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Press Releases

Highlights of the press briefing of Shri Randeep Singh Surjewala, I/c Communication Deptt.

 
श्री रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि, 7 वर्ष के प्रद्दुमन ठाकुर की रायन इंटरनेशनल में हुई जघन्य हत्या ने पूरे देश की आत्मा को दहला दिया है। विशेष तौर से गुडगांव हरियाणा में और आम तौर से निजी और सरकारी स्कूलों में देश के भविष्य यानि देश के बच्चों की सुरक्षा को लेकर ना केवल उनके अभिभावक यानि माता-पिता चिंतित है, परंतु देश का हर जागरुक नागरिक आज बच्चों पर किए जा रहे हमले, चाहें sexual offence हों या शारीरिक तौर से उन्हें चोट या हत्या की साजिश हो जो बार-बार हो रहे हैं, उसको लेकर चिंतित है। रायन इंटरनेशनल स्कूल गुडगाँव में जिनकी मैनजमेंट भारतीय जनता पार्टी की महिला मौर्चा की एक पदाधिकारी भी हैं, उन पर जिस प्रकार से भाजपा की हरियाणा सरकार ने कार्यवाही करने की बजाए ढूलमूल रवैया अपनाया और उल्टा विरोध कर रहे बच्चों के माता-पिता और प्रैस के साथियों पर लाठिय़ाँ भांजी उनको सड़क पर डाल कर आम अपराधियों से भी बूरी तरह से मारा और पिटा, ये भाजपा और खासतौर से हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर की नाकामी को दर्शाता है। रायन इंटरनेशनल स्कूल के बारे में कई चौंकाने वाले तथ्य और प्रद्दुमन ठाकुर  की हत्या के बारे में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने हैं। पहला स्कूल के स्टाफ के पास आईडिंटी कार्ड भी नहीं था, दूसरा स्कूल का सीसीटीवी कैमरा काम भी नहीं कर रहे थे, जिससे अपराधी की पहचान भी नहीं हो पाई, तीसरा स्कूल में विजिलेंस अधिकारी, सुरक्षा के जुम्मेवार अधिकारी तथा स्कूल के मैनजमेंट कोताही के लिए सीधे-सीधे जिम्मेवार हैं। अगर ऐसा ना होता तो प्रद्दुमन ठाकुर की जान ना जाती। 7 साल के अबोध बच्चे का 3 बार गला, एक तेज हथियारे से रेता गया या काटा गया परंतु किसी व्यक्ति को स्कूल के अंदर पता नहीं चला ये कैसे हो सकता है? पाँचवा प्रद्दुमन ठाकुर के पिता 15 मिनट पहले बच्चे को स्कूल में छोड़ते हैं और 15 मिनट के अंदर बच्चे की हत्या होकर वापस उन्हें सूचना भी मिल जाती है और परंतु सभी अनभिज्ञ हैं कि ये हत्या किसने की, कैसे हुई और किस कारण से हुई, ये स्कूल की मैनजमेंट की नालायकी, निक्कमेपन और कहीं ना कहीं एक साजिश की ओर इशारा करता है। स्कूल की चारदिवारी, पीछे से टूटी पाई गई और वहाँ शराब की बोतलें आज भी पड़ी हैं। ये दर्शाता है कि ऑफ टाईम या ऑन टाईम किस प्रकार से रायन इंटरनेशनल स्कूल के premises का गैर सामाजिक तत्वों के द्वारा दुरुपयोग किया जा रहा था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर कैसे कोताही बरती जा रही थी। इन सबके बावजूद हरियाणा सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री राव नरवीर सिंह जी ने पहले दिन जब बच्चों के अभिभावक सीबीआई जांच की मांग को लेकर गए तो ना केवल उस मृत बच्चे के माता-पिता परंतु सभी अभिभावकों का क्रूर मजाक बनाया और कहा कि सीबीआई की जांच मांगना अब फैशन बन गया है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने सरेआम रायन इंटरनेशनल स्कूल की मैनजमेंट को क्लीन चिट सर्टिफिकेट बिना जांच के दे ड़ाली और कहा कि हरियाणा की खट्टर सरकार कोई कार्यवाही रायन इंटरनेशनल स्कूल के खिलाफ नहीं करेगी।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर एक बार फिर कानून व्यवस्था पर ना नियंत्रण कर पाने के लिए अब देश में एक चिन्ह बन गए हैं उन्होंने सरेआम ये कह दिया कि वे कोई सीबीआई जांच इस मामले में ऑर्डर नहीं करेंगे और ना ही रायन इंटरनेशनल स्कूल के खिलाफ कार्यवाही करेंगे और जब अभिभावकों ने कल विरोध किया तो अभिभावकों और किस निर्दयता और निर्ममता से मारा गया इस मंजर को पूरे देश ने देखा। एक तरफ बच्चा खोया और दूसरी तरफ पुलिस से लाठिय़ाँ भी खाई, ये केवल बच्चों की क्रूर सरकार और निर्दयी रवैये के चलते ही हो सकता है और अब आज सुबह सुप्रीम कोर्ट ने ना केवल हरियाणा सरकार को परंतु सीबीएससी और भारत सरकार को, उन सबको प्रद्दुमन ठाकुर के माता-पिता के याचिका पर नोटिस जारी किया, सीबीआई जांच का भी और उसके साथ एक detailed गाईलाईन जारी करने के बारे में, जिससे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो तो लगभग तीसरे दिन हरियाणा सरकार ने एक बार फिर अपना रुख बदल कर कहा कि अगर बच्चे के माता-पिता चाहें तो हम सीबीआई जांच के लिए भी तैयार हैं। तो आज तक मनोहर लाल खट्टर जी और भारतीय जनता क्या छुपा रहे थे? क्या वो रायन इंटरनेशनल स्कूल को इसलिए संरक्षण दे रहे थे कि उनकी मैनजमेंट की मुखिया जो हैं वो भाजपा के महिला मौर्चा की प्रमुख नेता हैं और उनके मोदी जी और राजनाथ सिंह जी के साथ कई बार उनके चित्र भिन्न-भिन्न कार्यक्रमों में अब सार्वजनिक पटल पर आ गए हैं।

