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Highlights of the press of Shri Kapil Sibal, MP

 

श्री सिब्बल ने कहा, ऐसा लगता है कि सत्ता बदलने में लोगों की तकदीर भी बदल जाती है।  जो बंजर जमीन हो उस में हरियाली आ जाती है।  जो गैर पहाड़ मुमकिन हो वहां पेड़ उगने लगते हैं, और ऐसा ही लगता है कि एक सज्जन की तकदीर बदल गई। उनका नाम है - जय अमित भाई शाह । और मुझे यह बताया गया है कि, और पत्रकारों ने ही बताया है कि, कुछ इलेक्ट्रॉनिक चैनल को, कुछ लोगों को ये इंस्ट्रक्शन मिली है, कि जो मैं प्रेस वार्ता कर रहा हूँ, उसे अपने चैनल पर नहीं दिखाना है, ऐसी मुझे जानकारी मिली है। आप लोग लोकतंत्र के बहुत मजबूत स्तम्भ हो, और आप का संवैधानिक कर्तव्य है, कि जब ऐसे मुद्दे सामने आए, जिसके बारे में हमारे प्रधान-सेवक बड़ी-बड़ी बातें करते थे, Crony Capitalism की, तो आपके द्वारा वो जानकारी जनता तक पहुंचनी चाहिए। अगर आप अपना कर्तव्य नहीं निभाओगे तो समझ लीजिए कि जो आपका संवैधानिक कर्तव्य है, उससे आप दूर जा रहे हैं और यह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। और मैं आपसे आग्रह करुंगा और आपके जो इलेक्ट्रॉनिक चैनल के मालिक हैं, और जो राजनीतिक दल के लोग हैं जिन्होंने ऐसा संकेत दिया है, उनसे मैं अनुरोध करुंगा, खासतौर से कि ऐसा ना कीजिए, यह भविष्य के लिए ठीक नहीं है।


आज हम दो कंपनियों की बात करेंगे, उनका नाम मैं आपको बता दूं, पहली कंपनी है - Temple Enterprises Pvt Ltd और दूसरी कंपनी है Kusum Finserv, which is a Limited Liability Partnership. तो Kusum Finserv, which is a Limited Liability Partnership, पहले वह कंपनी होती थी और उसके बाद उसको भी लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप बनाया गया जिसमें 7% जो शेर है वह ‘जय हो’ का है, जय अमित भाई  शाह।

 तो चलिए टेंपल इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड की बात करते हैं, कुछ इतिहास की बात आपको बता दूं कि इस कंपनी की जो इनकॉर्पोरेशन हुई 2004 में हुई, और मार्च 2013, यह जो मैं बात आपको बता रहा हूं, यह रजिस्ट्रार ऑफ़ कंपनीज में जो फाइलिंग होती है, वहां से जानकारी मिली  है, और यह पब्लिक डोमेन में ऑलरेडी है। तो मार्च 2013 में, Temple Enterprises घाटे मे थी, घाटा था 6230 रुपये 2013 में, और मार्च 2014 में भी घाटे में रही और वह घटा रहा 1724  रूपये। लेकिन, 2014-15 मैं यह प्रॉफिट में आ गई, मतलब कि मई में कुछ बदलाव हुआ और प्रॉफिट का कारवां शुरू हो गया और प्रॉफिट में आ गई, प्रॉफिट था 18,728 रुपये, और total revenue कंपनी का था 50,000 रूपये, तो खास नही। लेकिन, जो असल बदलाव आया, जो चौकन्ना है, वो आया 2015-16 में जब इस कंपनी का टर्नओवर (turnover) 80 करोड रुपये था। मतलब 2013 में घाटा, 2014 में घाटा, 2015 में 18,000 रुपये का मुनाफा,  और 2015-16 में 80 करोड़ रूपये का टर्नओवर (turnover)। 

