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Highlights of Press Briefing by Shri Randeep Singh Surjewala, I/C, Incharge Communication Deptt

 

एक सवाल कि पेट्रोलियम उत्पादों को, पेट्रोल – डीज़ल को भी GST के अंतर्गत लाना चाहिए, इस पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी जी भी कल बोले  हैं , और क्या आपको लगता है क्योंकि मौजूदा 28% से ज्यादा अभी वसूला जा रहा है इसीलिए  GST में इसे लेने की सरकार की नीयत नहीं है , श्री सुरजेवाला ने कहा कि, कांग्रेस उपाध्यक्ष श्री राहुल गाँधी जी ने, डाक्टर मनमोहन सिंह जी, पूर्व वित्त मंत्री श्री पी. चिदंबरम जी ने, GST Architecture को सुधारने के लिए अनेक रचनात्मक सुझाव सरकार को दिए राष्ट्रीय हित में। परन्तु, एक अयोग्य नेतृत्व का अहंकार इतना सर चड़ कर बोल रहा है कि, वो राष्ट्रीय हित के सही सुझाव भी मानने से परहेज कर रहें हैं और इसीलिए मैंने कहा था कि – ‘नाच न जाने, आँगन टेढ़ा’, जब तक आप GST  के अंदर पेट्रोलियम उत्पादन, बिजली और रियल एस्टेट सेक्टर, इन तीनों को GST के अंदर परिधि में शामिल नहीं करेंगे, एक व्यापक GST की परिकल्पना असंभव है। उसका कारण स्पष्ट है, क्योंकि मौजूदा भारत सरकार, अकेले पेट्रोलियम उत्पादकों से 2,73,000 करोड़ सालाना कमा रही है और प्रांतीय सरकारों की आय अलग है। आपने 27% कहा था, असली  में अगर आप निकाल कर देखे, तो पेट्रोलियम उत्पादों पर प्रांतीय और केन्द्रीय सभी टैक्स मिलाये, तो वो 70-80% से अधिक हैं, और इसीलिए आम जन मानस पिस रहा है और मोदी जी और उनकी सरकारें अपना ख़ज़ाना भरने में व्यस्त हैं। हमे उम्मीद है कि – ‘देर आये दुरुस्त आये’, कभी तो समझ आयेगि, नहीं तो – ‘अंधेर नगरी, चौपट राजा’, तब तक चलेगा। आप कृपया करके, वो GST जो इस अर्थ व्यवस्था को 2% बढ़ाने वाला था, एक ना समझ सरकार के नाकारापन तरीके से, वो GST आज देश की अर्थव्यवस्था को नीचे ले जाने वाला बन गया है। इसीलिए, GST में दोष नहीं है, दोष लागू करने वालों में हैं, उनकी नीति और नीयत में हैं। हमे उम्मीद है कि देर से ही, शायद, कोई समझ मौजूदा प्रधानमंत्री जी, वित्त मंत्री जी और सरकार को आ जाए।

 

