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Highlights of the press conference of Shri Randeep Singh Surjewala, I/c Communication Deptt.

 
 
देश की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई - लड़खड़ाई

मोदी सरकार के 'न्यू इंडिया' में जान की कोई कीमत नहीं

सैकड़ों अबोध बच्चों की दर्दनाक मौत के लिए भाजपा दोषी

स्वाईन फ्लू का संक्रमण देष भर में फैला
 
 
 

भाजपा सरकारों की घोर लापरवाही अपराधिक उदासीनता व जीर्ण-क्षीण स्वास्थ्य व्यवस्था देश के लोगों के जीवन से खिलवाड़ का कारण बन गई हैं। हमारी संस्कृति में बच्चों को भगवान का रूप माना जाता है। पर भाजपा सरकारें उन्हें श्मशान और कब्रस्तान पहुंचाने पर तुली हैं। 

सच्चाई यह है कि - ''अमानवीय व्यवहार, त्रुटिग्रस्त उपचार, जनता लाचार, ऐसी हैं भाजपा सरकार!'' 

सबसे ताजा उदाहरण फर्रुखाबाद के सरकारी अस्पताल में 49 बच्चों की मौत है, जिसका कारण ऑक्सीजन की कमी और दवा उपलब्ध न होना है। साथ-साथ गोरखपुर हादसे में मरनेवाले बच्चों की संख्या एक महीने में अब 357 हो गई है। यहां तक कि गोरखपुर में पिछले 24 घंटों में 13 बच्चों की मौत हो गई। 

यही नहीं, बांसवाड़ा, राजस्थान में पिछले 53 दिनों में 86 बच्चों की मौत हो गई और इस साल 2017 अगस्त तक मरनेवाले बच्चों की संख्या 236 पहुंच गई। 

पिछले 28 दिनों में रांची के सरकार अस्पताल में 133 बच्चों की मौत हुई और जमशेदपुर के सरकारी अस्पताल में पिछले 4 महीने में 164 बच्चे सरकारी लापरवाही के चलते मौत के शिकार हुए। इस साल जनवरी से अगस्त तक अकेले रांची व जमशेदपुर के सरकारी अस्पतालों में 800 से अधिक बच्चों की मौत हुई। यही हाल छत्तीसगढ़ का है।

सवाल यह है कि इन दर्दनाक हादसों व हत्याओं के लिए क्या भाजपा सरकारें जिम्मेदार नहीं? अगर हां, तो आज तक उत्तरप्रदेश, झारखंड व राजस्थान के भाजपाई मुख्यमंत्रियों व स्वास्थ्यमंत्रियों के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं हुई? भारत सरकार व देश के स्वास्थ्यमंत्री क्यों मूक दर्शक बने बैठे हैं? उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री, श्री आदित्यनाथ ने तो अहंकार की सभी हद पार कर डालीं, जब बच्चों की मौत पर टिप्पणी करते हुए यह कहा कि, 'मुझे लगता है कहीं ऐसा न हो, लोग अपने बच्चे, जैसे ही 2 साल के हों, सरकार के भरोसे छोड़ दें, सरकार उनका पालन-पोषण करे।' यह भाजपाई मानसिकता का सबसे जीता-जागता सबूत है। 

स्वाईन फ्लू (H1N1) ने महामारी का रूप धारण किया

एक तरफ बच्चों की मौत के लिए भाजपाई सरकारें जिम्मेदार हैं, तो दूसरी तरफ 27 अगस्त, 2017 तक, 1260 देशवासियों को स्वाईन फ्लू के संक्रमण से अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। 

साल, 2016 में हुई 265 व्यक्तियों की मौत के मुकाबले यह संख्या 2017 में (अगस्त माह तक) बढ़कर 1260 हो गई है। इसमें भी सबसे अधिक मौतें भाजपाशासित गुजरात (329), महाराष्ट्र (467), राजस्थान (80) व उत्तरप्रदेश (53) में हुई हैं। यह भाजपा सरकारों की नालायकी, निकम्मेपन व नाकारापन का जीता जागता सबूत है। 

