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Press Releases

Highlights of the press briefing along with youtube link of Shri Manish Tewari 29-5-2017

https://www.youtube.com/watch?v=_jSiYnGUWc8

Shri Tewari said the Home Minister of India Shri Rajnath Singh has been making rather curious statements to say the least. He said yesterday and it has been reported in the newspapers today that "We have come up with a permanent solution to solve Kashmir. The initiative has begun.” We would like to stress the word 'permanent solution'. Would the Home Minister of India care to explain to the people of this country what are the contours and calculations of the phraseology 'permanent solution' because anybody who has a nodding acquaintance with history understands that the phraseology 'permanent solution', 'final solution', have had some extremely disturbing implications and history has been witness to the consequences of 'permanent solution'/ final solution in action.

Now the statement comes at a point in time when the PDP-BJP alliance has been playing Tweedlum and Tweedlie on an extremely sensitive issue i.e. the security situation in the Kashmir Valley. The Chief Minister of Jammu & Kashmir Ms. Mehbooba Mufti has been giving interview after interview and rather elaborate and exhaustive interviews where she has been passionately advocating that the Government and she means the Central Government needs to engage with both the Hurriyat and with Pakistan. She goes on to say that both these engagements are part of the 'Agenda of Alliance' between the PDP and the BJP.  On the other hand, the BJP has been hell bent upon playing the very jingoistic card. So, therefore, this ideologically incompatible alliance between the PDP on one hand and the BJP on the other hand has driven Jammu & Kashmir absolutely to an edge. We would like to ask both these parties that if there is so much of ideologically dissonance, if there is no agreement on the agenda of alliance, if the agenda of alliance is not worth the paper it is written on, then why are they continuing in the Government together.  Why is the BJP not pulling out of the Government if it does not want to listen to its own Chief Minister in Jammu & Kashmir? And conversely why is the PDP continuing in Government when the Central Government does not pay any heed and is not interested in listening to what the Chief Minister has to say?

If you rewind back over the past one year, the Prime Minister and his Home Minister have been using different kinds of phraseology, words which mean nothing at all. Last year, it was 'Insaaniyat', 'Kashmiriyat' and 'Jamhooriyat'. This year it is 'permanent solution'. God alone knows what it would be tomorrow? So, therefore, it is high time that this Government wakes up. As the security situation in Jammu & Kashmir continues to deteriorate very rapidly, they need to open their eyes and they need to realize the extreme damage which both their ideologically incompatible alliance as well as their continued dithering is doing to the National security of India.

श्री मनीष तिवारी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि  भारत के गृहमंत्री माननीय श्री राजनाथ सिंह जी आजकल बहुत विचित्र बयान दे रहे हैं। कल उन्होंने कहा, जो आज पत्रिकाओं में भी छपा है कि हमने कश्मीर समस्या का स्थाई समाधान ढूंढ लिया है और इसपर पहल आरंभ हो गई है। हम भारत के गृहमंत्री जी से पूछना चाहते हैं कि ये जो स्थाई समाधान है उसकी रुपरेखा क्या है? उसका परिपेक्ष क्या है? इसको किस तरह से सरकार क्रियांवित करने की योजना बना रही है? क्योंकि ये जो शब्दावली है जिसका गृहमंत्री जी इस्तेमाल कर रहे हैं, अगर आप इतिहास के पन्ने खोलकर देखें, जो भी इतिहास के जानकार हैं, वो उसको सही परिपेक्ष्य में समझ सकते हैं। जब एक विचारात्मक तौर पर ideologically incompatible alliance है बीजेपी और पीडीपी का, उसमें कश्मीर की परिस्थिति बहुत ही संवेदनशील बनी हुई है, उसके परिपेक्ष्य में क्या मायने हैं इस विचित्र बयान के?