एक सवाल कि बाबा रामदेव ने कल कहा है कि मोदी जी और जेटली जी GST को बहुत अच्छे से लागू कर रहे हैं और जो लो उसमे कमी निकाल रहें है वो राष्ट्रीय हित की बात नहीं कर रहे हैं, श्री सुरजेवाला ने कहा कि, बाबा रामदेव जी के लिए तो उन्होंने काफी relief दिया है। इसीलिए, बाबा रामदेव जी अच्छे व्यवसायी हैं,  अब तो इस देश के सबसे बड़े व्यवसयायियों में से हैं, शायद पहले दर्जे पर पहुँच गए हैं मुकेश अम्बानी जी के साथ-साथ। तो उनको 12 % से कम कर  5 % पर उनका टैक्स उनकी अपील पर मोदी जी ने किया है, तो इसके लिए उनको मुबारक, पर देश एक व्यक्ति-विशेष के धंधे से बड़ा है। और इस देश में सबसे बड़ा employment generator, यानी रोज़गार सृजन करने वाला क्षेत्र है खेती, जिस खेती पर मोदी सरकार ने, उसके सभी inputs पर टैक्स जड़ दिया है। दूसरा सबसे बड़ा employment generator है कपड़ा उद्योग, जो आंदोलित है, उत्पीडित है पूरे देश में,एक कोने से दूसरे कोने तक जिन पर लाठिय भांजी जा रहीं थी, उनको भी जो रिलीफ दिया है वो - ऊँट के मूह में जीरे के बराबर है, उनसे उन्हें कोई लाभ नहीं होने वाला है। और तीसरा इस देश का आम आदमी, साधारण जन-मानस, उसके रोज़मर्रा की चीज़े आसमान को छू रहीं हैं, और उसकी कमर मोदी सरकार ताबड़तोड़ टैक्स लगा कर तोड़ रही है। इन तीनों चीज़ों पर, ज़रूर उम्मीद थी कि कोई समाधान निकलेगा, पर एक बार फिर मोदी जी ने निराश किया है।

 

पियूष गोयल के दिए हुए बयान पर और अरुण शोरी जी के बयान पर क्या कहेंगे, श्री सुरजेवाला ने कहा, हमने कल भी माननीय पियूष गोयल जी को उनके इस बेतुके, बेबुनियाद और आश्चर्यचकित करने वाले बयान पर कहा था के – ना समझ लोगों को उनकी ना समझी मुबारक! अगर पियूष गोयल जी के मुताबिक, पूरा देश बेरोज़गार हो जाये, नौकरी चली जाये, तो ही वो entrepreneur बन सकते है, तो फिर अच्छा रहेगा कि वो इस प्रक्रिया को भारतीय जनता पार्टी के संघ परिवार और भाजपा परिवार से लागू करे। पहले स्वयं अपनी जो current employment  है, उससे इस्तीफ़ा देकर एक अपना नया entrepreneurial model शुरू करें क्यूंकि, भारत के युवा को कम से कम मोदी जी और पियूष गोयल जी  के इस मॉडल से, जो सबको बेरोजगार बनाता  है, वो इससे थक चुके हैं। जब सच्चाई बाहर आती है, तो परिवार सिर फुट्टवल प्राकृतिक है। सच यह है कि जो भी सच्चाई का आईना दिखायेगा, मोदी जी की परिभाषा में वो देश द्रोही कहलायेगा। हमे उम्मीद है, और वो चाहे पत्रकार हो, चाहे उनकी अपनी पार्टी के लोग हो और चाहे वो राजनेता हो, परन्तु सारे देश को देश द्रोही करार देकर आप सच्चाई से मूह नहीं मोड़ सकते। और अब समय आ गया है 40 महीने की जुमलेबाजी के बाद, अब सच देखना, समझना और आत्मसात करना आवश्यक है।

 

 लोक सभा और विधान सभा चुनाव को एक साथ करवाने की जो बात सामने आ रही है, उस सवाल पर श्री सुरजेवाला बोले, जब भी ऐसा कोई सुझाव आएगा हम अवश्य उस पर टिप्पणी करेंगे। परन्तु में आपको एक बात कह सकता हूँ कि एक पुरानी कहावत है इस देश की – मुंगेरी लाल के हसीं सपने। भाजपा ने India shining  के सपने 2004 में भी देखे थे, और ये समझा था, उन्होंने इस देश की बुद्धि, इस देश की जनता के विवेक और इस देश की जनता की समझ पर सवाल खड़ा किया था। उन्होंने ये मान लिया था कि अख़बार और टेलीविजन के माध्यम से, लच्छेदार बातों से, आप इस देश की जनता की आँख पर पट्टी बाँध सकते हैं, परन्तु जब 2004 के चुनाव का नतीजा आया, वहाँ भी चुनाव को prepone किया गया था India shining के चलते, तो पता चला कि वो पट्टी, इस देश की जनता ने भाजपा के आँखों पर बाँध दी थी। ये फिर शायद ऐसा ही होने वाला है। यह इस देश की जनता का धैर्य मोदी सरकार से टूट चुका है और उनका रोष और आक्रोश, उनका आन्दोलन और उत्पीडन यह दर्शाता है।