देश के 125 करोड़ लोगों की ओर से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस मांग करती है कि प्रधानमंत्री इन दोनो मामलों पर अपना वक्तव्य दें, देश के स्वास्थ्य मंत्रालय की घोर नाकामी के लिए कड़ी कार्यवाही करें व उत्तरप्रदेश तथा झारखंड के मुख्यमंत्रियों व स्वास्थ्यमंत्रियों के खिलाफ निर्णायक कार्यवाही हो ताकि दिन-प्रतिदिन होने वाली मौतों पर विराम लग सके।      

 

Shri Surjewala said, criminal negligence of the BJP Government's has completely decimated the health structure in India. Everyday deaths of children as also elders that are taking place has exposed the lackluster attitude and criminal neglects of health of people and children by BJP Governments. The latest example is the painful death of 49 children in Farukhabad and this comes as in last one month, deaths happening in Gorakhpur have reached 357. Only in last 24 hours, 13 more children have died in Gorakhpur and this malady and deliberate and criminal neglect of health of people is not restricted to UP BJP Government alone. In Rajasthan, Banswara, in last 53 days, 86 children have died and in this year 236 children have died in Banswara alone.

 
Similarly, in BJP-ruled Jharkhand in Ranchi, in the last 28 days, 133 children died and in Jamshedpur 164 children have died. 800 children have died so far. Who is responsible for this utter negligence and criminal neglect of health of our children? In Farukhabad, children are stated to have died again on account of lack of oxygen and medication. Will Prime Minister and Health Ministry wake up from their slumber? Will they take decisive action against the Governments and Health Ministers both of UP as also Jharkhand is the question. Swine flu that is H1N1, children are dying on one side; swine flu is reaching an epidemic for 1,260 people have lost their lives up to August 2017. In the year 2016 those dying in the country of swine flu were only 265. Up to 2017 August, this number has gone to 1,260 and here also BJP ruled-States are most guilty. In Gujarat 329 people have died, in Maharashtra 467 people have died, in Rajasthan 80 and in UP 53 people have died of swine flu. Until decisive steps are taken, this epidemic will take the lives of thousands of more people.

 
Indian National Congress calls upon the Prime Minister to come forward and to make a statement on the issue. Will the Prime Minister now take action against the Union Health Minister and his ministry who have been criminally complicit in ignoring this entire episode? Will Prime Minister take decisive action against Chief Ministers and Health Ministers of Uttar Pradesh as also Jharkhand where hundreds of children have died and in all these BJP-ruled States where people are dying of swine flu? That is the principal question that we want to ask the Prime Minister on behalf of the people of India.

 
एक प्रश्न पर कि जिस तरह से मृत्यु हो रही हैं, सरकार सोशल सेक्टर में कम खर्च कर रही है, कांग्रेस क्या कहेगी इस पर, श्री सूरजेवाला ने कहा, आपका सवाल वाजिब है, मैं याद दिलावाऊँ कि जब 10 वर्ष तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और UPA का शासन था, तो हमने National Health Mission, National Rural Health Mission और उसके साथ-साथ अनेकों और स्कीम चलाई, जिनके माध्यम से हजारों-करोड़ रुपया ना केवल प्रांतीय सरकारों को मिला परंतु उन सारे अस्पतालों को, उन सारी जरुरतों के लिए मिला, मशीन के लिए मिला, दवाईयों के लिए मिला, डॉक्टरों की नियुक्ती के लिए मिला, जो देश और प्रदेश के दूरगामी क्षेत्रों में जिनकी आवश्यकता थी। सच्चाई यह है कि, जब से भाजपा शासित केन्द्र सरकार आई है और अधितकर प्रांतों में जहाँ-जहाँ भाजपा की सरकारें हैं, वहाँ-वहाँ स्वास्थ्य भारतीय जनता पार्टी के लिए ना प्राथमिकता है, ना कोई लक्ष्य है, क्योंकि उन्होंने देश के लोगों को अपने हाल पर छोड़ दिया है और उसी का कारण है कि वो चाहे बच्चों की मौत हो, चाहे वो स्वाईन फ्लू (H1N1) हो, चाहे वो दूसरी बीमारीयाँ हों, आए दिन, कोई ना कोई बीमारी, महामारी का रुप लेकर इस देश के लोगों के स्वास्थ्य पर अतिक्रमण कर रही है।

