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Shri Randeep Singh Surjewala, In-charge Communication Deptt. AICC

श्री रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि, उत्तरप्रदेश में लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ का और मरिजों की हत्या का एक और गंभीर मामला सामने आया है। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में सुंदरलाल अस्पताल, जो बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में है, वहाँ सर्जिकल वार्ड में मरिजों की इसलिए मौत हो गई क्यूँकि वहाँ उनको ऐनिस्थीजिया (Anesthesia) की जगह इंडस्ट्रीयल गैस (industrial gas) दे दी गई। शायद इस प्रकार का जघन्य कृत्य पिछले 70 साल में किसी अस्पताल में नहीं हुआ होगा, वो भी जानबूझ कर लोगों की मौत का कारण बनने के लिए।

ये पहला वाक्य इस अस्पताल में नहीं, 6 से 8 जून के बीच में इसी प्रकार 14 मरिजों की मौत हुई, जब उनको इंडस्ट्रीयल गैस (industrial gas) दे दी गई। आदित्यनाथ जी ने तब भी कोई कार्यवाही नही की। लोग इलाहाबाद हाईकोर्ट गए और एक जांच बकायदा हुई, उस जांच की रिपोर्ट अब 18 जुलाई 2017 को आ चुकी है और उसमें कई चौंका देने  वाले तथ्य हैं। 
 
पहला, जिस कंपनी ने ये गैस सप्लाई की उसका नाम है,Parerhat इन्डस्ट्रल एंटरप्राईसिस इलाहाबाद। यूपी प्रशासन ने आरटीआई के जवाब में बताया है कि उनके पास किसी प्रकार की मेडिकल गैस, समेत ऐनिस्थीजिया (Anesthesia) के, बनाने का कोई लाईसेंस ही नहीं, इसलिए वो इंडस्ट्रीयल गैस (industrial gas) सप्लाई कर लोगों की जान ले रहे थे, अस्पताल और सरकार के साथ मिलकर। 
 
दूसरा, इस कंपनी के मालिक हैं- अशोक वाजपेयी जी और हर्षवर्धन वाजपेयी जी। हर्षवर्धन वाजपेयी जी इलाहाबाद से भाजपा के विधायक भी हैं। मोदी जी तो कहा करते थे कि मैं बनारस को क्योटो बनाऊँगा, क्या इस प्रकार लोगों की जान से खिलवाड़ कर और लोगों की जान लेकर क्योटो बनाने वाले हैं प्रधानमंत्री जी?
और आदित्यनाथ जी डेंगू पर जाकर भाषण देते हैं केरल में और यहाँ उनकी नाक के नीचे, उनकी सरकार की मर्जी से, मरिजों की हत्या हो रही है। 
 
गोरखपुर में 360 बच्चे मर गए, इसलिए कि ऑक्सीजन की सप्लाई 65 लाख रुपयों के लिए आदित्यनाथ जी ने बंद कर दी। फर्रुखाबाद में 49 बच्चे मर जाते हैं, 6 से 8 जून के बीच में यहाँ 14 लोगों की हत्या हो जाती है और एक बार फिर बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के अस्पताल में 14 लोग मर जाते हैं और इस अस्पताल का मुखिया एक ऐसे व्यक्ति को बनाया है जो एक सेक्यूअल ओफेंडर (sexual offender) है और फिजी में जिसको सजा हुई है, डॉक्टर उपाध्याय को। इस प्रकार से आप बनारस को चलाने वाले हैं? इस प्रकार से आप यूपी के लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले हैं?
 
हम मांग करते हैं, सबसे पहले Parerhat इन्डस्ट्रल एंटरप्राईसिस, अशोक वाजपेयी और उनके पुत्र जो बीजेपी के विधायक हैं, हर्षवर्धन वाजपेयी, उन पर अपराधिक मुकदमा दर्ज हो। अस्पताल के स्टाफ पर, यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन पर एक अपराधिक मुकदमा दर्ज हो। 
 
सिद्धार्थ सिह जो स्वास्थ्य मंत्री हैं और आदित्यनाथ जी जो मुख्यमंत्री हैं, उन्हें एक दिन भी इस प्रकार यूपी के लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ के बाद अपने पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। स्वास्थ्य मंत्री को बर्खास्त किया जाए। अगर थोड़ा सा भी नैतिकता का मापदंड है तो आदित्यनाथ जी इस्तीफा दें, बजाए केरल में जाकर भावनाएँ भड़काने के व नफरत फैलाने के आकर यूपी में अपनी जिम्मेवारी और राजधर्म निभाएं।  
 
