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Highlights of the press briefing of Shri Anand Sharma, Senior Spokesperson, AICC


 
श्री आनंद शर्मा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि, पिछले कल हमने आपसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नोटबंदी के फैसले से देश को कितना नुकसान पर बात की थी। कल सांयकाल में GDP का पहली तिमाही के आँकडे सामने आ गए। जो आशंका पूर्व प्रधानमंत्री  डॉ. मनमोहन सिंह जी ने की थी, वो सही साबित हुई।
 
भारत की GDP पिछले 6 क्वार्टर से निरंतर टूट रही है और प्रधानमंत्री प्रचार करते हुए नहीं थकते कि भारत सबसे तेजी बढ़ रहा देश है। शायद प्रधानमंत्री अपने ही प्रचार में बह गए हैं और देश की अर्थव्यस्था की बदइंतजामी के लिए जिम्मेवार हैं। क्योंकि सरकार में सत्ता, निर्णय, नीति का पूरा केन्द्रीयकरण है, एक कार्यालय और जो सिर्फ प्रधानमंत्री के निगहबानी में है। उन्हीं के कहने पर देश में सब वो फैसले हो रहे हैं, जिससे लोगों में हताशा बढ़ी है।
 
चौथा साल है इस सरकार का और तस्वीर सामने आ गई। एक अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी थे और अब एक प्रचारशास्त्री श्री नरेन्द्र मोदी हैं। अगर इस सरकार ने कुछ काम किया है तो प्रचार का, व्यक्तिवाद को बढाने का, हजारों- करोड़ रुपया केवल प्रधानमंत्री की उपलब्धियाँ जो नगण्य हैं, लोगों को गुमराह करने के लिए खर्चा हो रहा है। हमने बार-बार आपके माध्यम से देश को ये बताने की चेष्ठा की है कि जो कहा जा रहा है वो जमीनी हकीकत से अलग है। ये कोई कम चौंकाने वाली बात नहीं और चिंता की बात है कि भारत की GVP - Gross Value Production - एक होता है GDP वो तो गिर गई, 5.7 % पर आई है। हकीकत में जो यूपीए सरकार के समय तक जो Process or Methodology  कहते है, जो प्रक्रिया GDP को आंकने की, अगर उसको देखा जाए तो 4.3% पर भारत की GDP आई है और GVP पूरे 2% गिरी है पिछले साल, जो पहला क्वार्टर था, पहली तिमाही और कल जो सामने आया है 2%!
 
2% इस देश की GVP का टूटना एक बहुत बड़ा नुकसान भारत की Economy को हुआ है। सरकार भले बड़ी घोषणाएं करें, पैसा नहीं है, जो Fiscal Deficit होता है साल में,  घाटा बजट का, उसका जो लक्ष्य है वो 92% पूरा हो चुका है और अभी 4 महीने बाकि हैं, और अगर आप वित्तिय वर्ष को देखें तो 6 महीने से भी ज्यादा, 7 महीने, तो 92 % Fiscal Deficit  अभी हो गया, 31 मार्च को कितना होगा, आप अनुमान कर सकते हैं।
 
कुछ बातें बताना जरुरी है। पहले भारत की मोदी सरकार के कार्यकाल में निवेश गिरा है। जो यूपीए सरकार जहाँ छोड़ कर गई थी, वहाँ से 7 % इन्वेस्टमेंट रेट कम हुआ है, 7%! 33 से 26 के नीचे आ गया है। जो कर्जा उद्योगों को दिया जाता है बैंकों के माध्यम से, प्राईवेट सेक्टर को, निजी क्षेत्र को, उद्योग को वो पिछले 63 साल का सबसे कम है, 63 साल का। ये नए पैमाने मोदी सरकार और बीजेपी सरकार ने उपलब्ध किए हैं।
 
आजादी के बाद का मान सकते हैं, आजादी के शुरु के दिनों का जब हिंदुस्तान बड़ी चुनौतियों का सामना करता था, हम तो अच्छा छोड़ कर गए थे, जो आचोलना यूपीए और डॉ.मनमोहन सिंह जी और हमारी सरकार की होती थी, जहाँ हम निवेश छोड़ कर गए थे, जहाँ पर हम भारत की Trade Exports को छोड़ कर गए, ये उसको भी संभाल कर नहीं रख पाए, निरंतर गिरा है।
 