तो पिछले 48 घंटे में सुप्रीम कोर्ट के नोटिस जारी करने के बाद आज क्या बदल गया कि सरकार अब अपना रुख बदलने लगी है इसे बोलते हैं खिसयानी बिल्ली खंबा नोचें। अगर वो ये सब कार्यवाही पहले दिन करते तो ये सब हालात पैदा नहीं होते और सबसे चौंकाने वाला तथ्य जो आज सामने आया है कि 2014 में गुरुग्राम पुलिस ने सभी अभिभावकों की एसोसियेशन के साथ मिलकर यानि जिनके बच्चे गुरुग्राम के स्कूलों में पढ़ते हैं उन माता-पिता के एसोसियेशन के साथ मिलकर, स्कूल के साथ बैठकर, एनजीओ के साथ बैठकर, सिविल और पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन के साथ बैठकर, चाईल्ड सेफ्टी के एक्सपर्ट के साथ बैठकर एक और कुछ मीडिया के दोस्तों के साथ बैठकर एक व्यापाक इन्सट्रक्शन यानि की सैफ्टी गाईडलाईन जारी की जो 2014 से आज तक लागू हैं। जिसकी अनुपालना रायन इंटरनेशनल स्कूल और सभी स्कूल के लिए अनिवार्य हैं। इसके कुछ, जब इसकी कॉपी हम आपको रिलिज कर रहे हैं, लेकिन इसमें से 6 या 7 बातें अगर आप पढ़े तो बहुत चौंकाने वाली हैं और वो ये दिखाता है कि कैसे रायन इंटरनेशनल स्कूल सिविल और पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन के साथ मिलकर इन सारी गाईडलाईन को खुद ही flagrantly violate, वॉयलेंट यानि खुल्लआम इनका उल्लंघन कर रहे थे। अगर इनकी तरफ मैं आपका ध्यान आकर्षित करुं तो इनसे पहले ही इन्ट्रक्शन 1.1 में साफ लिखा है कि हर बच्चे की सुरक्षा की जिम्मेवारी स्कूल की सीनियर मैनजमेंट, डॉयरेक्टर और स्कूल की प्रिंसिपल की होगी।

 
“Prevention reporting and handling of child abuse and other safety related accidents during the time children are entrusted to the care of the School, the School Board of Directors, Principal and the senior management team have primary responsibility for the care and welfare of the students.
 
