy which can ensure stability and return of peace in the Valley and also a policy which secures the country and strengthen India's security.

He also added these are the issues that we have and we do have a concern because when Opposition is asking questions about the betrayal of promises by the Prime Minister and non-performance and the facts regarding jobs and economy's growth. Surely, the Government must tell us where we are heading? In democracy questions will always be asked. In democracies, the Governments are obliged to answer to those questions.
 

 Sd/-

(S.V. Ramani)
Secretary
Communication Deptt.,
 AICC

 

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