 
एक अन्य प्रश्न पर RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन जी ने नोटबंदी के बारे में कुछ बातें कही हैं कि सरकार का फैसला गलत था, आप किस तरह से देखते हैं इसे, श्री सूरजेवाला ने कहा कि, श्री रघुराम राजन ने एक बार फिर मोदी सरकार को सच्चाई का आईना दिखाया है और नोटबंदी की तालाबंदी, जो एक व्यक्ति विशेष की हठधर्मिता और जिद्द के चलते हुई और जिससे देश की अर्थव्यवस्था को भारी आघात पहुंचा, उसकी सच्चाई को उजागर किया है। क्या अब देश के प्रधानमंत्री देश को जवाब देंगे कि नोटबंदी किस प्रकार से कामयाब हुई। जब 15 लाख 44 हजार करोड़ में से 15 लाख 28 हजार करोड़, यानि 99% पैसा वापस जमा हो गया, तो कालाधन कहाँ गया? अभी तो रॉयल बैंक ऑफ नेपाल से आने वाला पैसा, अदालतों में जमा पुरानी राशी और जो एन.आर.आई NRI,s के पास जमा पैसा है, अभी तो वो भी अकाउंट होना बाकि है, उसके बाद ये 16 हजार करोड़ भी नहीं बचेगा। प्रधानमंत्री जी ने दूसरी बात कही थी कि नक्सलवाद और उग्रवाद पर विराम लगेगा। नोटबंदी के बाद 32 बड़े उग्रवादी हमले अकेले जम्मू-कश्मीर में हुए और 100 के करीब सैनिकों और 70 के करीब नागरीकों का जान गई। 13 बड़े नक्सलवादी हमले हुए और इसमें भी लगभग 100 के करीब सैनिकों को वीरगती को प्राप्त होना पड़ा, तो नक्सलवाद और उग्रवाद तो बंद हुआ नहीं। तीसरा सबसे बड़ा कारण वित्त मंत्रालय ने 8 नवंबर को विज्ञप्ति जारी करके फेक करंसी को रोकने का बताया था, 15 लाख 28 हजार करोड़ में से मात्र 41 करोड़ ही फेक करंसी साबित हुई। यानि 99.998% करंसी सही साबित हुई और .0013% ही, यानि कि आधे के आधे का आधा % ही, केवल फेक करंसी साबित हुई। तो नोटबंदी के तीनों लक्ष्य जब औंधे मुँह गिरे तो अब साबित हो गया कि, 9.2% से 5.7% जब सकल घरेलू उत्पाद, यानि GDP कम हुई, तो देश की अर्थव्यवस्था को 3 लाख करोड़ का नुकसान हुआ। अगर नैतिकता का कोई मापदंड है, तो देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी को अंतरमंथन करके, अपने पद को छोड़ देना चाहिए, एक व्यापक जांच ऑर्डर करनी चाहिए और उसके साथ-साथ देश से आगे बढ़कर माफी मांगनी चाहिए। आए दिन कोई ना कोई विशेषज्ञ, कोई ना कोई अर्थशास्त्री, नोटबंदी की विफलता का और नोटबंदी की तालाबंदी का आईना मोदी सरकार को दिखाता है, पर मोदी जी हैं कि वो मौन मोदी बने बैठे हैं। अब जनता जवाब मांगती है।

 
एक अन्य प्रश्न पर कि क्या नोटबंदी की विफलता को लेकर कांग्रेस मोदी जी से माफी की मांग कर रही है, श्री सूरजेवाला ने कहा कि, जैसा हमने पहले भी कहा, मैं फिर दोहराता हूं - अगर नैतिकता कोई मापदंड है, और मेरे वरिष्ठ सहयोगी, श्री आनंद शर्मा जी ने भी कहा कि, अगर नैतिकता का मापदंड है तो प्रधानमंत्री जी को अंतरमंथन करना चाहिए। देश की अर्थव्यवस्था को 3 लाख करोड़ की चोट पहुंचाना, देश की गृहणियों की पूरी जिंदगी की कमाई लूट लेना, छोटे-छोटे उद्योगपति और व्यवसायियों का धंधा चोपट कर देना, 15 लाख से अधिक लोगों की नौकरी छीन लेना, इसके लिए कौन जिम्मेवार है? केवल एक व्यक्ति जिम्मेवार है, और वो हैं माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। समय आ गया है कि वो व्यक्ति विशेष पर इसका इल्जाम मढ़ने की बजाए, अपने अंतरमन में झांके, नैतिकता के आधार को स्वीकार करें और नैतिकता का अधिकार अगर आज भी और मापदंड इस देश में लागू है, तो उन्हें ये सोचना चाहिए कि क्या उन्हें अपने पद पर बने रहने का एक मिनट भी अधिकार है और अगर नहीं है, तो उन्हें इस पूरे मामले में, नोटबंदी के घोटाले में एक जांच का आदेश देना चाहिए, देश से माफी मांगनी चाहिए और अपने पद को छोड़ने पर गंभीर विचार करना चाहिए।