उसके साथ-साथ जो नए उद्योग और नए निवेश होता है, जिसको Gross Fixed Capital formation कहते हैं, वो शून्य से नीचे हैं, नेगेटिव है। उसके साथ जो इंडस्ट्री की क्षमता है, वो 35%  इस्तेमाल में नहीं है, इसके ये मायने हैं कि नौकरियाँ टूटी हैं। जहाँ 100% पर उद्योग चलना था, 35% पर है और नया निवेश नहीं आ रहा है, ना निजी क्षेत्र से और ना सरकार के द्वारा, जिसे State Capitalization कहते हैं, State Investment कहते हैं। तो ये Economy सुधरेगी किस तरह? नौकरी टूटी हैं, सरकारी आंकड़े भी बताते हैं, 5 लाख रोजगार 3 साल में ये पैदा नहीं कर पाए और करोंड़ो रोजगार टूट गए। तो हर चीज नेगेटिव में है। नौकरी और अवसर नौजवानों को नहीं मिल रहे और प्रधानमंत्री और बीजेपी के अध्यक्ष अब 2 करोड़ रोजगार की बात से अपना पल्ला झाड़ते हैं। कुछ दिन के बाद कहेंगे कि तो वो चुनाव का जुमला था!
 
भारत की जनता से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने धोखा किया। वो और उनकी सरकार निकम्मी साबित हुई है। उन्होंने हिंदुस्तान को पीछे धकेल दिया है और नौजवानों के लिए अवसर की खिड़की बंद कर दी है। स्थिति में सुधार लाना आवश्यक है, इसलिए सरकार से हम ये जानना चाहते हैं कि जो NPAs हैं बैंकों के, राष्ट्रीय बैंकों के, जो 12 लाख करोड़ से ऊपर हैं, उसके बारे में सरकार क्या कर रही है? सरकार के पास पैसा नहीं है, पिछले साल केवल 20 हजार करोड़ बैंकों को दिया गया था Recapitalization के लिए जो पर्याप्त नहीं है, जो नए कानून बने भी हैं Bankruptcy code लागू हुआ है, Restructuring जो कर रहे हैं, जो कर्जों की, अमीरों के कर्जों के द्वारा, पर उसके बाद भी सरकार को कम से कम 7 या 8 लाख करोड़ रुपया चाहिए, भारत के बैंकों को स्वस्थ करने के लिए ताकि जो अंतर्राष्ट्रीय Norms हैं बैंकों के, उस पर हमारे Basel Norms जिनको कहते हैं, Basel 4 या Basel 5, वहाँ तक तो हम पहुंचे नहीं, कई भारत के बैंकों की Down grading अंतर्राष्ट्रीय बैंकों में ना हो जाए, ये खतरा है आज।
 
सरकार की नीति कैसी है, वो चिंता की बात है। मोदी जी और उनकी सरकार वही कर रहे हैं, जो माननीय वित्त मंत्री अरुण जेटली या तो उनको उनका पूरा काम करने दें, अधिकारी कौन हैं, क्यों इस तरह का गलत काम हो रहा है, समझदार होते हुए भी ऐसे काम हो रहा है। जो Ireland और पुर्तगाल में हुआ था, 2008 और 2009 के वित्तिय संकट के बाद पुर्तगाल और Ireland में, ये विकसित देश है, इनके बैंकों के कर्जे बहुत हो गए थे और सरकार ने बैंकों के कर्जों को अपने ऊपर ले लिया था और वहाँ दोनों देशों की Economy टूट गई थी। मैं इसलिए स्मरण कराना चाहता हूं क्योंकि वो बैंक निजी बैंक थे, प्राईवेट बैंक थे, यहाँ पर पब्लिक सेक्टर बैंक हैं, राष्ट्रीयकृत बैंक हैं, तो सरकार को तो वो कर्जा संभालना पडेगा, कोई और उसको नहीं संभालेगा। आने वाली तस्वीर धुंधली नजर आती है।
 
दूसरी तिमाही में भी भारत की GDP टूटेगी, मैं इस बात को बड़ी जिम्मेदारी और दुख के साथ कह रहा हूं क्योंकि GST का जो असली असर है वो आपको अगले तिमाही, अगले क्वार्टर में देखने को मिलेगा। जिस तरह से जल्दबाजी में हुआ है, उद्योग ने अपने जो पुराने स्टोक थे, निकाल दिए और सरकार उस बात की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही, सरकार के पास कोई नीति नहीं है स्थिति को सुधारने के लिए लेकिन कई ऐसे लोगों की नियुक्ति हुई है, मैं नाम नहीं लेना चाहता, जो व्यक्ति स्वयं अपने लिए उठकर ना बोल सके, जो उस जगह के योग्य नहीं है खासतौर पर भारत की अर्थव्यवस्था जो चरमरा रही है उसकी सेहत को, तंदुरस्त करने के लिए ये लोग अयोग्य हैं।
 