रायन इंटरनेशनल स्कूल के मैनजमेंट कहते हैं कि हम पीड़ित हैं और ये इन्सट्रक्शन कहते हैं कि मैनजमेंट बच्चे की सुरक्षा के लिए जिम्मेवार हैं। इसके बारे में हरियाणा की पुलिस, हरियाणा का सिविल प्रशासन, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और रायन इंटरनेशनल स्कूल के मैनजमेंट का क्या कहना है, हम उनका जवाब जरुर जानना चाहेंगे।

Clause 1.2 – And they have specifically said one of the principal objectives is to prevent physical harm and abuse of the child. The specific objective that these guidelines aim to achieve is the safety of children at schools, specifically safety in each of the following aspects –

 
Clause (B) says that from abuse be it verbal, physical or sexual by any Member of the staff, be it teaching/non teaching contractual, older students or any other person while in on the premises or even on the transportation route.

 
बच्चा अगर स्कूल में है तो चाहे कोई अजनबी आए, चाहे स्टाफ का सदस्य हो, चाहे अध्यापक हो, चाहे कोई और व्य़क्ति स्कूल में आए उसके लिए सुरक्षा की जिम्मेवारी मैनजमेंट होगी।

 
Shri Surjewala said, what is the coverage – the document is applicable to the following Institution.

 
All schools

Educational Institutions - pre-schools in Gurgaon whether Government, Private or Public or for girls or boys.

 
रायन इंटरनेशनल स्कूल इसकी परिधि में आता है, इस इन्सट्रक्शन की 1.3.1 के मुताबिक।

Again 1.4 says – the safety of children at school is the responsibility of School Management. And therefore, it falls squarely on the School Management to prevent report and handle any case of mishap or abuse.

बच्चे की सुरक्षा की जिम्मेवारी सिर्फ और सिर्फ जब वो स्कूल में है तो मैनजमेंट की है और उसको रोकना और अगर हो तो उस पर कार्यवाही करना, ये मैनजमेंट की जिम्मेवारी है। बच्चे को सिक्योर कैसे रखेंगे स्कूल में, इसके लिए भी इसमें विस्तृत प्रावधान है। उसमें ये है कि कोई अगर बाहर से विजिटर आएगा तो उसकी बकायादा रिसेप्शन पर एंट्री होगी, उसको एक आईडी कार्ड जारी किया जाएगा और वो स्कूल के इंटरनल premises में नहीं जा सकता, सिलेक्टिड़ एरिया से आगे नहीं जाएगा। दूसरा विजिटर पास जब जारी होगा तो उसकी proper वैरिफिकेशन होगी। ये दो बातें 2.1.3 और 2.1.4 में लिखी हैं।

स्कूल के पैरामिटर को कैसे secure करेंगे, यानि उसकी परिधि को कैसे secure करेंगे, उसके लिए दो जरुरी बातें लिखी हैं इसमें।

 
There should be only one entry and exist point to the premises of the School.  

एक से ज्यादा एंट्री एक्सेस प्वाईंट नहीं हो सकता, ताकि कोई बच्चे की सुरक्षा पर हमला ना कर सके और दूसरा

2.2.2 - walls around the School must be high enough to prevent any scaling; schools with lower walls must increase height of walls as decided in consultation with School Safety Committee.

जो जहाँ छोटी हैं, वहाँ बड़ी करनी पडेंगी नहीं तो दिवारें ऊंची होंगी, इस केस में दिवार टूटी हुई थी, शराब की बोतले वहाँ पड़ी थी। क्या वो इंस्ट्रक्शन follow हुई?

सीसीटीवी के बारे में बकायदा पैरा 2.3 में विस्तृत इन्सट्रक्शन जारी की हुई हैं। टॉयलेट पर भी कैसे सीसीटीवी लगेगा, इसके बारे में भी और उसके सिर्फ हिस्से पढ़कर सुनाउँगा।

    
2.3 says cameras must cover all official areas of the premises. They must also be covering all corridors and staircases.

यानि पूरे स्कूल के अंदर आपको सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य है।

They must be covering 2.3.1.2 - all corridors and staircases.

प्रद्दुमन ठाकुर जिस कॉरिडोर से गुजरा वहाँ का सीसीटीवी कैमरा काम नहीं कर रहा था, तो सब कॉरिडोर के ऊपर कैमरा लगाना जरुरी है।

 
2.3.1.7 - Entry to the toilet –

बच्चा जब टॉयलेट के अंदर जाए और बाहर आए, टॉयलेट के अंदर कैमरा नहीं लग सकता लेकिन बच्चा किस समय गया और किस समय गया, उसकी सुरक्षा के लिए आपको सीसीटीवी कैमरा लगाने की आवश्यकता है, इस रायन इंटरनेशनल स्कूल में टॉय़लेट की एंट्री पर कोई कैमरा नहीं लगाया गया।

2.3.11 – entry and exit point of premises

ताकि पता चले कि स्कूल के premises में कौन आया और कौन बाहर गया।

2.3.1.11 – any point to the outer perimeter wall which is vulnerable and which could show footage of the person attempting to gain entry to the premises.