 
Shri Surjewala said, another tragic accident or incident, where deliberate death of patients has been caused, not on account of negligence, but on account of criminal culpability in Uttar Pradesh has come to light. In Sir Sunder Lal Hospital in Banaras Hindu University, many patients have died in the surgical ward because industrial gas was administered to them instead of anesthesia. There can be no act of greater criminal culpability of Uttar Pradesh Government as also the Hospital administration than this. Also, this is not the first time that it has been done in this Banaras Hindu University Hospital. Between 6th to 8th June, 14 people had died in a similar fashion. Yogi Aditya Nath Ji even then took no action. People went to Hon’ble Allahabad High Court. The Hon’ble High Court then ordered an enquiry and its report has come on 18th of July 2017 which is now available in public domain. The facts there that have come out are shocking. The gas was supplied by Parerhat Industrial Enterprises and according to UP Government RTI reply, the concern had no licence to manufacture medical gas of any nature, much less anesthesia. Parerhat Industrial Enterprise is owned by Shri Ashok Vajpayee and Shri Harsh Vardhan Vajpayee, Mr Harsh Vardhan Vajpayee being the BJP MLA of Allahabad. Prime Minister Shri Modi use to say that he will make - convert Banaras into Kyoto. Has Prime Minister proposed to convert Banaras into Kyoto by playing with peoples’ lives in this fashion? And who has been appointed as the Head of this Banaras Hindu University Hospital - Dr. Upadhyay who has already been convicted in Fiji for being a Sexual Offender. The truth is, that since Yogi Aditya Nath Ji has taken over, the entire UP has become ‘Rogi’. So, Yogi has made UP ‘Rogi’. 360 children die in Gorakhpur right under his nose on account of the fact that Rs. 65 lakhs were not paid for oxygen. In Farrukhabad 49 children die. Then 14 people die in June 2017 in this Hospital. People are again dying in Banaras Hindu University. 
 
It is time we demand, that a criminal case should be registered against Shri Ashok Vajpayee as also the BJP MLA Shri Harsh Vardhan Vajpayee as also against the Hospital Administration. We also demand that the Health Minister of Uttar Pradesh who has been found a deliberate as also a consistent offender, when it comes to dealing with peoples’ health, Shri Siddharth Nath Singh should be sacked and if morality has any play, then Yogi Aditya Nath Ji should forthwith step down, for he has completely and utterly failed to govern Uttar Pradesh. He is playing with people’s lives. So  instead of sermonizing about Dengue in Kerala. It is time that he came back, followed his ‘Raj Dharma’ or put in his papers as Chief Minister of Uttar Pradesh. 
 
एक प्रश्न पर कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के सभी मदरसों में राष्ट्रीय गान को जरुरी किया है, क्या कहेंगे, श्री सुरजेवाला ने कहा कि अदालत के निर्णय की प्रतिलिपी हमने नहीं देखी है, पर राष्ट्रीय गान हमारे गौरव का प्रतिक है। राष्ट्रीय गान हमारे देश के लोग गाएं, उसका सम्मान करें, उसे गर्व से गाएं, इस बारे में सुप्रीम कोर्ट भी कई बार सलाह भी और निर्देश भी जारी कर चुका है। तो इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कुछ ऐसा नहीं कहा जो पहले से ही हमारी मान्यताओं के अनुरुप ना हो या सुप्रीम कोर्ट ने पहले से ना कहा हो। 
 