‘मेक इन इंडिया’ का नारा दिया था, मैंने तब भी उसके बारे में कहा था, आपमें से कुछ लोगों को याद होगा कि खोखली बात है, नीति नहीं है। हम लोगों के समय में राष्ट्रीय निर्माण नीति National Manufacturing Policy दी गई थी जिससे मैन्यूफैक्चरिंग के क्षेत्र में निर्माण में हम तेजी से आगे बढ़े थे। आज मेक इन इंडिया के बाद मैंने आपको आंकड़े दिए हैं, तो क्यों हमारा उद्योगिक उत्पादन टूट रहा है, क्यों निवेश टूट रहा है? इस सरकार की कोई सोच नहीं है। पहले मेड़ इन इंडिया था क्य़ोंकि इनको हर चीज बदलनी थी, इनको शब्दों का शोक है, स्टेंड-अप इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, जैसे पहले भारत सो रहा था। अब स्टेंड-अप भी हो गया, स्टार्ट-अप भी हो गया, अब क्या हो रहा है, अब अगला कौन सा शब्द नरेन्द्र मोदी भारत को देंगे, इनसे पूछना चाहिए। तो ये हम इसलिए कह रहे हैं कि सोच भी नई नहीं है। Logo भी अपना नहीं है। वो कलपुर्जे वाला शेर का Logo है, मेक इन इंडिया का, वो जिनेवा में आप जाकर देखें तो एक घड़ी बनाने वाली कंपनी का लोगो है, आप गूगल सर्च करेंगे आपको मिल जाएगा, वहाँ से चुराकर Logo ले आए, और वो शेर खड़ा हुआ है या उल्टा दौड़ रहा है, आगे नहीं बढ़ रहा। ये मोदी जी जरा, शेर को लाने से शेर जैसा काम तो नहीं होता Economy की गर्जना तो नहीं हो रहा, जवाबदेही सभी इन सब चीजों पर प्रधानमंत्री जी की है। 
 
मुझे अंत में एक चीज कहनी है ये मांग हमने पहले भी है मैं उसको दोहराने जा रहा हूं कि पहले सरकार GDP का 10 साल का पुरानी सीरिज और नई सीरिज के नंबर जारी करें आज ही ताकि देश की जनता को और दुनिया को ये मालूम हो जाए कि किस दिशा में हम जा रहे हैं, उससे स्पष्ट हो जाएगा कि सरकार के कार्यकाल संभालने के बाद निरंतर भारत की अर्थव्यवस्था, Economy कमजोर हुई है और दूसरा एक श्वेत पत्र जारी करें।
 
Shri Sharma said, given the numbers that have come out yesterday which former Prime Minister Dr. Manmohan Singh and we had forewarned the Prime Minister Shri Narendra Modi Ji and Finance Minister Shri Arun Jaitley Ji that the GDP is going to decline sharply. Prime Minister and his Finance Minister had taken strong umbrage to that. Prime Minister Shri Narendra Modi had not shown even courtesy and decency and respect for the age and experience of Dr. Manmohan Singh - the noted Economist – whose views are heard with respect by world leaders even today. Prime Minister thought that he has a better knowledge and understanding of Economics. The GDP continues to be in constant decline, but the sharp dip which we have seen now is not 5.7% as I was just mentioning, please go by the old methodology, it will be 4.3% - definitely between 4.3% and 4.4%. That is why we have demanded that the Government release today, the 10 year GDP Numbers as per the old methodology, the old series and the new series. Let the Government also release the Manufacturing and the IIP Numbers as per the old series and the new series. By changing the methodology, a failed student does not get merit or First Class. 
 
By changing the marking system, you cannot dupe the world. I have said so earlier, given the statistics that there is sharp decline in the Public and Private Sector Investment - 7% points are the fall in Investments. The credit off-take is the lowest of 63 years, Gross Capital Formation in the Negative - not in the Positive - over 1/3rd of the existing industrial Capacity is not utilized, meaning huge job losses, unorganized sector was delivered a body blow by demonetization, it has not recovered, tens of millions of jobs have been lost. 
 
The Prime Minister and his Finance Minister have no vision or road map to restore the health of the Economy, our advice to the Prime Minister and his Finance Minister and his other apologists and propagandists is - stop making boastful claims, be serious invoke course correction and give an account of your failures. 
 