ये भी रायन इंटरनेशनल स्कूल में पूरी तरह से मिसिंग है। दो हिस्से और महत्वपूर्ण हैं। इन सारे कैमरों का कंट्रौल पैनल कहाँ लगेगा और ये कहा कि इसका कंट्रौल पैनल किसी सिक्रेट कमरे में नहीं, रिसेप्शन पर लगाना अनिवार्य है क्योंकि वहाँ पर सेफ्टी ऑफिसर स्कूल का और विजिलेंस ऑफिसर दोनों वहाँ पर बैठेगा, जिनकी नियुक्ति की जाएगी, वो और पब्लिक का कोई आदमी, कोई अभिभावक जो रिसेप्शन पर बैठा है ताकि वो देख सके कि ये मालूम हो कि स्कूल का चप्पा-चप्पा कैमरे से covered है तो किसी भी व्यक्ति को जो स्कूल के किसी बच्चे के साथ कोई गलत हरकत या साजिश करना चाहता है तो वो रुक सकती है, दुर्भाग्य से रायन इंटरनेशनल स्कूल में इसका कोई प्रावधान नहीं था।

2.3.3.5 – all CCTV equipment must be maintained regularly.

जो दो या तीन सीसीटीवी कैमरा था, वे भी काम ना करते पाए गए, यहाँ इस बात के लिए विशेष प्रावधान है कि स्कूल की मैनजमेंट की ये जिम्मेवारी है कि स्कूल के सीसीटीवी कैमरा सब काम करते हों। एक विजिलेंस ऑफिसर की नियुक्ति का भी प्रावधान इस रुल 2.4 में है जो ये सुनिश्चित करेगा कि बच्चे की सुरक्षा का पूरा प्रावधान हो और एक सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति का प्रावधान है, ये दोनों भी करना आवश्यक है।

इसके साथ-साथ जो स्टाफ है, उसमें किस प्रकार की वैरिफिकेशन और नियुक्तियाँ होगी, उसका इसके अंदर पूरा प्रावधान किया गया है।

Last, I want to bring to your notice how each child is to be trained to ensure his/her safety. It is covered in Para 4.5 which says other measures for safety of children while at School.

वो बड़ा महत्वपूर्ण है, उसमें ये कहा गया है कि अगर कोई भी बच्चा कक्षा से बाहर जाए तो 15 मिनट से कम में ये अध्यापक की जिम्मेवारी होगी कि सुनिश्चित करना कि कोई घटना ना हुई हो।

4.5.3 Says if a child has gone out of the scheduled class for more time than required, the Teacher should enquire within the first 15 minutes to make sure there is no mishap. And then the school must demarcate a curtailed area for immediate emergency in case Sick Room is not available. This area should also be on the radar for regular supervision by the Administration In-charge.

ये सब बातें और ये सब बातों का निर्णय गुरुग्राम पुलिस के द्वारा किया गया और अभिभावकों की एसोसियेशन, एनजीओ, स्कूल एसोसियेशन, सिविल और पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन, मैंबर ऑफ ज्यूडशरी, मैंबर ऑफ मीडिया और इसके बाद इन्हें बकायदा सर्क्यूलेट किया गया और उसके बावजूद भी दर्दनाक हत्या एक बच्चे की होती है और जिस प्रकार से लीपापोती की इंतहा खट्टर सरकार कर देती है, जिस प्रकार से खट्टर सरकार लाठी चार्ज कर विरोध करने वाले और न्याय मांगने वाले माता-पिता और पत्रकारों को पीटती है, ये दर्शाता है कि भाजपा के अंहकार सर चढ़ कर बोल रहा है और पिछले 24 घंटों में दो बड़ी घटनाएं, दो अलग-अलग बच्चों के साथ हुई, जो उतनी ही दर्दनाक हैं जितनी की प्रद्दुमन ठाकुर के साथ हुई। रोहतक में एक बच्चे की हत्या हुई, 3 किलोमीटर दूर उसका शव झाडियों में मिला, जब माँ-बाप मुकदमा दर्ज करवाने गए तो वहाँ का प्रशासन और पुलिस प्रशासन कहता है कि पहले बच्चे के 16 फोटो लेकर आओ, तब मुकदमा दर्ज करेंगे। शव की रिकवरी तो दूर की बात है, जिसका बच्चा चला गया आप उससे 16 फोटो मांग रहे हैं, फिर शव का पोस्टमार्टम करेंगे, उसके बाद पुलिस का मुकदमा दर्ज करेंगे, उसके बाद कार्यवाही करेंगे, ये खट्टर सरकार की निर्दयता का सबसे बड़ी पराकाष्ठा क्या हो सकती है?