और इस कंपनी को लोन मिलने लगे, और एक शख्स हैं, जिनका नाम है राजेश खंडेलवाल, उनकी कंपनी है, फाइनेंसियल सर्विसेस (financial services)  कंपनी है, उन्होंने इन को लोन दिया 15.78 करोड़ रूपये का और उनकी जो कंपनी है उसका नाम है K.I.F.S  Financial Services, यह खंडेलवाल जी की कंपनी है और खंडेलवाल जी शेयर ब्रोकर है। तो 15 करोड़ रूपये का लोन मिला टेंपल इंटरप्राइजेज को। लेकिन, अक्टूबर 2016 में यह बिजनेस बंद हो गया, उसकी जो वजह बताई गई कि यह बिजनेस क्यों बंद हो गई, उन्होंने कहा कि ये कंपनी घाटे में जा रही है और उसका घाटा - 1.4 करोड़ रूपये है । 


तो पहले घाटे में थी, फिर टर्न ओवर 80 करोड़ हो गया,कुछ ही महीनों में फिर घाटे में चली गई 

और फिर कंपनी बंद हो गई। ताजुब की बात है, और जो सबसे बड़ी बात है, यह जो कंपनी के टर्नओवर की बढ़ोतरी हुई, वह लगभग 16,000 times,1 साल में। और आपको मालूम है कि हमारे प्रधान सेवक जी हमेशा Crony Capitalism की बात करते थे, मैं पूछना चाहता हूं कि जहां किसी पर आरोप लगे थे, किसी पर 10 लाख रूपये का आरोप लगे तो उसके ऊपर तो आप CBI लगा देते हैं,उसके पीछे ED लगा देते हैं,  किसी कांग्रेसी पर आरोप लगाना हो, अभी तो वीरभद्र जी पर भी 10 करोड़ का आरोप था उनके पीछे कितने केस चालू कर दिये, मैं पूछना चाहता हूं आज कि  CBI है कहा, ED है कहां? और प्रधानमंत्री जी है कहां? 


क्योंकि, प्रधानमंत्री जी तो बोलेंगे नहीं, क्योंकि जो उनकी अपनी पार्टी के जो अध्यक्ष है, उन्ही के तो बेटे हैं,उन्हीं की तो - जय हो है, तो वो क्यों बोलेंगे। तो यह 80 करोड़ रूपये कैसा एकदम turnover हुआ, कैसे हुआ, यह कहते हैं कि This company was dealing in Agri Products, मतलब पहले तो पिछले साल घाटे में थी,उसका कुछ था नहीं और एक दम से आगरी प्रोडक्ट्स में डील करने लगी,और उसका टर्न ओवर 80 करोड़ हो गया और लोन भी मिल गए। यह तो हुई बात टेंपल इंटरप्राइजेज की।


श्री सिब्बल ने कहा, अब हम बात करते हैं कुसुम फिनसर्व की। Kusum Finserv एक limited liability partnership है,  पहले यह कंपनी थी  फिर यह लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप बन गई और उसमें - जय हो - का शेयर 60% है। ताजुब की यह बात है कि यहां पर भी जी KIFS Financial Services है, राजेश खंडेलवाल जी की, यह भी इनको इंटर कॉरपोरेट डिपाजिट देती थी इस कंपनी, को जहां शेयर होल्डिंग जय हो कि 60% है। और इनको एक Unsecured Loan भी मिला, 4.90 करोड़ रूपये का, यह भी लोन KIFS ने दिया है उनको। सबसे ताजुब की बात यह है कि, यह स्टॉक ट्रेडिंग में काम करते हैं, This company was in the trading of stocks and shares, इनका मुख्य बिज़नस वही है और वो ही बिज़नस करती थी। लेकिन, एकदम से इस कंपनी को रतलाम में एक विंड पावर प्रोजेक्ट (wind power project) बनाने की अनुमति मिल गई,वहाँ setup  करने की अनुमति मिली मध्यप्रदेश में, आप लोग जानते हैं क्यों मध्यप्रदेश में मिली होगी। और 2.11 Mega Watts का पावर प्लांट setup किया, हालांकि the main business was stocks and shares. ताजुब की यह बात है कि इस कंपनी को 25 करोड़ रूपये  का लोन मिला फ्रॉम कालूपुर कमर्शियल कोऑपरेटिव बैंक। क्योंकि जैसे ही सरकारे बदलती हैं, तो तकदीर बदलती है तो लोन भी आने शुरु हो जाते हैं,तो इनको Kalupur Commercial Cooperative Bank से लोन मिला 25 करोड़ रूपये का जिसके डायरेक्टर हैं निरमा ग्रुप और निरमा यूनिवर्सिटी और इसके जो चेयरमैन है, आपको मालूम है पटेल साहब है, निरमा ग्रुप के वह चेयरमैन हैं कोआपरेटिव बैंक के। और इस कंपनी में जो mortgage हुई, वो थोड़ी बहुत अमित शाह जी के assets की थोड़ी बहुत हुई, और यशपाल चुदस्मा के थोड़े बहुत assets की mortgage हुई। यह कौन लोग हैं, मालूम है चुदस्मा साहब तो बहुत फेमस आदमी हैं, अमित शाह जी भी बड़े फेमस है, क्योंकि इनके ऊपर आरोप लगे थे लेकिन डिस्चार्ज हो गए सारे, चुदस्मा साहब भी डिस्चार्ज हो गए और अमित जी भी डिस्चार्ज हो गए, और 2010 में यह डिस्चार्ज हो गए और चुदस्मा साहब Former Director of Ahmedabad District Cooperative Bank भी थे।