As I mentioned, they are handling the Banks Recapitalization and the Bad Loans, which are over Rs. 12 lakh crores in the same manner as the Governments of Portugal and Ireland had handled the crisis after the economic and financial crisis of 2008-09 which originally came because of a Housing Credit bubble. But those were the Private Sector Banks, these are Public Sector Banks, there is direct accountability, responsibility of the government to recapitalize the Banks. The revenue base will become shorter, smaller, it will shrink. The Q2 figures, GDP Numbers, it is our concern and fear, will again be low. So, 2017-18 like 2016-17, are going to be bad years for the Indian economy. The world is watching and the Prime Minister is inviting ridicule by continuing to claim in international forums that the world has to learn from us, we are the fastest growing. If this is what is the fastest growing, we do not know, Prime Minister, what is low growth and what are job losses. 
 
As we have said, the jobs are being destroyed, jobs are not being created. They have failed to move with the time, to prepare our people, our youngsters, through training and skills and to make them adapt in new technologies, many of them are going to be disruptive technologies. 
 
I have only one thing to tell the Prime Minister about his 
‘Make In India’, it remains a slogan, like all other slogans. Manufacturing is continuously contracting. So, these are concerns, but the Prime Minister does not listen to anyone and the Finance Minister has no option, I sympathize with him, that though the economy is in such a bad state, but with a straight face he has to tell you every day, it was amusing and amazing, that yesterday and day before yesterday, the Finance Minister of India was beaming and saying, ‘Everything is alright’. 
 
सबकुछ ठीक है, अगर सबकुछ ठीक है तो खराब क्या है?
 
Shri Sharma asked, what is the definition of things going bad? Shri Arun Jaitley should tell us, if these are grand achievements. That is why we have said that the Government must also come out with a White paper on the Economy; they have been stonewalling this demand of the Congress Party. We will continue to demand, so that the country is aware as to how grave the crisis are and whether this Government is prepared to stop false propaganda, accept the reality and correct the course, because the policies as such are flawed. 
 
One thing I would like to mention which I did not say so far – The Prime Minister has not bothered about the restructuring or writing off the loans of the Students. When you look at the NPA numbers of the Banks, the outstanding of the big industry, the miniscule, very small amount of student loans on which interest is mounting - This is his insensitivity about the younger generation who are the stakeholders in this country’s future. 
 
Now, I think, everybody is aware with such sharp contractions taking place and the GVA - Gross Value Addition - itself going down or the Gross Value Production going down by 2%. That Prime Minister is doing spot running and the Indian economy is also doing spot running. It is like one is on a treadmill and believing that you are moving but actually you are not moving, this is what has made the Prime Minister get carried away by his false propaganda. I will not use a stronger word, but perhaps the BJP Government has become ‘Delusional’. So, nothing what they are doing, gives us any hope of any improvement and I and my colleague will be talking to you in the coming months - We, as an Opposition, have been constructive, positive and responsible unlike the BJP when it was in Opposition; we were responsible for bringing about new Legislations and Laws, Investment Policies as Opposition even. If today, this country has the Insurance Bill passed by the Indian Parliament, the credit MUST go the Opposition, if it was blocked for 7 years, it was the BJP. If the GST Constitutional Amendment has been passed, it is because of the Indian National Congress in the Opposition. Without us, even today, no Constitutional Amendment can be passed. Even today the numbers of the Rajya Sabha are very clear. But we did that. The Prime Minister never had the courtesy to give the credit or show his respect towards the former Prime Minister.

We have been responsible for other Reform Legislation, including the Banking and the Bankruptcy Laws. Despite all this, this Government has non-performed. As I said, it has achieved new benchmarks of false propaganda, incompetence and betrayal of the people. 
 
एक प्रश्न पर कि आपने कहा कि श्वेत पत्र जारी करें, ये श्वेत पत्र किस चीज पर निकालें, श्री शर्मा ने कहा कि Economy पर, जो मैंने सारी बातें बताई है। वाईट पेपर पर सारी चीजें खुलकर आती हैं, जिस तरह आपका Economy रिव्यू आता है या आर.बी.आई की रिपोर्ट आती हैं, Economy पर श्वेत पत्र भी निकाला जाता है, उसको सामने लाएं, उसमें सब चीजें होती हैं। Economy सर्वे कितने लोग पढ़ते हैं, 2 वोल्यूम में, जो समझते हैं उसको पढ़ना भी आसान नहीं, वही समझ पाते हैं कि इसमें क्या है। श्वेत पत्र छोटा होता है, उसमें सारे मानक सामने आते हैं, लोग समझ जाएंगे। सरकार को मालूम है वाईट पेपर क्या है। प्रधानमंत्री तो कहते हैं कि वो तो, जो भी है वाईट Economy तैयार कर रहे हैं, वाईट पेपर भी ले आएं Economy, हम तो मांग कर रहे हैं, जवाब दें।
 