एक अन्य प्रश्न कि चुनाव आयोग ने कल कहा है कि वे अगले साल सितम्बर में पूरे देश में चुनाव करवाने के लिए सक्षम हो जाएँगे, श्री सुरजेवाला ने कहा कि चुनाव आयोग की ये संवैधानिक ज़िम्मेदारी है कि वो जब भी उनको ये ज़िम्मेदारी दी जाए, वो निष्पक्ष और निर्भीक तरीके से चुनाव करवाएं। चुनाव कब होंगे, इसकी ज़िम्मेदारी उसकी है, जिसका बहुमत संसद में है और जिनकी सरकार है। तो बर्शते सरकार ने कोई ना कोई इंडिकेशन और प्रधानमंत्री जी ने चुनाव आयोग को दिया होगा कि वो चुनाव prepone करवाना चाहते हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को ऐसी कोई जानकारी नहीं है। परंतु, हम सबसे ज़िम्मेदार विपक्षी दल के तौर पर चुनाव के लिए तैयार हैं। इस देश के लोग, मोदी जी के जुमलों का जवाब वोट की चोट से देने के तत्पर हैं, क्योंकि जिस प्रकार से जिस प्रकार से इस देश में बेरोजगारी बढ़ी है, धंधा चौपट है, छोटा-छोटा व्यवसायी और उद्यमी उत्पीड़ित है, किसान आंदोलित है, इन सारे जुमलों का जवाब और अच्छे दिन का पूरा जवाब इस देश के लोग वोट के माध्यम से मांगने वाले हैं। मोदी सरकार का वही हाल होगा, जो वाजपेयी जी की सरकार का चुनाव prepone करवाकर 2004 में India Shinning के वक्त हुआ था। ना उस समय जुमले चले थे, ना भाजपा के जुमले आज चलने वाले हैं। चुनाव आज करवाएँ, देश के 130 करोड़ लोग मोदी जी को जवाब देंगे।
 
एक अन्य प्रश्न पर कि प्रधानमंत्री जी ने कहा है कि हम लकीर के फकीर नहीं है और जो भी परिवर्तन की जरुरत होगी GST के लिए वो करेंगे,दूसरा कुछ लोग निराशा फैलाने का काम कर रहे हैं, उन पर ध्यान नहीं देना चाहिए, श्री सुरजेवाला ने कहा कि सच्चाई ये है कि इस देश में दुर्भाग्य से निराशावाद के सबसे बड़े चिन्ह और अब प्रधानमंत्री, श्री नरेन्द्र मोदी जी स्वयं बन गए हैं, क्योंकि वो जिस-जिस चीज को हाथ लगाते हैं, वो-वो चीज नीचे जाती-जाती है, जैसा भारत की अर्थव्यवस्था के साथ हुआ। 3 लाख करोड़ का नुक्सान, केवल नोटबंदी के बगैर सोचे-समझे फैसले ने देश की अर्थव्यवस्था को किया, क्या इसके लिए मोदी जी ज़िम्मेदार नहीं? बगैर सोचे-समझे और बगैर तैयारी के लागू किए गए GST ने इस देश के व्यापारी, इस देश के कर्मचारी, इस देश के दुकानदार, इस देश के उद्यमी की कमर तोड़ दी है और पूरी अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। सकल घरेलू उत्पाद, यानि GDP 9.2% से गिरकर 5.7% हो गया। Manufacturing PMI, 20 क्वार्टर में सबसे नीचे वाले पायदान पर है। एक्सपोर्ट नीचे गिर रहा है, खेती का निर्यात भी नीचे गिर रहा है।
 
अगर आप stressed assets देखे, तो वो 13 लाख 20 हजार करोड़ हो गए। अगर आप NPA देखें तो वो 70 साल में सबसे अधिक पहुंच गए और कई बैंक कंगाली की कगार पर खड़े हैं। और प्रधानमंत्री जी और उनके मंत्री पीयूष गोयल जी क्या कहते हैं, कि RBI की मत सुनिए। RBI जो भारत सरकार की एक संवैधानिक ऐजेंसी हैं, उन्होंने कल खुद कहा, RBI के गवर्नर ने, कि अर्थव्यवस्था जोखिम भरे समय से गुजर रही है और ये नीचे जा रही है। पर प्रधानमंत्री जी और पीयूष गोयल जी कहते हैं कि RBI की मत सुनिए। तो अब RBI की भी ना सुनें, अब उनकी ना सुनें जो अर्थव्यवस्था को चलाते हैं, अब अगर उनको भी प्रधानमंत्री अपमानित करने पर ऊतर आएंगें तो फिर उनके लच्छेदार भाषणों से अब लोग ऊब चुके, जुमले बहुत हो गए मोदी जी, अब लच्छेदार भाषणों से नहीं, शासन से देश चलेगा। भाषण नहीं, शासन चाहिए और अगर आप शासन नहीं कर सकते तो गद्दी छोड़ दीजिए क्योंकि फिर आपको वहाँ बने रहने का अधिकार नहीं। 
 