और ताजुब की बात यह है कि जो Kusum Finserv है, जो उसको लोन मिला को कोआपरेटिव बैंक से 25 करोड़ रूपये का, collateral सिर्फ 7 करोड़ का है। आपको मालूम है जब भी लोन मिलता है तो जो लोन देता है वह कहता है साहब हमें security होनी चाहिए,  आप कोई collateral दीजिए, इनका collateral सिर्फ 7 करोड़ का था और लोन 25 करोड़ का था, और कहा जाता है कि हमने उनको working capital facility दी थी। इसमें एक और छोटी सी दिलचस्पी की बात है कि जो हमारे पीयूष गोयल जी है ना वह भी लगता है कि, सरकार भी थोडा बहुत इस कंपनी में interest ले रही थी, क्यूँकि The Indian Renewable Energy Development Agency , IREDA,  gave a loan to this company of Rs10.53 crores, this is a public sector undertaking company. जब पीयूष गोयल जी मंत्री थे, तब इस कंपनी को लोन भी सैंक्शन किया गया हालांकि इस कंपनी का कोई तजुर्बा नहीं है wind power energy sector में,कोई तजुर्बा नहीं है।


श्री सिब्बल ने कहा कि, जैसा मैंने शुरुआत में कहा, सत्ता बदलने में तकदीर बदलती हैतो आज हम सवाल करेंगे प्रधानमंत्री जी से, प्रधान सेवक से, कि आज आप Crony Capitalism के बारे में क्या कहेंगे? क्या अब आप यह आग्रह करेंगे, क्या आप डायरेक्शन देंगे CBI को कि तुरंत इसकी जांच करो, ED द्वारा डायरेक्शन देंगे आप? आप क्या यह कहेंगे कि इन लोगों को गिरफ्तार करो? आजकल क्योंकि होता यह है कि अगर विपक्ष का कोई ऐसा काम हो तो तुरंत ED नोटिस देता है और गिरफ्तार करने में गति दिखाता है। क्योंकि अगर किसी का नाम जय हो, अमित हो, और शाह हो, तो उसको कौन गिरफ्तार कर सकता है।