एक अन्य प्रश्न पर कि क्या नोटबंदी के दिन 8 नवंबर को काले दिवस के रुप में मनाएंगे, श्री शर्मा ने कहा कि तारीख की बात नहीं होती, फैसले की बात होती है। वो एक ऐसा गलत फैसला था जिसने भारत की अर्थव्यस्था को चरमरा दिया, एक बहुत बड़ी चोट पहुंचाई। अब उसको आप उत्सव के रुप में देख लें या मातम के रुप में देख लें, जिनका नुकसान हुआ।
 
एक अन्य प्रश्न पर कि भाजपा में महत्वपूर्ण फेरबदल होने जा रहा है, क्या कहेंगे, श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है, सत्ताधारी दल है, उनकी सरकार है, वो किसी को भी मंत्री बनाएं, किसी को भी हटाएं, पर ये जो नालायकी का ढप्पा सरकार पर लगा है, वो इस फेरबदल से दूर नहीं होने वाला। मुझे नहीं लगता उनके पास ऐसा हुनर है, ऐसे योग्य लोग आ जाएंगें जो क्रांतिकारी परिवर्तन करेंगे, यहाँ देश की  बदहाली हो गई है, इस सूरत को इस हाल को ये फेरबदल में लग जाएंगे कि कौन बना, कौन हटा, कौन बना। असली मुद्दों से ध्यान हटाने की महारथ श्री नरेन्द्र मोदी जी को है। जो बनेंगे उनको शुभकामनाएं और जो जाएंगे उन्होंने कोई अच्छा काम नहीं किया।
 
इसी संदर्भ में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में श्री शर्मा ने कहा कि बहुत अच्छी बात है कि Parameter क्या प्रधानमंत्री जी की परफोरमेंस पर लागू नहीं होते, बाकियों पर लागू होते हैं ये कहाँ न्यायोचित है, कि सिवाए उनके सब पर मापदंड लागू होंगे।
 
एक अन्य प्रश्न पर कि भाजपा मंत्री राजीव प्रताप रुडी ने इस्तीफा दिया है, क्या कहेंगे, श्री शर्मा ने कहा कि मैं किसी मंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करना चाहता, वो उचित नहीं होगा।
 
एक अन्य प्रश्न पर कि सृजन घोटाले से जुड़े दो मंत्रियों ने भी इस्तीफा दिया है, क्या कहेंगे, श्री शर्मा ने कहा कि सिंद्धात के रुप में हम किसी मंत्री जो कैबिनेट में फेरबदल है वो उनकी योग्यता या अन्यथा के बारे में नहीं कहना चाहते। करप्शन के आरोप उनके बहुत से लोगों पर हैं, बड़े सुबों के मुख्य मंत्रियों पर है, प्रधानमंत्री जी ने कोई कार्यवाही नहीं की।
 
एक अन्य प्रश्न पर कि बिहार की राजनीति से संबंधित प्रश्न है कि कल प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी जी से मुलाकात की, 18 विधायकों को तोड़ कर जेडीयू में शामिल होना चाहते थे, इस पर आप क्या कहेंगे, श्री शर्मा ने कहा कि कौन था, कितने थे मुझे इसकी मालूमात नहीं है, कांग्रेस के सब विधायक अभी कांग्रेस के अंदर है, पर जो ये प्रयास हुआ है उससे भारतीय जनता पार्टी और नीतीश कुमार की सिंद्धातहीनता और अवसरवादिता सामने आती है। कांग्रेस पार्टी मजबूत है, कोई ऐसा संकट हम नहीं देखते और इसके बारे में, ओर भी आपको जानकारी लेनी है, जो बातचीत में शामिल थे, गुलाम नबी आजाद जी और अहमद पटेल जी, आप उनसे पूछ सकते हैं, नेता प्रतिपक्ष से, उसमें सारी मालूमात है। मैं उनमें शामिल नहीं था, जानकारी मुझे सब होती है, लेकिन में उस बातचीत में शामिल नहीं था।
 
एक अन्य प्रश्न पर कि इन्कम टैक्स विभाग ने लालू प्रसाद यादव को नोटिस जारी करके ये पूछा है कि 27 तारीख की रैली में इतना पैसा कहाँ से आया, श्री शर्मा ने कहा कि इन्कम टैक्स विभाग को भारतीय जनता पार्टी को भी नोटिस जारी करने चाहिएं कि जो प्रधानमंत्री की और अमित शाह जी की बड़ी-बड़ी रैलियों पर कहाँ से पैसा आ रहा है और कितना खर्च हुआ?
 