 

एक सवाल कि पनामा पेपर पे 2.5 साल से कोई FIR दर्ज नहीं हुई और जो आरोपी हैं इसमें , वो GST का प्रचार कर रहें हैं,  क्या कहेंगे, श्री सुरजेवाला ने कहा, सच्चाई ये है कि काला धन वापिस लाने को लेकर न तो मोदी जी कभी गंभीर थे और न जेटली जी। आपने एक वाजिब प्रश्न पुछा है, हम मौजूदा सरकार और वित्त मंत्री से 3 प्रश्न पूछना चाहेंगे, राष्ट्रीय हित में:

1. आज तक पनामा पेपर मामले में उन सेंकडो लोगों पर, जिन्होंने इस देश का धन, गैर कानूनी तरीकों से विदेशों में जमा करवा रखा है, कोई कारवाई क्यूँ नहीं हुई?

2. आज तक प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री किस दुर्भावना के चलते, पनामा पेपर में नाम-जग लोगों पर आपराधिक मुकदमा तक दर्ज करवाने पर क्यों परहेज़ कर रहे हैं?

3. आज तक, उन सब लोगों को जिनके पनामा पेपर में नाम है, आपराधिक मुकदमा दर्ज कर, ED और CBI के द्वारा उनकी पूछताछ क्यूँ नहीं की गई? भारतीय दंड सहिता, FEMA - क्यूंकि उस समय FEMA लागू था, और Money Laundering Act, उनमें इन  लोगों  पर मुकदमा दर्ज क्यूँ नहीं किया गया?


और आखिरी, तो क्या इससे यह साबित नहीं होता कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी व वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली, पनामा पेपर में सलित कला धन धारकों को बचाने की साज़िश कर रहें हैं। हमे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी जी और जेटली जी इस बारे में जवाब देंगे, क्यूंकि यह हम नहीं कह रहे , यह एक  RTI में, और आज कई अखबारों में ये छपा भी है शायद, एक RTI के द्वारा वित्त मंत्रालय ने यह खुलासा किया है।

 

चुनाव आयोग पे पूछे गए सवाल पर कि मशीनें तो सितम्बर 2018 तक आ जाएंगी लेकिन चुनाव दिसम्बर तक नहीं हो पाएगा, और जो बार-बार भाजपा एक चुनाव करवाने का राग आलापती है, उस पर कांग्रेस का क्या स्टैंड है, आप उसके पक्ष में हैं या विरोध में,श्री सुरजेवाला ने कहा, पहली बात तो, चुनाव करवाने की प्रक्रिया का निर्णय करना, उसकी तय्यारी करना, मशीन की उपलब्धता देखना, security  एजेंसी और अधिकारी की उपलब्धता देखना, यह चुनाव आयोग का संविधानिक कार्य है और उन्हें बगैर किसी पक्षपात और दबाव के, और बिना किसी भय के यह कार्य करने के लिए वे स्वतन्त्र हैं, और हमे पूरा विश्वास है कि वे ऐसा करेंगे। एक देश, एक चुनाव उतना ही बड़ा जुमला है जितना एक देश एक, टैक्स था। अब जब पिटारा खुला तो वो एक देश, 7 टैक्स निकला। प्रजातंत्र की मान्यताओं को और लोगों द्वारा चुने गए विधायक या सांसद को, आप कैसे उनका tenure  ख़त्म कर सकते हैं। जब संविधान ये अनिवार्य करता है कि या तो अप्रत्याशित माहौल हो या सरकार अपना विश्वास मत खो बैठे,  केवल इसी प्रकार की दो emergency में, समय से पहले चुनाव होता है। परन्तु वोट अगर जनता ने 5 वर्षों के लिए दिया है, तो उस 5 वर्ष से पहले उस वोट को curtail करना, प्रजातंत्र का अपमान होगा। इसीलिए हमने कहा कि, प्रजातंत्र एक निरंतर चलने वाली, संविधानिक प्रक्रिया है, जो हमारे देश का मूलरूप अधिकार है, उससे छेड़छाड़ अनुचित होगी।