अब मैं आपको विश्वास से कह सकता हूं कि प्रधानमंत्री जी चुप रहेंगे, कुछ नहीं बोलेंगे। क्योंकि अगर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को बोलने नहीं दे रहे, तो खुद नहीं बोलेंगे, अगर मीडिया को डायरेक्शन दे रहे हैं कि यह खबर नहीं चलानी तो खुद क्यों चलाएंगे। यह देश का दुर्भाग्य है कि ऐसे लोग सत्ता में बैठे हुए हैं। जब हम सत्ता में थे हमने तो कभी ऐसी डायरेक्शन नहीं दी किसी को। और इससे गंभीर बात क्या हो सकती है, कि आपके अध्यक्ष के बेटे के बिजनेस ऐसे हैं कि उसकी तकदीर बदल जाए। तो हमने सोचा कि आज रविवार है लेकिन यह खबर ऐसी है कि आपके द्वारा जनता को हमें बतानी चाहिए, देश की जनता को अवगत करना चाहिए कि ऐसा इस देश में हो रहा है। जिस देश में start-ups companies  नहीं हो रही, startups की कमती हो रही, उसमे किसी कंपनी को 80 करोड़ रूपये का turnover हो जाए एक ही साल में, 16,000 times more, तो कुछ startups तो खत्म हो गई है और कुछ में टर्न ओवर बढ़ रहा है, तो कहीं ना कहीं दाल में काला है।


एक सवाल कि इसमें प्रॉफिट कहां कमाया गया है, फायदा कहां हुआ और जो टर्न ओवर की बात आप कर रहे हैं 80 करोड रुपए, तो प्रॉफिट कहा हुआ, श्री सिब्बल ने कहा, अक्टूबर 2016 में तो कंपनी भी बंद हो गई तो टर्न ओवर एक साल 80 करोड़ हो गया और पिछले साल 18,000 था प्रॉफिट और अक्टूबर में कंपनी बंद हो गई और उसके बाद loss दिखा दिया, तो यह तो एक बहुत अजीब सा मामला है ना।


एक और सवाल कि,  क्या आप इस में कोई गड़बड़ी देखते हैं क्योंकि द वायर में जो खबर छपी है उसमें व उनके वकील ने कहा है कृपया इस द प्राइवेट सिटीजन मैं नहीं कहता की जय साई प्राइवेट सिटीजन नहीं है मैं वह जवाब दे चुका हूं, की जय श्री से प्राइवेट केटेगरी बट तो हम एनी अदर पीपल इन द कांग्रेस पार्टीसरकार बदली तकदीर बदली और यही क्रोनिक ऑपरेशन है और क्या है।


On the question that where is the criminality in this case, Shri Sibal said, it is Crony Capitalism. We are not talking about criminality, and criminality is only when there is an investigation. That will only be determined when there is an investigation. Why were these loans given through Co-operative Banks without mortgage and without proper security? When Rs. 7 crore was the whole turn-over of the Co-operative Bank and loan of Rs. 25 crore was given, why?


To a further question whether the Congress Party will demand for an investigation, Shri Sibal said investigation has to be done by the Agencies under their control. Who will listen to the Congress Party? We just wanted to tell the people of India, this is what is happening in our country. We know who CBI will investigate, we know who ED will investigate and we know who ED and CBI will not investigate. Issue is, is the Prime Minister open enough and honest enough to say investigate the son of Shri Amit Shah. That is the issue. I am not saying that somebody should be convicted or something, which they often used to say. After all many private persons who had no official position, they were targeting them when we were in power. They were also private persons and they talked about crony capitalism and why should people give loan and why should people get lands. You remember? So the same thing is happening here. So what is the answer of the Prime Minster, what is the answer of Shri Amit Shah? We want those answers.

 

He further added, that I do not say that Shri Jai Shah is not a private citizen, but so are many other persons in the Congress Party who are private citizen, who they alleged that they did wrong doing. Against whom they alleged crony capitalism, against which they alleged filed cases, against whom they set up Enquiry Commissions. So, they should do the same thing. After all how can a private company over nigh company i.e. Temple Enterprises, they have no stock, no inventory, and no assets, so a company which has no stock, no inventory, no assets, suddenly has a turnover of Rs. 80 crore in one year. Is it not something surprising and suddenly after the change of Government?

2013 में कुछ, 2015-2016 में बिलकुल अलग, जैसे ही सरकार बदली- तकदीर बदली, तो ये ही Crony Capitalism है और क्या है?