 
एक अन्य प्रश्न पर कि रोहिंग्या मुस्लिमों को भारत में बसाने की जो बात चल रही है, क्या कहेंगे, श्री सूरजेवाला ने कहा कि, हमें लगता है कि इस पूरे मामले पर गहन मंत्रणा की आवश्यकता है और भारत सरकार को सभी दलों को बुलाकर और सभी स्टेक होल्डर को बुलाकर इस पर राष्ट्रहित में निर्णय लेना चाहिए।

 
एक अन्य प्रश्न पर कि BRICS में प्रधानमंत्री ने आतंकवाद का मुद्दा उठाया है, क्या कहेंगे, श्री सूरजेवाला ने कहा कि, उग्रवाद का और उग्रवादियों का, ना हमारे देश में और ना अंतर्राष्ट्रीय पर कोई स्थान। सभी देशों को समेत भारत के जिसने लंबे समय तक उग्रवाद की आग सही है और सह रहा है मिलकर, उग्रवाद की इस बीमारी को जड़ से उखाड़ने के लिए संकल्प लेने की आवश्यकता है। हमें इस बात की खुशी है कि BRICS मुल्कों ने कई उग्रवादी संगठनों को लेकर ना केवल चिंता व्यक्त की है, परंतु संयुक्त तौर से लड़ने का आवाहन किया है, जिसमें तालिबान, जिसमें ISIS, जिसमें Al-Qaida, जिसमें Islamic Movement of Uzbekistan, जिसमें पाकिस्तान का Haqqani Network, जिसमें Lashker-e-Taiba, जिसमें Jaish-e-Mohammed, जिसमें TTP और जिसमें Hizb ut-Tahrir जैसे उग्रवादी संगठन शामिल हैं। अब समय आ गया है कि, माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी चीन से मौलाना मसूद अजहर और दूसरे ऐसे सब उग्रवादियों को अंतर्राष्ट्रीय उग्रवादी घोषित करवाने का रास्ता साफ करवाएं। अब चीन को कोई अधिकार नहीं, ना नैतिक, ना कानूनी, कि जब BRICS नेशन ने, जिनका एक महत्वपूर्ण हिस्सा चीन है, उस संगठन को जिनसे ये उग्रवादी जुड़े हैं, उनको उग्रवादी संगठन घोषित कर दिया है, तो अब यूनाईटिड़ नेशन में भी, इन सारे लोगों को अंतर्राष्ट्रीय उग्रवादी घोषित किया जाना चाहिए ताकि पूरी दुनिया में जो इनका नेटवर्क और assests हैं उनको confiscate करके इनके खिलाफ निर्णायक कार्यवाही हो। पाकिस्तान पर भी दबाव डाला जाए और चीन जरुरत पडे तो इस मामले में इंटरवीन करे क्योंकि पाकिस्तान की नजदीकियाँ चीन से हैं कि, पाकिस्तान इन सारे उग्रवादियों को भारत को सौंप दे, ताकि इन पर हमारे खिलाफ जो उग्रवाद के इन्होंने मामले किए हैं, उनमें निर्णायक कार्यवाही की जा सके।

 
एक अन्य प्रश्न पर कि गृहराज्य मंत्री के संसदीय क्षेत्र में एक गाँव है जिसको स्मार्ट गाँव का पुरस्कार दिया गया है, क्या कहेंगे, श्री सूरजेवाला ने कहा कि, गृहराज्य मंत्री के संसदीय क्षेत्र में स्वच्छ्ता के नाम पर किया जाने वाला टॉयलेट घोटाला पहला नहीं। अगर आप गहन अध्ययन करें, तो भाजपा शाषित प्रदेशों में आए दिन इस प्रकार के घोटाले सामने आ रहे हैं। शौचालय का प्रबंध करना, ये राजनीतिक वाद-विवाद का हिस्सा नहीं हो सकता। हर घर में शौचालय हो, ये पूरे देश की जरुरत है और जो इस प्रकार लीपा-पोती करके, लोगों की आँखों में धूल झोंकने का एक कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, उन पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए और गृहराज्य मंत्री को सामने आकर इस जिम्मेवारी को स्वयं मानना चाहिए।