इतना ही नहीं पीजीआई रोहतक के अंदर कल एक औऱ बच्चा चोरी हो गया। 200 रुपए बच्चा चोरी होने के बाद प्रशासन ने जमा करवाए माँ से, बधाई दी, 200 रुपए जब जमा कर लिए तो बोले आपका बच्चा चोरी गया, मुकदमा दर्ज नहीं करेंगे। क्या खट्टर सरकार ये समझ सकते हैं कि प्रद्दुमन ठाकुर के माता-पिता की पीड़ा क्या रही होगी? क्या खट्टर सरकार और भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री, देश के शिक्षा मंत्री और प्रदेश के शिक्षा मंत्री ये समझ सकते हैं कि वो माता-पिता जो विरोध करने और न्याय मांगने गए थे, वो ना बदमाश हैं, ना गुंडे हैं, वो गुरुग्राम और हरियाणा के जिम्मेवार नागरिक हैं जो न्याय की गुहार लेकर गए थे, उन पर लाठी बरसाना और उनकी बात को उठाने वाले पत्रकारों को मारना, क्या ये प्रजातंत्र के लिए सुखद संदेश है, किसी का बच्चा मर जाए, आप उसको कहें कि 16 फोटो लाएं, फिर मैं मुकदमा दर्ज करुंगा, किसी का बच्चा पैदा होने के 3 मिनट के अंदर प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल से बच्चा चोरी हो जाए, आप उसकी माँ से 200 रुपए जमा करवाते हैं, बधाई देते हैं और फिर कहते हैं बच्चा नहीं मिल सकता क्योंकि बच्चा चोरी हो गया है।

किसी ने सही कहा है गोरखपुर हो या फरुखाबाद हो, वो झारखंड हो, महाराष्ट्र हो, राजस्थान हो आए दिन एक और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ जी, जब बच्चे मरे तो उनको ये दु:साहस करते हैं ये कहने का कि लोग बच्चे पैदा करके छोड़ देते हैं कि सरकार जिम्मेवारी लें। एक मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जी को फुरसत ही नहीं मिलती कि वो प्रद्दुमन ठाकुर के घर जाकर उसके माता-पिता के आँसू पोंछ सकें, कम से कम ढांढस ही बधां दे, दो बोल सांत्वना के ही बोल दें। राजस्थान के अंदर 100 बच्चे मर जाते हैं, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जी को वहाँ जाने की फरसत नहीं मिलती और आए दिन भाजपा शासित राज्यों के अंदर बच्चों पर हमला हो रहा है, बचपन को लूटा जा रहा है। आज जब 125 वीँ शिकागो में जो इस देश के सबसे बड़े आध्यात्मिक गुरु हैं स्वामी विवेकानंद जी, जब उनकी शिकागो address की 125वीं वर्षगांठ हम मना रहे हैं तो क्यों कहना पड़ रहा है कि भाजपा से बच्चे बचाओ, जो किसी साधारण व्यक्ति ने कहा था अब इस देश का मूल मंत्र बन जाएगा। तो क्या भाजपा की सरकारों से बच्चे बचाने के लिए और इस देश का यौवन और भविष्य बचाने के लिए आम जनमानस को लाठियाँ खानी पडेंगी और संघर्ष करना पडेगा। क्या यही जिम्मेवारी है खट्टर सरकार हो, आदित्यनाथ सरकार हो, वसुंधरा सरकार हो या डॉ.रमन सिंह की सरकार हो, क्या यही उनकी जिम्मेवारियाँ हैं?