एक तरफ तो पीडीपी की जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री हैं, महबूबा मुफ्ती जी जो निरंतर इस बात को दोहरा रही हैं कि पाकिस्तान से बातचीत होनी चाहिए, हुर्रियत से बातचीत होनी चाहिए। उन्होंने यहाँ तक कहा कि ये ऐजेण्डा ऑफ अलायंस का हिस्सा है। दूसरी तरफ केन्द्र सरकार है, भारतीय जनता पार्टी है जो साफ तौर पर इन दोनों बातों को नकार रही है।

हम इन दोनों पार्टियों से पूछना चाहते हैं कि अगर आपका आपस में तालमेल नहीं है, अगर आपके गठबंधन का संतुलन बिगड़ गया है तो आप जम्मू-कश्मीर में क्यों सरकार चला रहे हैं? भारतीय जनता पार्टी उस सरकार से निकल क्यों नहीं जाती हैं? अगर पीडीपी की मुख्यमंत्री को ये लग रहा है कि ऐजेण्डा ऑफ अलायंस कूड़ेदान में फेंक दिया है उनके अपने alliance partner BJP ने तो वो भारतीय जनता पार्टी के साथ इस गठबंधन में शामिल क्यों हैं?

जबसे ये सरकार बनी है जम्मू-कश्मीर की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, परिस्थितियाँ बिगड़ती जा रही हैं और केन्द्र सरकार अद्धभुत और विचित्र शैली में अलग-अलग समय पर अलग-अलग शब्दावली का इस्तेमाल करती रही है, जिसका अर्थ शायद उनको भी नहीं मालूम। वो स्थाई समाधान है क्या? जब उनसे पूछा जाता है तो उस पर उनका कोई जवाब नहीं है।

समय आ गया है कि केन्द्र सरकार को इस बात को बहुत ही गंभीरता से अपने संज्ञान में लेना चाहिए कि जिस तरह से वो जम्मू-कश्मीर की परिस्थिति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं इससे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा की बहुत बड़ी हानि हो रही है और इससे पहले कि ये परिस्थिति और बिगड़े, केन्द्र सरकार को अपनी आँखे खोलनी चाहिएं और गृहमंत्री जी को प्राथमिकता के साथ ये बताना चाहिए पूरे देश को कि इनकी सोच क्या है, ये रोडमैप क्या है?

केरल की घटना के संदर्भ में और रविशंकर प्रसाद की टिप्पणी के प्रश्न पर श्री तिवारी ने कहा कि आप सब लोगों ने कल कांग्रेस उपाध्यक्ष माननीय श्री राहुल गाँधी जी के ट्वीट को संज्ञान में लिया होगा और आप चाहें तो मैं उसको दोहरा भी देता हूं, उन्होंने कहा था- "What happened in Kerala yesterday is thoughtless, barbaric and completely unacceptable to me and the Congress Party. I strongly condemn the incident”

हिंदी में अगर उसको कहा जाए कि 'केरल में जो कल हुआ वो अत्यंत ही क्रूर और असंवेदनशील था और ये ना मुझे और ना ही कांग्रेस पार्टी को स्वीकार है और हम इसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं'। जिस व्यक्ति ने इस घिनौनी कार्यवाही को अंजाम दिया है, उसके ऊपर कार्यवाही कर दी गई है, उसको पार्टी से निलंबित कर दिया है।

श्री तिवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के जो पूर्व मुख्य प्रवक्ता श्री रविशंकर प्रसाद जी हैं उनको एक चीज को अपने संज्ञान में लेना चाहिए कि अगर आप किसी ओर के ऊपर उंगली उठाते हैं तो 3 उंगलियाँ आपके खुद के ऊपर भी उठती हैं। उनको बहुत गंभीरता से जो उत्तर प्रदेश की बिगड़ती हुई परिस्थिति है उसके ऊपर ध्यान देना चाहिए। उत्तर प्रदेश में जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है तबसे एक अराजकता का माहौल है। जातिय हिंसा है, जिस तरह से बालिकाओं के साथ खुलेआम छेड़छाड़ की जा रही है ये सब चीज एक बात की ओर इशारा करती है कि उत्तर प्रदेश में जो कानून व्यवस्था की स्थिति है वो पूरी तरह से जर्जर हो गई है। उत्तर प्रदेश में जंगलराज है और परिस्थिति बहुत तेजी से अराजकता की तरफ बढ़ रही है। तो इसलिए देश के हालात जिस तरह से बिगड़ रहे हैं, चाहे वो कश्मीर हो, चाहे वो भारत के वो क्षेत्र हों जो माओवाद से प्रभावित हैं, उनके मुख्यमंत्रियों की मानसिकता हो, उनके ऊपर श्री रविशंकर प्रसाद जी को और जो उनके संघ के मंत्री हैं उस पर ध्यान देना चाहिए।