 
नीतीश कुमार के दिए बयान पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में श्री सुरजेवाला ने कहा कि, आदरणीय नीतीश बाबू से हम सादर अनुरोध करेंगे कि उन्होंने अपनी अंतरआत्मा को भाजपा की डयोडी पर गिरवी रख कर, सत्ता की कुर्सी दुबारा साधी है और एक कहावत है उत्तर भारत की, "छाछ तो बोले सो बोले, छलनी भी बोले, जिसमें एक हजार छेद हैं”। तो हम केवल आदरणीय नीतीश बाबू को उस कहावत कि जो बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में हैं, उसकी याद दिलवाएंगें। बिहारी और बाहरी का नारा देकर, माननीय नरेन्द्र मोदी जी के खिलाफ कांग्रेस और राजद (RJD) के साथ मिलकर जनमत लेकर सत्ता में आए नीतीश बाबू ने सत्ता के सिक्कों की खनक के लिए, कुर्सी बचाने के लिए, शायद सृजन घोटाले से या किसी घोटाले से ड़रकर उन्होंने सत्ता की चाबी तो भाजपा को सौंप दी और अभी भी असली और नकली JD(U) का विवाद जारी है क्योंकि असली JD(U) तो शरद यादव जी के साथ है, तो कम से कम नसीहत देने से पहले हम उनका आदर करते हैं, सम्मान करते हैं, अपने अंतरमन में झांक लें।  जो वो तोड़ने और बांटने की बात करते हैं, वो 6 महीने पहले तक तो तोड़ने और बांटने वालों के खिलाफ एक व्यापक संघर्ष की बात करते थे, अब वो तोड़ने और बांटने की राजनीति में शामिल हो गए हैं तो वो उनको मुबारक।

 
एक अन्य प्रश्न पर कि जनधन योजना को लेकर आपने हमेशा निशाना साधा है भाजपा पर, अब भाजपा ने इस योजना के बारे में गाँव-गाँव में जाकर बताने का फैसला किया है, क्या कहेंगे, श्री सुरजेवाला ने कहा कि, हर व्यक्ति के पास अपना बैंक का खाता हो, ये योजना कांग्रेस की यूपीए (UPA) की सरकार ने शुरु की थी और मैं याद दिलाऊँ कि, पहले लगभग 28 करोड़ खाते, जिनको बाद में नाम बदलकर जैसा मोदी जी की आदत है, जनधन स्कीम का नाम दिया गया, वो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने खोले थे। पर भाजपा और कांग्रेस में एक अंतर था -  हम खाते खोलने और '0' बैंलेस पर पैसा नहीं लेते थे। अगर आप रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और बैंकों के आंकड़े देखें, तो 262 करोड़ रुपए की राशी उन गरीबों के खातों से वसूल ली गई, जिनके खातों में बैलेंस कम था। क्या गरीबों की मदद का ये मोदी जी और भाजपाई तरीका है, ये वही जानें। अगर जरा सा भी, इस देश के गरीब और साधारण व्यक्ति तक बैंकिंग व्यवस्था को पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है, तो हम उसका स्वागत करेंगे। पर सबसे पहले मोदी जी दो निर्देश जारी करें जीरो बैंक बैलेंस वाले खाते पर जो पैसा काटते हैं बैंक, उसको बंद किया जाए या भारत सरकार उसको पैसा दे। एटीएम (ATM) जो साधारण व्यक्ति इस्तेमाल करता है, उसके ऊपर अब टैक्स लगा दिया गया है, चार्जिस लगा दिए गए हैं उसको बंद किया जाए और आम साधारण व्यक्ति दो से अधिक बार पैसा जमा करवाएगा और निकलवाएगा, अब उस पर 'मोदी टैक्स' लगता है, उसको भी बंद किया जाए, तभी ये बात सार्थक साबित होगी।         