एक अन्य प्रश्न पर कि केन्द्रीय सरकार ने एक्साईज ड्यूटी को कम किया है पेट्रोल और डीजल में, अब गुजरात सरकार ने भी VAT कम किया है,अब उम्मीद की जा रही है कि दूसरे जो प्रदेश हैं, वो भी इसको कम करने के लिए प्रयास करेंगे, कांग्रेस शासित राज्यों में क्या होगा, श्री सुरजेवाला ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा एक्साईज ड्यूटी कम करना एक और जुमला है वित्त मंत्री का। क्या ये सच नहीं, कि पिछले 40 महिने में मोदी जी और जेटली जी ने मोदी-नोमिक्स ये जो देश का एक फैल मॉडल है, वो लागू कर 11 बार एक्साईज ड्यूटी बढ़ाई और कुल राशि जो बढ़ाई 11 बार में वो 18 रुपए 62 पैसे हैं। तो 18 रुपए 62 पैसे बढ़ाओ और फिर 2 रुपए कम करके 
वाह-वाही लूटो। ये मोदी-नोमिक्स का मॉडल हो सकता है, इस देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और आम आदमी को राहत देने का नहीं। हम चुनौति देते हैं प्रधानमंत्री जी और वित्त मंत्री जी को कि आपने जो 11 बार एक्साईज ड्यूटी बढ़ाई है, अगर आप वाकई में इस देश के लोगों के पक्षधर हैं, तो वो सारी वापस लीजिए और उन्होंने परसों एक्साईज ड्यूटी घटाई और कल ही फिर बयान दे दिया कि, हम दुबारा एक्साईज ड्यूटी बढ़ाने के दरवाजे खुले रख रहे हैं, जो आज के समाचार पत्रों में छपा भी है। तो किस प्रकार से इस देश की अर्थव्यवस्था चलेगी? लोगों को आप भरमाइए मत। 40% के करीब VAT है गुजरात में, उस VAT में आप 2% की कमी कर दीजिए और फिर 
वाह-वाही लूट लीजिए, चुनावी समय पर। इसलिए वास्तविकता का सामना कीजिए और इस देश को जुमले और झुनझुने मत पकड़वाइये।
 
एक अन्य प्रश्न पर कि लालू यादव जी से सीबीआई पूछताछ कर रही है, क्या कहेंगे, श्री सुरजेवाला ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी CBI और ED का इस्तेमाल राजनीतिक पिट्ठु की तरह करती है, अपने विरोधी के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए।
परंतु, सच्चाई यह भी है, कि वो अपने विरोधियों को कितना भी प्रताड़ित करें, मोदी जी के अच्छे दिन नहीं लौटने वाले, क्योंकि वो अच्छे दिन भारतीय जनता पार्टी के जुमलों और झूठ पर आधारित थे। अब इस देश के लोग कहने लगे हैं कि महात्मा गाँधी जी कहा करते थे – ‘बातें कम, काम ज्यादा’। और मोदी जी कहते हैं-  ‘काम कुछ नहीं, केवल बातें’, पर बातों से पेट नहीं भरेगा ना देश चलेगा। 
 
राधे माँ पर पूछे गए प्रश्न पर कि वो एक दिल्ली पुलिस के SHO की कुर्सी पर बैठी है और सब चैनल पर वो विडीओ दिखाया जा रहा है, के उत्तर में श्री सुरजेवाला ने कहा कि, दुर्भाग्य से दिल्ली पुलिस जो भारत की भाजपा सरकार के अधीन है, अब अपनी ज़िम्मेदारी और जवाबदेही छोड़ कर,अब वो दूसरे प्रपंच्चों में लग गई है। पुलिस को ये चाहिए कि वो चाहे नारी सुरक्षा का मामला हो, चाहे जन सुरक्षा का मामला हो, अपना कर्तव्य निभाएँ। बजाए, वो पुलिस स्टेशन को प्रपंच्चों का अड्डा बना लें। हमें उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने टेलिविजन चैनल पर चल रहे इस तमाशे को अवश्य देखा होगा और वो इस पर कड़ी कार्यवाही करेंगे।
 
On the question that the Election Commission yesterday has said that they will have the infrastructure in place all over the country to hold elections by September next year, Shri Surjewala said, The Election Commission of India has a constitutional obligation to conduct free and fair elections and be ready to conduct election with appropriate notice from the Government. So, Election Commission must have been sounded out by the current BJP Government that they were going to prepone the Parliament elections. 
 