एक सवाल कि जो कंपनी पहले घाटे में थी जिसका अचानक 80 करोड़ turnover हो गया इसमें offence क्या है, श्री सिब्बल बोले, मैं कौन सा कह रहा हूं कि कोई offence है, मैं Crony Capitalism की बात करता हूं। जैसे यह लोग आरोप लगाते थे कि कोई प्राइवेट आदमी डील कर रहा था, उसने लाइन खरीदा – बेचा, उसका मुनाफा हो गया, तो offence क्या है, जब हम पूछते थे तो कहते थे यह तो Crony Capitalism है, इसकी तो जांच होनी चाहिए, कमिशन बैठना चाहिए, तो मैं पूछ रहा हूं अमित शाह जी से और प्रधानमंत्री – प्रधानसेवक से कि चलो देश की सेवा करो, rule of law को uphold करो, यही पूछ रहा हूं मैं। offence तो तब पता चलेगा जब ये पता चलेगा कि लोन क्यों दिया गया, किसके टेलीफोन से दिया गया, कौन से मोबाइल पर फोन हुआ, किसकी अनुमति थी, कोऑपरेटिव बैंक ने 25 करोड़ का लोन क्यों दिया जब collateral ही 7 करोड़ का था सिक्योरिटी ही 7 करोड़ की थी और यह तो जाँच से पता चलेगा और आप थोड़ा बहुत TV चैनल पर दिखा देंगे तो जाँच भी शुरू हो जाएगी और अगर आप दिखाएंगे नहीं तो जनता को कैसे पता चलेगा, इसीलिए आप प्लीज दिखाइएगा ताकि इसकी जांच शुरु हो जाए।


क्या कांग्रेस पार्टी यह मांग करेगी कि जो दोनों मामले हैं इनकी CBI और  ED द्वारा जांच की जाए, श्री कपिल सिब्बल ने कहा हां बिल्कुल होनी चाहिए। हम तो आग्रह करेंगे प्रधानमंत्री जी से क्योंकि आप प्रधान सेवक हो जनता के assets को आप protect करते हो और हमेशा कहते हो की ना मैं खाऊंगा न खाने दूंगा तो आप मत खाने दीजिए, आप मत खाने दीजिए, यहां पर आग्रह है क्योंकि आप ही कहते थे, और आपकी बातों पर तो सारे हिंदुस्तान की जनता विश्वास करती है, नहीं करती क्या?


To a another question that in the run up to 2014 election, PM used to talk about the ‘Daamad Model of Business’, what will the Congress Party now say, Shri Kapil Sibal said, this is the ‘Shah Model of Business’, और अभी तो बहुत चीज़े उजागर होंगी। तो शाह लोग बड़े लोग होते है, बहादुर शाह ज़फर, ये बड़े-बड़े लोग थे। राजा थे, महाराजा थे।


On the question on the reaction of the statement of Shri Arun Jaitley in Berkeley about the organizational changes in the Congress Party, Shri Sibal said I think that Mr. Jaitley should know that in order to run the Government, he should have contact with his own Prime Minister. The fact of the matter is that this Government is being run by PM and Shri Amit Shah. First, they should have contacts in their own Government. They do not know when demonetization took place; they only heard it in the TV Channels. They are far removed from their own leader, forget about the ‘Janta’ and as far as Mr. Jaitley is concerned, he must realize that now this Government will realise the pain of the people. When we were informing about in Parliament that Small and Medium sector is being finished, jobs are being finished, the export sector is being finished, refunds are not taking place, and the reverse charge is not working. ….हम ही लोग कहते थे पार्लिमेंट में, क्यों कहते थे, क्योंकि हम जनता के दर्द को जानते थे, जो नॉर्थ ब्लॉक में बैठकर फैसला करेगा उसको जनता से क्या लेना-देना, तो वह खुद ही जनता से दूर है, वो खुद ही  जनता के दर्द से दूर हैं, जो दर्द है जनता का, जो पीड़ा है, वो  कभी पहुंच नहीं सकते जनता के बीच, अगर उनके पास जाओगे, उनकी बात सुनोगे तभी तो बात पहुंचेगी ना, बड़े-बड़े उद्योगपति आपके पास आएंगे, वह तो आपको नार्थ ब्लॉक में जनता के दर्द के बारे में नहीं बताएंगे ना


Sd/-

(S.V. Ramani)

Secretary

 Communication Deptt. 


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