 
On the question of impact of demonetization as stated by former RBI Governor Shri Raghuram Rajan, Shri Surjewala said, one thing is amply clear that the disaster of demonetization was nothing but 'MMD' – 'Modi Made Disaster'. Who is responsible for this disaster in which India's economy lost over Rs. 3 lakh crore in which housewives lost their lives' earnings, in which 15 lakh people lost their jobs, in which medium and small enterprises were forced to shut down, in which credibility of our financial Institutions including Reserve Bank of India was put under question. That is why when Shri Raghuram Rajan shows the mirror of truth to the Prime Minister and to the BJP Government, it is time for the Prime Minister to introspect. Rs. 15, 44,000 crore was money in-circulation, Rs. 15, 28,000 crore has been received back. That means 99% of the money came back. Out of the remaining Rs. 16,000 crore we still have to take into account the money deposited with the Royal Bank of Nepal, we still have to take into account the money deposited in Court cases as also with NRIs and may be Rs 16,000 crore will also come back. Where is the black-money of Rs. 3 to 5 lakh crore which the Attorney General of India promised to the Hon'ble Supreme Court on behalf of Prime Minister Shri Narendra Modi?

 
If that purpose is defeated, the only two other purposes stated by the Prime Minister were, that it is a fight against fake currency. Out of Rs. 15, 28,000 crore only Rs. 41 crore has been found to be take currency. That means 99.998% is genuine, only .0013 is fake currency. The purpose stands to be defeated which Finance Ministry has stated to be the purpose of demonetization in its Press Release of   8th November 2016. The third purpose Prime Minister said was that 'Naxalism' and 'Terrorism' will be fought by demonetization. Post demonetization, there have been 32 major terror incidents in J&K alone; there have been 13 major terror incidents of Naxalism. So how has the 'Naxalism' and 'Terrorism' stopped?  The fourth point that the Prime Minister made was of converting India in to a 'Digital Transaction. Prior to demonetization, the value of monthly 'Digital Transactions' was Rs. 94 lakh crore and in July 2017 that value has gone up from Rs. 94 lakh crore to Rs. 104 lakh crore – a mere increase of Rs. 10 lakh crore. The real increase in 'Digital Transactions' happened to the extent of 58% and 49% between 2011 and 2013. So, even that purpose stands defeated. If all these are found to be false, if a Prime Minister is found to have misled this country, if Prime Minister Shri Narendra Modi is found to have lied to the Nation and if morality has any basis in our polity, it is time for the Prime Minister to introspect and to think whether he has a moral right to continue in his office even for a day after decimating India's economy by over Rs. 3 lakh crore and causing damage to it. He must apologize to the Nation. He must also order an immediate enquiry into the demonetization scam.

 
On the condemnation of terrorism in BRICS summit Shri Surjewala said, terrorism has no place either in our Nation or on the world stage. Challenge of terrorism is something that BRICS Nations, as also all other countries, must fight unitedly. We are happy that the BRICS Nations have proceeded to condemn the acts of Taliban, ISIS, Al-Qaida, Islamic Movement of Uzbekistan, Haqqani Network, Lashker-e-Taiba, Jaish-e-Mohammed, Hizb ut-Tahrir, TTP and others. It is a welcome start and I think it needs to be taken forward.

 
We sincerely hope, that the Prime Minister Shri Narendra Modi now will take up the issue of declaration of Maulana Masood Azhar as an 'International Terrorist' since Jaish-e-Mohammed to whom he is affiliated, has now been declared by BRICS Nations as a 'Terrorist Organization'. China should no longer, does not have moral right or the legal right now to stand in the way or to prevent the United Nations from declaring him as an 'International Terrorist'.

 
On the statement of Prime Minister in BRICS that we are in a 'Mission-Mode' to eradicate poverty and ensure health, sanitation, gender equality etc, Shri Surjewala said, the Prime Minister Shri Modi Ji needs to travel, now it is over three years, PM Modi Ji needs to travel from rhetoric to reality. The reality is what we just presented before you, where 49 children have died in Farukhabad, 357 children have died in Gorakhpur and 133 children have died in Ranchi. Similar numbers of children have died in Jamshedpur and 86 children have died in Banswara.  Is this the health security that the Prime Minister speaks about? When 1,260 people die in the country, majority in BJP-ruled States due to swine-flu, is this the health security that the Prime Minister speaks about?

There is difference between the reality and rhetoric of the Prime Minister. It is time for him to 'Walk the Talk'.  
 
 
 

 

 

Sd/-

(S.V. Ramani)
Secretary
Communication Deptt.,
 AICC

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