  

एनसीपी के द्वारा दिए  गए बयान पर कि कांग्रेस पार्टी विपक्षी का किरदार ठीक से नहीं निभा रही है, और कि देश की राजनीती बदल गई लेकिन कांग्रेस की कार्यशेली नहीं बदली, क्या कहेंगे, श्री सुरजेवाला ने कहा पहली बात तो उनका DNA तो कांग्रेसी है। आजीवन तो उन्होंने कांग्रेस में लगाया और आज भी कांग्रेस शब्द से, वो मन, वचन और कर्म से जुड़े हैं, फिर भी जो सुझाव आया है, हम उस पर  और गंभीरता से विचार करेंगे।

 

On the question of criticism of demonetization, Shri Surjewala said by all means with state action, everybody will be happy but what is the record of the Government so far and three things I must bring to your notice –

 

Firstly in 2013-14 - when Congress demitted power, in that Financial Year, the detection of black-money or evasion of taxes was Rs. 1,01,750 crore. Please mark my figure again. The evasion of taxes detected by the Congress Government in 2013-14 was Rs. 1, 01,750 crore. Last year, it was Rs. 27,000 crore, this year it is said to be so far between Rs. 18,000-Rs. 20,000 crore which are yet to be confirmed figures. Where has the balance money gone? After all we have a Prime Minister who wants to catch every tax evader, then why is the amount of tax evasion caught by Income Tax and other agencies actually dropped down by 1/4th ,is a question that Modi Ji needs to answer.

 

Secondly, if tax evasion and black-money retrieval was the purpose, that purpose failed when out of Rs. 16,44,000 crore in circulation, Rs. 16,27,000 crore were deposited back in to the system with Royal Bank of Nepal, Bhutan as also the money deposited in case property, still to be accounted for.

 

Thirdly, if catching the evaders was the purpose and fake currency catching was the purpose, then only Rs. 41 crore i.e. .0013%, half of half of half of half % was found to be fake currency. So, all three purposes stand defeated, take action but don’t rely upon rhetoric through a select group of Television Channels, do something meaningful on the ground.

 

On the reaction of the Congress Party on the statement of Shri Piyush Goyal yesterday on job creation and also on the statement given by Shri Arun Shourie, Shri Surjewala said, yesterday also we advised Shri Piyush Goyal Ji and let me again reiterate that - that ignorance of ignorant is bliss. So, if Shri Piyush Goyal wants the entire country to become unemployed so that they become entrepreneurs, I think they must start that charity from Bhartiya Janta Party itself and let him first resign from his current employment and find first an entrepreneurial job for himself.

 

To another question that the Delhi Pradesh Congress Committe has passed a Resolution to elevate Shri Rahul Gandhi as President, Shri Surjewala said, I have answered that question in the past and let me say it again – Congress workers and Congress leaders across the country, have unanimously together and singlehandedly expressed their deep desire for Shri Rahul Gandhi to take over the Presidentship of the Indian National Congress. We respect their sentiments. Nobody has any difference of opinion with their sentiments. Shri Rahul Gandhi is the unquestioned choice of all Congress workers who have toiled for the Party, to take over the Presidentship of the Party. However, there is an election process, that we are currently undergoing and we sincerely hope that the aspirations of the Leaders and workers who continue to express their deep desire, would fructify once the election process is over.

 

 Sd/-

(S.V. Ramani)

Secretary

Communication Deptt. 


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