खेल मंत्री श्री विजय गोयल के बयान पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में श्री तिवारी ने कहा कि अगर विजय गोयल जी की ऐसी राय है, वो खेल मंत्री हैं तो उनको उस राय को क्रियांवित करना चाहिए। भाजपा की एक ही दिक्कत है कि वो दो तरफा बात करती है। उनके खाने के दांत कुछ और हैं और दिखाने के कुछ और हैं। अगर विजय गोयल जी की इतनी ही उत्तेजित राय है इस मामले पर, तो वो संघ के मंत्री हैं और संघ के मंत्री जब बयान देते हैं तो वो अपनी निजि कैपेसिटी में नहीं बोलते, वो संघ के प्रतिनिधी के रुप में बोलते हैं। तो विजय गोयल जी ये बताने की कृपा करेंगे कि जो मंत्रिमंडल संघ है क्या ये सामूहिक राय है और अगर ये सामूहिक राय है तो सरकार इसको किस तरह से क्रियांवित करने जा रही है?

एक अन्य प्रश्न पर कि आर्मी चीफ का जो कश्मीर को लेकर बयान आया है उस पर क्या कहेंगे, श्री तिवारी ने कहा कि थल सेना अध्यक्ष की जो वेदना है उसको हम भली भांति समझ सकते हैं। भारतीय सेना एक जटिल परिस्थिति से निपट रही है। लेकिन इसके साथ-साथ ये बात भी सच है कि भारत की जो फौज है, जवान हैं उनका एक बहुत लंबा अनुभव रहा है Counter Insurgency Operations में और दुनिया के कई देशों में जो counter insurgency operation देखे गए हैं उसमें भारतीय सेना का जो अनुभव है उसको शामिल किया गया है, implement किया गया है। Counter Insurgency Operation, उसका मूलभूत सिंद्धात ये भी है कि आप लोगों के दिलों दिमाग को भी जीतने की कोशिश करते हैं।

एक अन्य प्रश्न पर कि आय से अधिक संपत्ति मामले में हिमाचल के मुख्यमंत्री जी को बेल मिल गई है क्या कहेंगे, श्री तिवारी ने कहा कि जो सरकार की जांच ऐजेसिंया हैं उनका पूरी तरह से बेशर्मी से दुरुपयोग किया जा रहा है। विपक्ष के जितने आला नेता हैं, उन सबके खिलाफ इस सरकार का एक प्रताड़ना का रुख है। जब ये मामले अदालत और कचहरी में होंगे और इनके उपर बहस होगी तो आप देखेंगे कि ये कोई भी मामला किसी कचहरी में खड़ा नहीं होता।