इससे ज्यादा शर्मसार करने वाली दूसरी कोई घटना हो नहीं सकती, हम जितने कड़े शब्दों में हो सके भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मंच से निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि रायन इंटरनेशनल स्कूल की मैनजमेंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो और उनके खिलाफ निर्णायक कार्यवाही कानून के अनुरुप हो। क्यों प्रद्दुमन ठाकुर के माता-पिता को सुप्रीम कोर्ट में भेजने पर मजबूर है, हरियाणा सरकार ये सुनिश्चित करे कि बगैर देर के ये मामला सीबीआई को रैफर किया जाए और केन्द्र सरकार इस मामले को सीबीआई को देकर दोषियों को सजा दिलवाने का कार्य जल्द से जल्द करे।

तीसरी हमारी ये मांग है कि ये गाईडलाईन जिनमें बच्चों की सुरक्षा का व्यापक प्रावधान किया गया है, इसमें जो-जो गाईडलाईन का हिस्सा हमने प्वाईंट ऑउट किया है, जो वॉयलेट हुई हैं, उनको लेकर रायन इंटरनेशनल स्कूल की मैनजमेंट को दंडित किया जाए, क्योंकि इसका प्रावधान इस गाईडलाईन में भी है और कानून में भी हैं।

चौथा, पूरे हरियाणा के निजी और सरकारी स्कूलों में ये और पूरे देश के निजी और सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर व्यापक मापदंड़ केन्द्रीय और प्रांतीय सरकारें सुनिश्चित करें और उन्हें एक सीमित समय के अंदर लागू करवाए ताकि इस देश के बचपन को दिन-दहाड़े लूटने से बचाया जा सके।
 
रायन इंटरनेशनल स्कूल द्वारा स्वयं को पीड़ित बताए जाने के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में श्री सुरजेवाला ने कहा कि दुर्भाग्य से पहले चोरी फिर सीना जोरी, जैसा हमने बताया रायन इंटरनेशनल स्कूल की एक हिस्से की दिवार टूटी पड़ी है, शराब की बोतलें वहाँ आज भी मौजूद हैं, जैसा कई टेलिविजन चैनलों ने दिखाया है। रायन इंटरनेशनल स्कूल के जो ड्राईवर हैं उनके आईडिंटी कार्ड भी जारी नहीं किए गए, रायन इंटरनेशनल स्कूल के सीसीटीवी कैमरा काम नहीं कर रहे, स्कूलों के लिए जो भी गाईडलाईन हैं, उनका कोई मापदंड, कॉरिडोर, टॉयलेट सुरक्षा ऑफिसर, सेफ्टी ऑफिसर, विजिलेंस ऑफिसर, स्कूल सेफ्टी कमेटी उन सबको रायन इंटरनेशनल स्कूल द्वारा खुलेआम उल्लंघन किया गया। उसके बाद भी कोई अगर कहे कि मैं स्वयं पीड़ित हूं तो ईश्वर उनको सद्बुद्धि दे और ऐसी सरकार जो उनको संरक्षण दे उनको भी सद्बुद्धि दें। हम केवल ये कह सकते हैं और इसलिए इस देश के लोग अब ये कहने लगे हैं कि भाजपा से बच्चे बचाओ।

एक अन्य प्रश्न पर कि रायन इंटरनेशनल स्कूल से संबंधित जो गाईडलाईनस हैं इनका खुल्ला उल्लंघन किया गया, क्या आप मानते हैं कि इसके आधार पर स्कूल की मान्यता रद्द होनी चाहिए, श्री सुरजेवाला ने कहा कि इसके अंदर बकायादा जो इस इन्सट्रक्शन को वॉयलेट करेगा, जो सबकी सहमति से बनाई हैं, उसमें दंडित करने का प्रावधान है। दंडित दो प्रकार से आप हो सकते हैं। पहला स्कूल जिन मान्यताओं को मानें, उन मान्यताओं का उल्लंघन करे, तो उसके लिए स्कूल को दंडित किया जा सकता है, प्रांतीय सरकार द्वारा भी और सीबीएससी के द्वारा भी। मैं कहूंगा कि दोनों appropriate अथोर्टी को बगैर किसी पक्षपात के जो आज तक करते आए हैं, निष्पक्ष तरीके से, निष्पक्ष निर्णय लेकर दंडित करना चाहिए ताकि वो उदाहरण बन जाए देश के स्कूलों के लिए। दूसरा अपराधिक जिम्मेवारी बनती है, तो जो अपराधिक जिम्मेवारी बनती है निष्पक्ष तौर से कानून काम करे और उस अपराध के लिए उनको दंडित किया जा सके।