Congress Party has no such knowledge. However, we are prepared to face elections at any time, for people of this country are fed up with Prime Minister Shri Modi and his ‘Jumlas’ and the way his Government is going about decimating jobs, businesses as also trade and agriculture in this country. So, I think people of this country will give a befitting reply, just like they gave in 2004 during ‘India Shining’ to the Vajpayee Government if elections are preponed, for people are waiting for elections to happen so that they can actually ask Modi Ji, that where are the ‘Achhe Din’?
 
On what is the reaction on the kind of speech that the Prime Minister gave yesterday and the statement that the  Prime Minister gave that the figures of certain quarters should not be taken as indicators of entire economy and that there are certain people who are trying to spread pessimism amongst the society and these people need not to be taken seriously, Shri Surjewala said the symbol of pessimism and mismanagement in this country is none less than unfortunately the Prime Minister Shri Narendra Modi himself. If dramatics and histrionics could revive the economy, then Mr. Prime Minister, ’Ache Din’ would have arrived yesterday itself as you delivered one more rhetoric oriented and content less speech. The truth remains, that the Prime Minister once again denigrated his own RBI which submitted a report yesterday speaking about the economic slowdown and his Minister Shri Piyush Goyal went a step further when he said who RBI is, don’t listen to RBI, listen to the Prime Minister. Does that mean that a Constitutional Institution like the Reserve Bank of India should be now discarded into the dustbin as Shri Piyush Goyal and Prime Minister are suggesting? Will the Prime Minister answer what happened to the GDP growth which has come down from 9.2% to 5.7%?
 
What happened to the 2 crore jobs every year that Prime Minister was to create and in 40 months, he could create only 1,35,000 –   a pittance of a figure. What happened that the Manufacturing PMI is going down now for 20 quarters in a row, that stressed assets in our economy are at Rs. 13,20,000 crores, that NPA is highest in last 70 years, that credit growth is lowest in last 63 years?

You see, every indices of the economy, the truth is, there has been 3 lakh crore loss to the economy on account of Modi-Made-Disaster of Demonetization and consequently a hurriedly and unthought-of implemented GST which Prime Minister is also now conceding. The trade, the business, the agriculture, the shop keeper, the farmer – everybody - is in serious distress, except for the Prime Minister himself.  So, time for a reality check Mr. Prime Minister, rather than rhetoric of which people are now tired, time for some decisive action to revive the economy. 
 
On the question that the centre has asked the states to reduce VAT a day after the centre excise was reduced, Shri Surjewala said reduction of central excise on petrol and diesel by Finance Minister Shri Jaitley was one more ‘Jumla’ of the failed ‘Modinomics’. Everyone know that in the last 40 months, Modi Government has raised Excise Duty in Petrol and Diesel 11 times and the total amount comes to Rs. 18.62 per litre. You raise excise duty by Rs. 18.62, then reduce it by Rs. 2/-, keeping it still high by Rs. 16.62 over UPA figures and claim credit for it. People are going to see through this falsehood. Similar thing is happening in Gujarat, where there are nearly 40% VAT. Local taxes on Petrol and Diesel, you reduce it by 2% or 3% and claim credit. Why is VAT so high in BJP Ruled States? Why have BJP-ruled States increased local taxes on Petrol and Diesel in an insurmountable fashion and when will we challenge Modi Ji and Jaitley Ji to withdraw the entire Excise Duty hike that they have done in 11 times of Rs. 18.62, so that meaningful relief can go to people of this country. 
 
On the reaction of the Congress Party on ‘Radhe Maa’ who in a video has been seen sitting on the chair of an SHO in Delhi, Shri Surjewala said such antics and dramas should be strictly condemned by every sane person in this country. The law must take its own course and action must be taken by the Police, in case there is denigration and forcible occupation of a Police Station by a stranger whoever he or she may be. 
 
On the question of the accepting of the closure report of the Zakia Jafri case by the Gujarat High Court, Shri Surjewala said I have not seen the judgment of the Hon’ble Gujarat High Court. We shall like to first have a look at it before commenting on this.   
 
 
Sd/-
(S.V. Ramani)
Secretary
Communication Deptt.


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