एक अन्य प्रश्न पर कि आपको क्या लगता है कि सरकार का कश्मीर समस्या का समाधान क्या है, श्री तिवारी ने कहा कि हमें नहीं मालूम कि वो करना क्या चाह रहे हैं। दिक्कत यही है कि ना ही हमें मालूम है कि वो क्या करना चाह रहे हैं और हमारी आशंका है कि ना ही सरकार को मालूम है कि वो क्या करना चाह रही है, तो इसलिए विचित्र और अद्धभुत शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है, जिनका मतलब ना सरकार को मालूम हैं और ना ही वो उनका मतलब जानने की कोशिश करना चाहते हैं। ये फैसला सरकार को लेना है, ये विपक्ष और प्रतिपक्ष का फैसला नहीं है। जो लोग सरकार में बैठे हैं उन लोगों को ये फैसला लेना चाहिए क्योंकि वो ड़बल ध्वनि में बात कर रहे हैं। मुख्यमंत्री उनकी कुछ और बोलती हैं, वो पत्रिकाओं को इन्ट्रव्यू देती हैं। कहती हैं कि पाकिस्तान और हुर्रियत से बात का ऐजेण्डा अलायंस में शामिल है, यहाँ बीजेपी और केन्द्र सरकार का कुछ और रुख है। तो एक बहुत बड़ा विरोधाभास है जिससे कश्मीर की स्थिति और बिगड़ती जा रही है। तो इसलिए सरकार को एक तो उनकी जो मुख्यमंत्री हैं उनको जवाब देना चाहिए जो लगातार ये कह रही हैं। दूसरा पाकिस्तान के प्रति उनकी क्या नीति है, कश्मीर की परिस्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए क्या नीति है, उसके ऊपर इनको देश को बताना चाहिए कि हमारी पाकिस्तान के प्रति ये नीति है और हमारी कश्मीर की परिस्थिति को संभालने की ये नीति है।

On the question of the reaction of the Congress Party on the statement of Shri Ravi Shankar Prasad, Shri Tewari said before the former Spokesperson of the BJP Shri Ravi Shankar Prasad starts pointing fingers at people, he should understand that when you point one finger at somebody, three get pointed back towards you and therefore, I think the BJP needs to introspect what has been happening in UP is extremely reprehensible, it is extremely disturbing. Not only do you have the specter of caste violence engulfing the State but more importantly the incident which has come to light today where two young women were allegedly molested by a gang of 14 men. It just goes to underscore and underlie the complete 'Jungle Raj' which is prevailing in Uttar Pradesh. Therefore, I think it is important for the BJP both at the National level and at the State level to see what is going on in UP and how BJP-ruled State after State is drifting into chaos, into lawlessness and descending into anarchy.

On being asked for the reaction of the Congress Party on the statement of Army Chief, Shri Tewari said I don't envy the Army Chief; nobody would like to be in his boots. The Army is dealing with a tough situation and we can understand but then it also has to be borne in mind that the Indian Army has perhaps the widest experience in counter insurgency operations. In fact, a large number of counter insurgency Manuals in various other parts of the world, have actually imbibed the experience of the Indian Army and the Indian Armed Forces and one of the fundamental tenets of points which is the acronym of counter insurgency operation, is also winning the hearts and minds of the people. And we would leave it at that.

On the prevailing situation in Kashmir and the statement of the Home Minister of having a 'permanent solution', Shri Tewari further said the Home Ministry or the Home Minister is a very serious job in India and when the Home Minister makes a statement, you do not take it lightly, you do believe that there must have been some sort of serious thinking which must have gone into this formulation because the formulation ultimately only articulates or disseminates what is the underlying strategy.

So, First of all, there is a fundamental question mark on the use 'permanent solution' because historically it has very disturbing connotations and if the Home Minister of India has chosen to use the phraseology 'permanent solution', then he needs to elaborate what the 'permanent solution' is? What are the contours and calculations of this 'permanent solution'. What does the Government really mean by a 'permanent solution'?

Kashmir is in an extremely sensitive situation which has been consistently deteriorating since this Government has come to power which requires careful handling and the manner in which the Government is going about, it all appears very cavalier.

Shri Tewari further stated that the Home Minister needs to clarify what he means because as I was answering the earlier question, a formulation only articulates both intent and the underlying strategy and if the Home Minister has chosen to articulate it in terms 'permanent solution', he needs to tell the country, what that 'permanent solution' is?

We fail to understand something which undermines the Nation, something which damages National security, something which pushes Kashmir to the edge, how could it be politically beneficial to anybody? After all, the objective of governance is to govern. That is the remit which has been given by the people of India and if you are coming short on that fundamental tenet of governance and things seem to be chaotic and out of control, Kashmir being just one manifestation and I fail to understand how they think they can drive or derive political benefit out of it because you can fool some of the people sometime but you cannot fool all the people all the time and if you think that is a strategy, I am afraid you are deluding yourself.    

Sd/-

(S.V. Ramani)

Secretary

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