एक अन्य प्रश्न पर कि जिस तरह से पत्रकारों पर लाठिय़ाँ बरसाई गई हैं, क्या कहेंगे, श्री सुरजेवाला ने कहा कि मैंने शुरुआत ही वहाँ से की कि अभिभावकों और अभिभावकों की आवाज उठाने वाले पत्रकारों को मारने, बेईज्जत करने, दंडित करने, शारीरिक चोट पहुंचाने की बजाए खट्टर साहब अगर प्रद्दुमन ठाकुर और दूसरे माता-पिता की पीड़ा को 1% भी आत्मसात कर लेते तो स्थिति इतनी विस्फोटक ना बनती। सच यह कि हरियाणा सरकार हो या केन्द्र सरकार हो अब वो fourth estate यानि मीडिया के साथियों के लिए, उनकी आजादी के लिए, उनकी स्वतंत्रता के लिए, उनकी निष्पक्षता के लिए अब कहीं ना कहीं एक व्यापक खतरे की घंटी बनती जा रही है। जिस प्रकार से तीन साल में मोदी जी के शासन में 10 पत्रकारों की हत्या हुई, 143 पत्रकारों पर जघन्य हमले हुए और हरियाणा में आए दिन सरकार की नाक के नीचे पत्रकारों पर हमले हो रहे हैं, वो पंचकूला हों या हरियाणा जो सबसे बड़े शहर हैं, जब उसमें पुलिस पत्रकारों पर हमले का कोपभाजन बनने दे रही हैं तो छोटे कस्बों के अंदर जो पत्रकार साथी हैं, उनके साथ क्या व्यवहार हो रहा होगा, आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं।

एक अन्य प्रश्न पर कि पूरे देश में इस हादसे से लोग चिंतित हैं, क्या कहेंगे, श्री सुरजेवाला ने कहा कि मैंने ये बात व्यापाक तौर से इसलिए कही कि ना केवल गुरुग्राम और  हरियाणा में, परंतु पूरे देश में हमारे बच्चों की, इस देश के बच्चों की, भविष्य की, यौवन की सुरक्षा कैसे हो ताकि वो एक सुरक्षित माहौल में इस देश की प्रगति का मील पत्थर बन सकें और इस देश को बड़ी ताकत के तौर पर आगे ले जा सकें। इसके बारे में आवश्यक गाईड़ लाईन केन्द्रीय और प्रांतीय सरकारों को एक सीमित समय के अंदर जल्द लागू करनी चाहिएं। अब दुर्भाग्य से जब सुप्रीम कोर्ट ने जब भारत सरकार को, प्रदेश सरकार को राज धर्म याद दिलाया है तो फिर उन्हें राजधर्म की याद आई है। देर आएं, दुरस्त आएं, आज भी जाग जाएं और इस पर व्यापक मंत्रणा करें, ये हमारी मांग है।

पत्रकारों को पुलिस द्वारा पीटे जाने संबंधित एक अन्य प्रश्न के उत्तर में श्री सुरजेवाला ने कहा कि अनुशासनिक कार्यवाही की मांग हम कर चुके हैं और मैं उसे दुबारा दोहराता हूं कि बगैर कारण के निहत्थे पत्रकारों और अभिभावकों पर जिस प्रकार से हमला किया गया, उनके साथ मारपीट की गई, उन्हें कोपभाजन बनाया गया, ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही होनी चाहिए और इन सबकी जिम्मेवारी मनोहर लाल खट्टर और उनके मंत्रियों की है, क्योंकि सत्ता का अहंकार उनके सर चढ़ कर बोल रहा है।

On the statement of the Central Government that we should have more staff in the Bus, Shri Surjewala said, if Haryana Government had read and Central Government had also read the set of instructions, then they would not be making such myopic and parochial statements. Elaborate arrangements have been made here and these instructions were issued by Police but were drafted by the Civil Society, Members of Associations of the Parents, Members of the Judiciary interested in welfare of the child, and by Members of the Media interested in ensuring that the safety of children is ensured and protected. They can become model guidelines to be implemented everywhere. But the important issue is BJP and BJP needs to first rise above political partisanship of saving its Party members who are guilty and then proceed to implement these guidelines in letter and spirit.  

 

Sd/-

(S.V. Ramani)
Secretary
Communication Deptt.,
AICC





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