On the question of the Cabinet reshuffle, Shri Sharma said it is a prerogative of the Prime Minister to shuffle and reshuffle. I don’t see much talent that he has. He may appoint anyone and remove anyone and change any portfolios that will make Zero difference because this is the Prime Minister who believes in complete concentration of power. If you look at the Cabinet form of Government, we have a Cabinet form of Government, but is it functioning like a Cabinet form? Key Ministries for more than three years are without a Cabinet Minister which has never happened. Why - So that all policy papers which originate from the Cabinet Minister’s signature, are prepared in the PMO. This is what he was doing as the Chief Minister of Gujarat. That is exactly what he is doing now to India. 
 
Second thing, just to give you one illustration - there is something called the ACC - The Appointments Committee of the Cabinet – from day one, he has virtually done away with that, though on paper it exists. The ACC, for all Jt. Secretary and above appointments, Secretaries to the Government of India, all key appointments, use to have, and that is the cabinet form of government - three signatures – the note will originate under the signature of the concerned Cabinet Minister, second signature will be of the Home Minister of India and last signature of the Prime Minister. Then only the process is completed. Now, what he started – direct orders from PMO until he was reminded that Prime Minister, the word ‘committee’ means two people, more than one. So, the Home Minister was included. Please go by notifications. Shri Rajnath Singh was included and it cannot be denied either by the Prime Minister or the Home Minister that the Home Minister gets the file after Prime Minister has already signed it. So, it is post-facto. 
 
He has effectively destroyed the Cabinet form of Government. No Cabinet Minister including the powerful Finance Minister moves a Cabinet Note. He is not a Member of the ACC. The Defence Minister of India is not a Member of the ACC. He was holding both the portfolios. Though ACC, as I mentioned, every Cabinet Minister depending on the work allocation, as per the Government of India Business Rules, is the Member of the ACC for his/her Department and the Business and the work allocated to the Minister. That is not there in this Government. 
 
On the decline in the GDP after the demonetization, Shri Sharma said, as I have said, the GDP has been falling for six quarters but after the demonetization, the last two quarters have seen a very sharp fall. I just explained. It is 5.7% as per the new marking, new methodology. It is not more than 4.3%-4.4% as per the old methodology. So, this is actually India’s GDP. It is not even 5.7%. That must be noted. 
 
On the likelihood of 21 Congress MLAs of Bihar leaving the Party, Shri Sharma said, the Congress Legislature Party in Bihar is absolutely intact. There is no threat. Yes, efforts have been made, which exposes the unprincipled politics of the BJP and Chief Minister Shri Nitish Kumar. They have failed, and the Congress Party will continue to resist any attempts to weaken its Party or the Legislature Party. 
 
On the question of RSS meeting held at Mathura, Shri Sharma what can we say, they still do not have the character and courage to say that they are the parent political party, when you are talking of the affiliates meeting, it is like an octopus - so many affiliate organizations. They claim to be representing India’s culture, Hinduism, and I have one thing to tell that, RSS and Hindutva is a political ideology, not the culture, not the philosophy of Hinduism.  The people of this country, the majority community, to which many of us belong including myself, have NEVER given the RSS or the BJP the right to represent the Hindus of this country. This shows their thinking which is perverse, they are bent of mind and the potent mix of religion with politics that the BJP and RSS is doing. RSS still claims to be a social and cultural organization though no decision is taken in the BJP or in the Government without the stamp of the RSS. They should stand up and own that Yes, we control the political decision making of the BJP and the policy making. 
 
On the question of giving a letter given to Smt. Sonia Gandhi by CM of Himachal Pradesh, Shri Sharma said I do not know whether he has given a letter or not. It is normal for the Congress CMs to meet the Hon’ble Congress President.
 
On the elections in Himachal Pradesh, Shri Sharma said that the Congress Party fights as a political party. Let the process start.
 
 
Sd/-
(S.V. Ramani)
Secretary
Communication Deptt.,
AICC


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